विमानन कंपनी इंडिगो (Indigo) ने कहा कि वायु क्षेत्र के प्रतिबंधों में बदलाव तथा देश और विदेश में हवाई अड्डों पर भीड़-भाड़ की वजह से वह बोइंग 787-9 विमान द्वारा संचालित लंबी दूरी के अपने वाइड-बॉडी नेटवर्क को कम कर रही है।
विमानन कंपनी ने कहा, ‘कनेक्टिंग उड़ान में चूक और लगातार देरी के कारण ग्राहकों को होने वाली असुविधा से बचने के मकसद से इंडिगो ने अपने वाइडबॉडी संचालन के मामले में वक्त की पाबंदी के मद्देनजर परिचालन का भरोसा बहाल करने के वास्ते तत्काल कुछ उपाय करने का फैसला किया है।’ इंडिगो ने कहा कि ये बदलाव इसलिए जरूरी हैं क्योंकि उड़ानें पहले की तुलना में संचालित करने में अधिक वक्त ले रही हैं, जिससे उसके तय कार्यक्रम पर दबाव बढ़ रहा है।
विमानन कंपनी ने बताया कि ब्लॉक टाइम (प्रस्थान हवाई अड्डे पर किसी विमान द्वारा गेट छोड़ने से लेकर गंतव्य पर गेट तक पहुंचने का कुल समय) भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़े वायु क्षेत्र के प्रतिबंधों तथा भारत और विदेश के प्रमुख हवाई अड्डों पर भीड़-भाड़ के कारण बढ़ गया है। उड़ानों के इस लंबे वक्त का इस बात पर असर पड़ा है कि इंडिगो अपने छह बोइंग 787-9 विमानों का कितनी कुशलता से उपयोग कर सकती है। इस संशोधन के तहत इंडिगो 17 फरवरी से दिल्ली-कोपनहेगन मार्ग पर उड़ानों को अगली सूचना तक निलंबित कर देगी।
इंडिगो दिल्ली-मैनचेस्टर सेवा के मामले में भी चरणबद्ध तरीके से फेरे कम कर रही है। इस मार्ग पर प्रति सप्ताह 5 उड़ानों को 7 फरवरी से घटाकर 4 कर दिया जाएगा। इसके बाद 19 फरवरी से सेवाओं में और कमी करते हुए इन्हें प्रति सप्ताह 3 कर दिया जाएगा। कुल मिलाकर विमानन कंपनी की मैनचेस्टर कनेक्टिविटी साप्ताहिक 9 उड़ानों से घटकर 7 रह जाएगी। संचालन के दिनों में इस बदलाव का मकसद तयशुदा कार्यक्रम के वक्त में सुधार करना है।
इसके अलावा दिल्ली-लंदन हीथ्रो मार्ग पर उड़ानें 9 फरवरी से मौजूदा शीतकालीन कार्यक्रम के लिए प्रति सप्ताह 5 से घटाकर 4 कर दी जाएंगी। यह कार्यक्रम मार्च के अंत तक चलेगा। भारतीय विमानन कंपनियों पर वायु क्षेत्र के कई प्रतिबंधों का असर पड़ा है।