निजी जीवन बीमाकर्ताओं को अपने क्रेडिट लाइफ कारोबार में सुधार के शुरुआती संकेत देख रहे हैं। इसका कारण यह है कि वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में ऋणदाताओं का वितरण माइक्रोफाइनैंस क्षेत्र में बढ़ गया है और इस क्षेत्र में दबाव सामान्य होने की ओर बढ़ रहा है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंधन ने कंपनी परिणाम घोषित करने के बाद कार्यक्रम में कहा कि इस तिमाही में माइक्रो फाइनैंस खंड के क्रेडिट लाइफ बिजनेस में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ऑफिसर के मुख्य वित्तीय अधिकारी धीरेन सालियन ने कहा, ‘हम यह देखने लगे हैं कि माइक्रो फाइनैंस संस्थाओं (एमएफआई) के कारोबार में सकारात्मक संकेत आने शुरू हो गए हैं। मैं यह नहीं कहूंगा कि मुश्किल दौर से बाहर आ गए हैं लेकिन यह तीसरी तिमाही से सुधार के संकेत स्पष्ट रूप से आने शुरू हो रहे हैं। आपने यह सुना होगा कि उधारी के कारोबार में मुख्य तौर पर एमएफआई उधारी होती है। जैसे ही वह कारोबार बढ़ना शुरू होता है, हमें स्वाभाविक रूप से उसका लाभ मिलना चाहिए।’
सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में परिसंपत्ति-गुणवत्ता दबाव के बीच मृत्यु दावों में वृद्धि और क्रेडिट लाइफ क्षेत्र में कम अंडरराइटिंग हुई। इससे वित्त वर्ष 25 में बीमाकर्ताओं के कवर किए गए लोगों की संख्या में तेजी से गिरावट आई। क्रेडिट लाइफ इंश्योरेंस आमतौर पर सूक्ष्म वित्त ऋणों के साथ जोड़ा जाता है और उधारकर्ता की मृत्यु की स्थिति में बकाया राशि का निपटान करता है। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंधन ने कहा कि वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में उधारी की सुरक्षा तेजी से बढ़ी है। एमएफआई क्षेत्र में अनुकूल आधार के कारण तेजी आई जबकि गैर-एमएफआई क्षेत्रों में निरंतर स्थिर वृद्धि जारी रही। खुदरा बीमा राशि में नौ महीने की अवधि के दौरान 33 प्रतिशत और वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में 55 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य वित्तीय अधिकारी नीरज शाह ने कहा, ‘क्रेडिट लाइफ ऐसा क्षेत्र है, जो विशुद्ध रूप से सुरक्षा है। यह कुछ ऐसा है जो वास्तव में अच्छा करने लगा है। इस तिमाही में 25 प्रतिशत की वृद्धि और इस अवधि के लिए 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।’ केनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंधन ने यह भी कहा कि जीएसटी के नेतृत्व वाली मांग के अच्छे संकेत अब दिखाई दे रहे हैं। हमारे खुदरा सुरक्षा कारोबार में तिमाही आधार पर लगभग 3 गुना वृद्धि हो रही है।