आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने लाभार्थियों के मुताबिक होने वाले आवास निर्माण (बीएलसी) का सालाना लक्ष्य 350 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। यह मकान प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत बनाए जा रहे हैं।
बजट दस्तावेजों के मुताबिक मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026 में 1,10,000 मकान के निर्माण का लक्ष्य रखा था, जिसे वित्त वर्ष 2027 में बढ़ाकर 5,00,000 आवास कर दिया है। इस कदम से 29.3 लाख लोगों को बेहतर आवास की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पीएमएवाई-यू 2.0 के बजट वित्त वर्ष 2027 में बढ़ाकर 18,625 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान (आरई) में निर्धारित 7,500 करोड़ रुपये से 148 प्रतिशत अधिक है। बजट बढ़ने के बाद मंत्रालय ने अपना लक्ष्य बढ़ाया है।
पीएमएवाई-यू 2.0 की बीएलसी योजना के तहत पात्र परिवारों को 2.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) की श्रेणी में आते हैं। यह धन उन्हें अपनी जमीन पर पक्का मकान बनाने के लिए दिया जाता है।
इस योजना के लाभार्थियों को सभी मौसम में चलने वाला पक्का मकान न्यूनतम 30 वर्गमीटर और अधिकतम 45 वर्गमीटर जमीन पर बनाना होता है। वहीं दूसरी ओर मंत्रालय ने साझेदारी में सस्ता आवास (एएचपी) के तहत 1,50,000 ईडब्ल्यूएस मकान बनाने का लक्ष्य रखा है। इस मॉडल के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की एजेंसियों या निजी डेवलपरों द्वारा बनाई गई परियोजनाओं में आवंटित मकान की खरीद पर वाउचर के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है।