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लेखक : तमाल बंद्योपाध्याय

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: दरों में न करें बदलाव की कोई उम्मीद

वित्त वर्ष 2024 की सितंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिसने विश्लेषकों के अनुमानों को बड़े अंतर से मात दे दी और इस कथ्य की पुष्टि कर दी कि भारत वास्तव में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की दूसरी तिमाही के […]

आज का अखबार, लेख

लंबी अवधि के बॉन्ड के प्रबंधन पर दांव

भारत में हाल में पहला 50 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाला बॉन्ड जारी किया गया जिसे शानदार सफलता माना जा सकता है। बीमा और पेंशन फंडों ने इस दीर्घावधि बॉन्ड को लेने में काफी उत्साह दिखाया। वर्ष 2073 में परिपक्व होने वाले करीब 10,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड की नीलामी में बोली की उच्चतम सीमा […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: फंसे ऋण की वसूली में ‘गांधीगीरी’ की आजमाइश

बैंक एवं वित्तीय संस्थान फंसे ऋण की वसूली के लिए नया एवं अनोखा तरीका अपनाने से पीछे नहीं रहे हैं। कोलकाता स्थित यूको बैंक ने 1 नवंबर को एक परिपत्र जारी कर अपने कर्मचारियों को दीवाली के अवसर पर प्रत्येक शाखा में ऋण नहीं चुकाने वाले शीर्ष 10 चूककर्ताओं (डिफॉल्टर) को मिठाई के साथ शुभकामनाएं […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: राहुल द्रविड़ की तरह लंबी पारी खेलने को तैयार रहें बैंकर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास क्रिकेट प्रेमी हैं और वह चाहते हैं कि बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्रों के मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरे लोग और इस क्षेत्र के हितधारक मशहूर बल्लेबाज राहुल द्रविड़ की तरह लंबी पारी खेलें। पिछले हफ्ते मुंबई में बिज़नेस स्टैंडर्ड के बीएफएसआई सम्मेलन में देश के वित्तीय […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: बैंकों के लिए ‘कासा’ है बेहद खास, शुद्ध ब्याज मार्जिन का नीचे खिसकना अच्छा नहीं

विश्लेषक बैंकों के बहीखाते में कुछ विशेष मानकों पर अधिक गौर करते हैं। अधिकांश बैंकों की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) बढ़ रही है और ऋण खाते में फंसे ऋण का अनुपात कम हो रहा है। यह अच्छा संकेत है मगर चालू एवं बचत खाते (कासा) में कमी और इसके परिणामस्वरूप शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) का […]

आज का अखबार, लेख

RBI की OMO बिक्री से बॉन्ड यील्ड बढ़ने की उम्मीद

अगर हम बॉन्ड कारोबारियों से पूछें कि इन दिनों उनके दिमाग में कौन सी बात सबसे अधिक आ रही है तो अधिकांश यही कहेंगे कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा खुला बाजार परिचालन (ओएमओ) के जरिये सरकारी प्रतिभूतियों की प्रस्तावित बिक्री को लेकर वे ऊहापोह में हैं। तो इसकी शुरुआत कब होगी? RBI ने पिछली […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: बॉन्ड डीलरों के लिए नया मैदान अच्छा या बुरा?

इन दिनों बॉन्ड डीलर (bond dealer) और सभी बैंकों के लेखा विभाग तथा टेक्नालॉजी डिवीजन व्यस्त हैं। कारण कि वे निवेश के वर्गीकरण, मूल्यांकन और परिचालन से जुड़े भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा मानदंडों को लागू करने की तैयारी में जुटे हैं। अगले वित्त वर्ष यानी अप्रैल 2024 से इन मानदंडों को लागू किया […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: बैंकिंग क्षेत्र में इतनी कम क्यों हैं महिलाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की बात कहते हुए राजनीति में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने को लेकर सितंबर में अपील की थी। जुलाई में द न्यू यॉर्कर में लुइजा थॉमस ने लिखा, ‘स्पेन ने 2015 में पहली बार महिला विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया था। इसी वर्ष […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: परेशान हुआ बॉन्ड बाजार

मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद हुई घोषणाएं अनुमानों के अनुरूप ही रहीं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में नीतिगत दरों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ और रीपो रेट दर 6.5 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर रही। आरबीआई ने अपने रुख में भी कोई बदलाव नहीं किया है यानी उसके […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: नीतिगत दर अपरिवर्तित रहने की उम्मीद

अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इस वर्ष के अंत तक ब्याज दर एक बार फिर बढ़ाने के संकेत दिए हैं। मार्च 2022 के बाद से फेडरल रिजर्व मानक या प्रधान उधारी दर 11 बार बढ़ा चुका है। अमेरिका में 1980 के दशक के बाद नीतिगत दर इतनी तेजी से लगातार कभी नहीं बढ़ाई […]

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