वैश्विक बाजार: भारतीय बॉन्ड कितने तैयार
भारत को जेपी मॉर्गन गवर्नमेंट बॉन्ड इंडेक्स-इमर्जिंग मार्केट्स (जीबीआई-ईएम) वैश्विक सूचकांक में शामिल किया गया है। इस वैश्विक सूचकांक में भारत का प्रवेश 28 जून, 2024 से शुरू होगा। जीबीआई-ईएम वैश्विक डायवर्सिफाइड सूचकांक में भारत का भारांश 10 प्रतिशत होगा। लेकिन यह एक ही बार में नहीं होगा। अगले साल जून से हर महीने इसमें […]
बैंकिंग साख: सूक्ष्म वित्त क्षेत्र के लिए नया सवेरा
इस साल जुलाई में अनन्या बिड़ला की स्वतंत्र माइक्रोफिन प्राइवेट लिमिटेड ने सचिन बंसल के नेतृत्व वाली चैतन्य इंडिया फिल्म क्रेडिट लिमिट का अधिग्रहण 1,479 करोड़ रुपये में कर लिया था। सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में यह सबसे बड़े सौदों में शामिल था। इस सौदे के बाद स्वतंत्र गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी- सूक्ष्म वित्त संस्थान (एनबीएफसी-एमएफआई) श्रेणी […]
बैंकिंग साख: रुपये की आगे की राह कितनी दमदार
अगस्त के मध्य में भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपनी स्थानीय मुद्राओं में द्विपक्षीय व्यापार का निपटान शुरू किया। भारत की तरफ से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने अबू धाबी नैशनल ऑयल कंपनी को करोड़ों बैरल तेल की खरीद का भुगतान रुपये में किया। यह भुगतान दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों यानी भारतीय रिजर्व […]
बैंकिंग साख: RBL पर क्यों आ रहा M&M का दिल
करीब एक दशक पहले 24 जून, 2013 को महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनैंशियल सर्विसेज लिमिटेड को शेयर बाजारों में उस समय भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा जब कंपनी के बोर्ड ने फैसला लिया कि वह बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर रहा है । कारोबारी समय के दौरान की गई इस घोषणा के तुरंत […]
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी की तरफ चरणबद्ध तरीके से बढ़ते कदम
पिछले सप्ताह मुझे एक बैंक से एक ई-मेल आई थी। इस ई-मेल में मुझे डिजिटल रुपये (डिजिटल रुपी) की प्रायोगिक पहल में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस ई-मेल में डिजिटल रुपी ऐप पर पंजीयन कराने की विधि और डिजिटल रुपी वॉलेट बनाने से जुड़ी बातों का जिक्र था। मेल के अंत […]
बैंकिंग साख: बैंकों के ‘अच्छे दिन’ आखिर कब तक बने रहेंगे
देश के 32 सूचीबद्ध निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) का संयुक्त शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2023 में 40.56 प्रतिशत बढ़कर 2.29 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। दोनों तरह के बैंकों ने शुद्ध लाभ दर्ज करने में 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है और कुछ बैंकों ने तो […]
बैंकिंग साख: नितिन देसाई मामले से कुछ नए सबक
एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के चेयरमैन और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के खिलाफ पिछले सप्ताह बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। रायगड पुलिस ने इस महीने के शुरू में भारतीय फिल्म उद्योग के मशहूर कला निर्देशक नितिन देसाई की आत्महत्या के मामले में यह प्राथमिकी दर्ज की थी। […]
बैंकिंग साख: नीतिगत दरों में यथास्थिति लेकिन रहेगी सतर्क नजर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को अनुमान के मुताबिक ही एक बार फिर नीतिगत दरों (policy rates) में छेड़छाड़ नहीं करने का निर्णय लिया है। नीतिगत रुख भी अपरिवर्तित रहा और उसने अनुकूलन की व्यवस्था को खत्म करना जारी रखा है। इस नीति के रुझान को किस प्रकार व्याख्यायित किया जाए? यह इस बात […]
Opinion: नीतिगत दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं
बढ़ती महंगाई के खिलाफ लड़ाई जारी रखते हुए अमेरिका के फेडरल रिजर्व ने जुलाई के अंतिम सप्ताह में ब्याज दरें बढ़ा दीं जो 22 साल का उच्चतम स्तर है। मौजूदा चक्र में यह 11 वीं दर वृद्धि है जो 40 वर्षों में लगभग शून्य से मौजूदा वर्तमान स्तर तक फेडरल रिजर्व की सबसे आक्रामक दर […]
बैंकिंग साख: उचित नहीं p2p का एनबीएफसी जैसा आचरण
क्या आप देश की सबसे लचीली निवेश योजना के बारे में जानते हैं? अगर नहीं तो हम आपको बताते हैं कि यह योजना 12 फीसदी का रिटर्न देती है। प्रतिबद्धता अवधि के बाद यहां से फंड कभी भी निकाला जा सकता है। मासिक नकदी प्रवाह में कोई अस्थिरता नहीं होती है और कोई छिपा हुआ […]







