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लेखक : हिमांशी भारद्वाज

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

सब्जियों और खाद्यान्न ने बिगाड़ा बजट: जनवरी में 1.81% के साथ 10 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची WPI दर

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर जनवरी में बढ़कर 10 माह के उच्च स्तर 1.81 प्रतिशत पर पहुंच गई है। खाद्य वस्तुओं में तेजी और मुख्य महंगाई दर अधिक होने से इसे बल मिला है। दिसंबर में सालाना आधार पर […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

एशियाई विकास बैंक का सुझाव: केवल जरूरतमंदों को मिले सब्सिडी, भ्रष्टाचार रोकने के लिए ऑडिट जरूरी

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और पीडब्ल्यूसी के संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि सरकार को सभी लोगों को दी जाने वाली सामान्य सार्वभौमिक सब्सिडी से हटकर केवल जरूरतमंद लोगों को सीधे लक्षित लाभ देने की व्यवस्था अपनानी चाहिए। इस रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि लाभ पाने वालों के लिए सख्त पात्रता नियम […]

आज का अखबार, भारत

कई राज्यों के कर्ज पर नियंत्रण रखने में विफल एफआरएल

भारत के राज्य-स्तरीय राजकोषीय नियमों से समग्र घाटा सुधर गया है लेकिन यह लाभ बेहद कमजोर व असमान है। इसका कारण यह है कि अभी भी प्रमुख राज्य उच्च ऋण स्तरों से जूझ रहे हैं। यह जानकारी विश्व बैंक की 16वें वित्त आयोग को भेजी रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार राजकोषीय जवाबदेही […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, भारत

India-US trade deal: निर्यात बढ़ने और स्थिरता की आस, सरकार के अनुमान से ज्यादा तेज बढ़ सकती है अर्थव्यवस्था

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यात को बढ़ावा मिलने और अर्थव्यवस्था में अधिक स्थिरता आने की उम्मीद है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार इसकी वजह से अगले वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 20 से 40 आधार अंकों की वृद्धि हो सकती है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि अमेरिका के […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

सरकार खर्च करेगी, घाटा भी घटेगा! कैसे?

16वें वित्त आयोग ने केंद्र सरकार के लिए राजकोषीय सुदृढ़ीकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। इसे विकासात्मक प्राथमिकताओं और राजकोषीय विवेक की अनिवार्यताओं के बीच संतुलन बनाकर हासिल किया जा सकता है। इस क्रम में 2025-26 के बजट अनुमानों को आधार वर्ष मानकर 2026-27 से 2030-31 तक 11 प्रतिशत नॉमिनल जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया […]

आज का अखबार, बजट, भारत

16वां वित्त आयोग: राज्यों की कर हिस्सेदारी 41% बरकरार, जीडीपी योगदान बना नया मानदंड

सोलहवें वित्त आयोग ने 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए राज्यों के साथ बांटे जाने वाले कर पूल से स्थानांतरण को 41 फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा है। पिछले वित्त आयोग की रिपोर्ट में भी इसी स्तर की सिफारिश की गई थी। इस बीच अनुदानों में बदलाव किया गया है कर विभाजन […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में 18.3% का इजाफा, बजट बढ़कर ₹35.1 लाख करोड़ पहुंचा

केंद्र सरकार की फंडिंग वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की कुल लागत में दिसंबर में लगभग 18.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, क्योंकि लागत बढ़ने से 1392 परियोजनाओं की 29.7 लाख करोड़ रुपये की मूल लागत का संशोधित अनुमान बढ़कर बढ़कर 35.1 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (मॉस्पी) की 150 […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

राज्यों के पूंजीगत व्यय की धीमी रफ्तार: 9 महीनों में बजट का केवल 46% हुआ खर्च, केंद्र के मुकाबले पिछड़े

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा जारी किए गए 20 राज्यों के मासिक खातों के विश्लेषण के अनुसार, वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों (अप्रैल-दिसंबर) के बाद राज्यों ने अपने संयुक्त वार्षिक बजट पूंजीगत व्यय के केवल 45.8 प्रतिशत या 3.8 लाख करोड़ रुपये खर्च करने में सफलता पाई है जबकि उनका कुल […]

आज का अखबार, बजट

Economic Survey में दो-टूक: ‘रेवड़ी कल्चर’ से राज्यों के विकास पर खतरा, राजस्व घाटे में आएगा भारी उछाल

बढ़ते राजस्व घाटे और बिना शर्त नकद हस्तांतरण (यूसीटी) के कारण महत्त्वपूर्ण पूंजी निवेश के कम होने के खतरे के बीच राज्य सरकारों को वित्तीय लोकलुभावनवाद पर लगाम कसने के बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक समीक्षा 2025-26 में चेतावनी दी गई है और देश की सॉवरिन ऋण लागत तथा दीर्घकालिक विकास […]

अर्थव्यवस्था, ताजा खबरें

GDP गणना में होगा ऐतिहासिक बदलाव: नई QNA सीरीज अगले महीने से लागू, आंकड़ों में आएगी सटीकता

भारत सरकार अगले महीने से नई तिमाही राष्ट्रीय लेखा (QNA) सीरीज शुरू करने वाली है। इसमें GDP के आंकड़ों को ज्यादा सटीक बनाने के लिए कई नए डेटा सोर्स जोड़े गए हैं। जैसे कि GDP का कुल डेटा, जो सामान, सेवाओं और बिजनेस के प्रकार के हिसाब से बांटा गया है। साथ ही ई-वाहन का […]

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