जर्मन कार निर्माता कंपनी ऑडी भारत में अपनी वाहन पेशकशों पर फिर से विचार करेगी और उसे नए सिरे से तय करेगी। कंपनी के भारत में ब्रांड निदेशक बलबीर सिंह ढिल्लों ने मंगलवार को बताया कि जब भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत आयात शुल्क में कटौती से जुड़ी सटीक जानकारी सामने आ जाएगी, तो उसके बाद वाहन पेशकशों की रणनीति पर पुनर्विचार किया जाएगा।
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ढिल्लों ने यहां एसक्यू8 परफॉर्मेंस स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (SUV) पेश करने के बाद बिजनेस स्टैंडर्ड से बात करते हुए कहा कि एफटीए के तहत आयात शुल्क के फाइनल फ्रेमवर्क पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद वाहनों की पेशकश पर पुनर्विचार करना सही होगा। उन्होंने कहा, ‘जब स्पष्ट जानकारी सामने आ जाएगी, तभी हम रणनीति बना पाएंगे।’
भारत-ईयू एफटीए पर इस साल 26 जनवरी को हस्ताक्षर किए गए थे और इसके 2027 की शुरुआत तक मंजूर होने की उम्मीद है। इस समझौते में एक कोटा-आधारित प्रणाली के तहत यूरोपीय कारों पर आयात शुल्क को लगभग 110 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने के प्रावधान हैं। इससे ऑडी जैसी कंपनियां भारत में जिन मॉडलों को ला सकती हैं, उनकी रेंज संभावित रूप से बढ़ जाएगी। हालांकि, अभी अभी इस बारे में सही जानकारी नहीं है।