नौकरी बदलते समय अक्सर कंपनियां कर्मचारी के लिए नया प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ खाता खोल देती हैं। कई वर्षों तक अलग अलग कंपनियों में काम करने के बाद स्थिति यह बन जाती है कि किसी व्यक्ति के कई पीएफ खाते हो जाते हैं। ऐसे में सभी खातों की जानकारी रखना और उनमें जमा रकम को ट्रैक करना मुश्किल हो सकता है। कई बार पुराने अकाउंट इनएक्टिव भी हो जाते हैं, जिन पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगने की स्थिति भी बन सकती है।
हालांकि अब कर्मचारियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से सभी पुराने पीएफ खातों को एक एक्टिव अकाउंट में आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है। सामान्य तौर पर यह प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 20 से 30 दिन का समय लग सकता है।
पीएफ प्रबंधन को आसान बनाने के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी यूएएन की व्यवस्था की गई है। यह 12 अंकों का एक विशेष नंबर होता है जिसे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जारी करता है। यह नंबर कर्मचारी के पूरे कार्यकाल के दौरान वही रहता है।
किसी भी कर्मचारी के अलग अलग नियोक्ताओं के तहत बने सभी पीएफ खाते इसी यूएएन से जोड़े जा सकते हैं। जब कर्मचारी नई कंपनी में जॉइन करता है तो उसे अपना यूएएन नए नियोक्ता को देना चाहिए, ताकि नया पीएफ खाता उसी यूएएन से लिंक हो सके।
सभी खातों को एक ही यूएएन से जोड़ने का फायदा यह है कि कर्मचारी आसानी से अपना बैलेंस देख सकता है, योगदान की जानकारी ट्रैक कर सकता है और जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन ट्रांसफर की प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है।
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पीएफ खातों को मर्ज करने के लिए सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका यूएएन एक्टिव हो और आधार से लिंक हो। इसके अलावा पीएफ पोर्टल पर अपनी केवाईसी जानकारी भी अपडेट रखें। इसमें पैन नंबर, बैंक खाता विवरण और मोबाइल नंबर शामिल होते हैं।
यह भी ध्यान रखें कि आपके नाम, जन्म तिथि या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में किसी भी प्रकार का अंतर होने पर ट्रांसफर अनुरोध अस्वीकार हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले सभी विवरण सावधानी से जांच लेना जरूरी है।
पीएफ खातों को एक खाते में लाने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के मेंबर सेवा पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। इसके लिए यूएएन और पासवर्ड की जरूरत होती है।
लॉग इन करने के बाद ऑनलाइन सर्विसेज सेक्शन में जाएं और वहां “वन मेंबर वन ईपीएफ अकाउंट ट्रांसफर रिक्वेस्ट” विकल्प चुनें। इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाली व्यक्तिगत जानकारी की पुष्टि करें।
अगले चरण में आपको अपने पुराने पीएफ खाते का मेंबर आईडी या यूएएन दर्ज करना होगा, जिससे पहले के खाते की जानकारी सामने आ जाएगी। इसके बाद ट्रांसफर अनुरोध की पुष्टि करनी होगी।
अंत में आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी दर्ज करने के बाद आपका आवेदन सबमिट हो जाएगा और ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
ट्रांसफर अनुरोध जमा होने के बाद सबसे पहले मौजूदा नियोक्ता को इसे सत्यापित करना होता है। नियोक्ता द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन इस अनुरोध को प्रोसेस करता है और पुराने खातों में जमा राशि को मौजूदा खाते में ट्रांसफर कर देता है।
इस प्रक्रिया के बाद कर्मचारी की अलग अलग नौकरियों के दौरान की गई पीएफ जमा राशि एक ही खाते में दिखाई देने लगती है। इससे रिटायरमेंट बचत को ट्रैक करना आसान हो जाता है और कर्मचारी का रोजगार रिकॉर्ड भी लगातार बना रहता है।
कभी कभी नौकरी बदलते समय नया नियोक्ता कर्मचारी का पुराना यूएएन इस्तेमाल नहीं करता और नया यूएएन जारी कर देता है। जबकि नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति के पास केवल एक ही यूएएन होना चाहिए।
अगर आपके पास दो यूएएन हैं तो पहले पुराने यूएएन को निष्क्रिय करवाना जरूरी होगा। इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को ईमेल भेजकर दोनों यूएएन नंबर की जानकारी देनी होती है।
सत्यापन के बाद संगठन पुराने यूएएन को बंद कर देता है। इसके बाद आप सामान्य प्रक्रिया के तहत अपने सभी पीएफ खातों की राशि सक्रिय यूएएन से जुड़े खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता और कर्मचारी इसे घर बैठे ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं।