Stocks To Buy: ईरान और अमेरिका के बीच जंग छिड़ने के बाद से भारतीय शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई है। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत का बाजार मार्केट कैप लगभग 447 अरब डॉलर घटकर 4.7 लाख करोड़ (ट्रिलियन) डॉलर रह गया है। इससे पहले इस तरह की गिरावट कोविड-19 के दौरान मार्च 2020 में देखी गई थी। वैश्विक स्तर पर बाजारों में भारी बिकवाली हो रही है। इस स्थिति के बीच ब्रोकरेज हॉउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने दो शेयरों पर अपनी कवरेज शुरू की है। इन शेयरों में डोम्स इंडस्ट्रीज (Doms Industries) और केफिन टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। ब्रोकरेज का कहना है कि ये शेयर निवेशकों को लॉन्ग टर्म में 20 प्रतिशत तक का रिटर्न दे सकते हैं।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने केफिन टेक्नोलॉजीज पर अपनी रेटिंग को ‘ADD‘ से अपग्रेड कर ‘BUY‘ कर दिया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 1,050 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर निवेशकों को 18 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज ने केफिन टेक्नोलॉजीज को उसके कारोबार में बढ़ोतरी की संभावनाओं के कारण पसंद किया है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की मुख्य ताकत भारत में म्यूचुअल फंड रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट से जुड़ा कारोबार है। इसके साथ-साथ कंपनी का विदेशी बाजारों में कारोबार भी बढ़ने की संभावना है, जिसे अधिग्रहण और साझेदारी से सहारा मिल सकता है।
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ब्रोकरेज के अनुसार, वैकल्पिक निवेश से जुड़े कारोबार और कंपनियों के रिकॉर्ड प्रबंधन से जुड़े काम में भी कंपनी को अवसर मिल रहे हैं। फंड अकॉउंटिंग सर्विसेज, निवेशकों के रिकॉर्ड प्रबंधन और एसेट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में नए प्रोडक्ट और सर्विसेज जोड़ने के साथ-साथ नए ग्राहक मिलने से कंपनी का कारोबार लगातार बढ़ रहा है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने डोम्स इंडस्ट्रीज पर भी अपनी रेटिंग को ‘BUY’ पर अपग्रेड कर दिया है। पहले यह ‘ADD’ थी। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 2,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 20 प्रतिशत ज्यादा है।
ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी की कुल बिक्री में मिडिल ईस्ट को होने वाला निर्यात लगभग 2 प्रतिशत है। हमारा मानना है कि अगर इस क्षेत्र से मांग कुछ कम भी होती है तो कंपनी इसे भारत के घरेलू बाजार या दूसरे निर्यात बाजारों के जरिए पूरा कर सकती है। हालांकि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण सामान की ढुलाई में कुछ दिक्कतें पैदा हुई हैं, जैसे जहाजों की आवाजाही में रुकावट। इससे सप्लाई चेन में थोड़ी अस्थायी परेशानी हो सकती है। लेकिन हमें नहीं लगता कि इससे मांग पर लंबे समय तक कोई बड़ा असर पड़ेगा।
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ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2026 में अपनी आय में 18 से 20 प्रतिशत वृद्धि और परिचालन लाभ मार्जिन 16.5 से 17.5 प्रतिशत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पिछले तीन महीनों में शेयर की कीमत लगभग 20 प्रतिशत गिरने के बाद हमने इस शेयर पर अपनी राय बेहतर कर दी है और अब इसे खरीदने की सलाह दे रहे हैं। हमारा मानना है कि मौजूदा स्तर पर इसमें जोखिम की तुलना में संभावित फायदा ज्यादा दिखाई दे रहा है।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)