facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

PM E-DRIVE योजना के तहत नियमों में ढील, अगस्त अंत तक ‘ट्रैक्शन मोटर’ आयात करने की अनुमति

Advertisement

भारी उद्योग मंत्रालय ने 13 मार्च की अलग-अलग नोटिफिकेशन में ई-ट्रक और ई-बस में उपयोग होने वाली 'ट्रैक्शन मोटर' के आयात को बंद करने की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है

Last Updated- March 16, 2026 | 4:59 PM IST
electric vehicles (ev)
ई-बस और ई-ट्रक कैटेगरी में उपयोग होने वाली 'ट्रैक्शन मोटर' के स्थानीय विनिर्माण की समयसीमा दूसरी बार बढ़ाई गई है।

सरकार ने 10,900 करोड़ रुपये की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत फेजबेस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रोगाम के तहत लोकलाइजेशन से जुड़े नियमों में ढील देते हुए इलेक्ट्रिक बस एवं ट्रक मैन्युफैक्चरर को बड़ी राहत दी है। इसके तहत उन्हें 31 अगस्त तक दुर्लभ खनिजों वाले ‘ट्रैक्शन मोटर’ आयात करने की अनुमति दी गई है।

‘ट्रैक्शन मोटर’ आयात करने की समयसीमा बढ़ी

भारी उद्योग मंत्रालय ने 13 मार्च की अलग-अलग नोटिफिकेशन में ई-ट्रक (N2/N3) और ई-बस (M2/M3) में उपयोग होने वाली ‘ट्रैक्शन मोटर’ के आयात को बंद करने की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है। इस फैसले से मैन्युफैक्चरर को कलपुर्जों की कमी से राहत मिलने की उम्मीद है।

ई-बस और ई-ट्रक कैटेगरी में उपयोग होने वाली ‘ट्रैक्शन मोटर’ के स्थानीय विनिर्माण की समयसीमा दूसरी बार बढ़ाई गई है। इससे पहले पिछले साल सितंबर में केंद्र सरकार ने इसे मार्च, 2026 तक टाल दिया था।

Also Read: सरकार का बड़ा फैसला: पड़ोसी देशों के निवेशकों को ऑटोमैटिक रूट से 10% हिस्सेदारी की मंजूरी

‘ट्रैक्शन मोटर’ के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

फेजबेस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रोगाम के तहत ‘पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट’ (पीएम ई-ड्राइव) योजना में यह प्रावधान है कि ‘ट्रैक्शन मोटर’ की मैन्युफैक्चरिंग में कम से कम चुंबक फिटिंग, रोटर असेंबली को मोटर में लगाना, स्टेटर असेंबली लगाना, शाफ्ट फिटिंग, बेयरिंग फिटिंग, एनक्लोजर फिटिंग, कनेक्टर फिटिंग और केबल फिटिंग जैसे काम देश में ही किए जाएं। अब यह प्रावधान एक सितंबर, 2026 से लागू किया जाएगा।

चीन पर निर्भरता घटाने की कोशिश

सरकार इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक, एरोनॉटिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर्स की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए दुर्लभ खनिजों के आयात को लेकर चीन पर निर्भरता कम करने के उपाय कर रही है। हालांकि, अब तक स्थिर सप्लाई चेन सुनिश्चित करना एक चुनौती बना हुआ है। केंद्र सरकार ने 7,280 करोड़ रुपये की लागत से ‘सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट’ (आरईपीएम) विनिर्माण प्रोत्साहन योजना को भी नोटिफाई किया है।

(PTI इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - March 16, 2026 | 4:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement