अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन 4.9% बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना ग्रोथ इंजन
भारत का औद्योगिक उत्पादन अप्रैल में 4.9 प्रतिशत बढ़ा है, जिसमें 2022-23 का नया आधार वर्ष रखा गया है। यह आंकड़ा मार्च के संशोधित 3.2 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है। आधार वर्ष को संशोधित कर 2022-23 करने और सूचकांक में शामिल मदों को व्यवस्थित करने के बाद पहली बार यह आंकड़ा सोमवार को जारी किया […]
नई IIP सीरीज क्यों है अहम, सरकार और निवेशकों को क्या मिलेगा फायदा
भारत के औद्योगिक गतिविधि के मासिक आकलन में सोमवार से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दरअसल, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की नई श्रृंखला पेश कर रहा है। इसमें आधार वर्ष को 2011-12 की श्रृंखला से संशोधित करके 2022-23 (वित्त वर्ष 23) कर दिया जाएगा। आधार वर्ष 2011-12 […]
चौथी तिमाही में सुस्त पड़ सकती है आर्थिक वृद्धि की रफ्तार, उच्च आवृत्ति संकेतकों में नरमी
उच्च आवृत्ति वाले संकेतकों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में देश की आर्थिक वृद्धि में तीसरी तिमाही की तुलना में कमी आने की आशंका है। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से मार्च में आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान आने और वृद्धि पर दबाव से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) […]
आय सर्वेक्षण में लोगों की झिझक बड़ी चुनौती, विदेशी मॉडल्स से सीखने की तैयारी में भारत
भारत के राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (एनएचआईएस) 2026 के पायलट सर्वेक्षण में 95 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने आय संबंधी सवालों को संवेदनशील पाया है, वहीं सांख्यिकी मशीनरी सर्वेक्षण डिजाइन ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के सर्वेक्षणों के अनुभवों से प्रेरणा ले रहा है। इन देशों के अनुभव भारत के लिए परखा हुआ लेकिन […]
गांवों से शहरों तक नौकरी की बाढ़, असंगठित सेक्टर में 15 करोड़ रोजगार का आंकड़ा पहली बार पार
भारत के असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र में रोजगार पहली बार जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में 15 करोड़ के पार चला गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के गुरुवार को जारी असंगठित क्षेत्र के उद्यमों के तिमाही बुलेटिन के अनुसार असंगठित गैर कृषि क्षेत्र में रोजगार बीते साल की इस तिमाही के 13.13 करोड़ से 15.51 प्रतिशत बढ़कर […]
युद्ध खत्म होने के बाद भी भारत की अर्थव्यवस्था पर क्यों बना रहेगा बड़ा खतरा
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन एस महेंद्र देव ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध भारत की राजकोषीय अर्थव्यवस्था, आपूर्ति श्रृंखला और तेल बाजार पर असर डालेगा, भले ही संघर्ष जल्द समाप्त हो जाए। नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनैंस ऐंड पॉलिसी (एनआईपीएफपी) के स्वर्ण जयंती सम्मेलन के दौरान बोलते हुए देव […]
सरकारी पैसे और बाजार की पारदर्शिता बचाने के लिए CAG-CCI साझेदारी जरूरी: संजय मूर्ति
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी)संजय मूर्ति ने बुधवार को सीएजी और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के बीच मजबूत संस्थागत साझेदारी का आह्वान किया। उन्होंने तर्क दिया कि ऑडिट के निष्कर्ष और प्रतिस्पर्धा प्रवर्तन भारत के सार्वजनिक वित्त और बाजार की अखंडता की रक्षा के लिए पूरक हैं। सीसीआई के 17वें वार्षिक समारोह में मूर्ति ने […]
कोर सेक्टर की रफ्तार में हल्का सुधार, ऊर्जा संकट का दबाव बरकरार
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले महीने में भारत के 8 मुख्य क्षेत्रों की संचयी वृद्धि 50 आधार अंक बढ़कर 1.7 प्रतिशत हो गई, जो मार्च के1.2 प्रतिशत से अधिक है। उर्वरक क्षेत्र में संकुचन के कम होने के साथ ही इस्पात और बिजली क्षेत्र में मजबूत वृद्धि से इसे समर्थन मिला है, जिनका आठ मुख्य […]
प्रति व्यक्ति आय में पीछे लेकिन विकास की रफ्तार में राष्ट्रीय औसत से आगे निकले बिहार और मध्य प्रदेश
देश के सबसे कम आय वाले राज्यों में बिहार और मध्य प्रदेश विकास के मामले में अपनी प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों से कहीं बेहतर तस्वीर पेश कर रहे हैं। धन प्रबंधन फर्म क्लाइंट एसोसिएट्स की 30 राज्यों की 9 मानकों पर तैयार रिपोर्ट में यह निष्कर्ष सामने आया है। इस रिपोर्ट के अनुसार बिहार […]
20 राज्यों ने खर्च किया पूंजीगत बजट का 77%, कई राज्य पीछे
वित्त वर्ष 2026 में 20 राज्यों ने अपने कुल वार्षिक पूंजीगत व्यय आवंटन 10.26 लाख करोड़ रुपये में से 77.23 फीसदी का उपयोग किया, जो 7.92 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। इसकी जानकारी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा जारी मासिक खातों के विश्लेषण से मिली है। यह वित्त वर्ष 2025 की तुलना में […]








