खाड़ी संघर्ष से महंगे हो रहे फर्टिलाइजर और तेल, भारत के राजकोष और वृद्धि अनुमान पर बढ़ा दबाव
पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबा चलने की स्थिति में भारत की अर्थव्यवस्था पर राजकोषीय दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार वित्त वर्ष 27 में राजस्व संग्रह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ-साथ खाद्य पदार्थों और उर्वरकों पर सब्सिडी का खर्च भी बढ़ सकता है। पश्चिम एशिया में संघर्ष इस महीने की शुरुआत में छिड़ा […]
जनवरी में केंद्र के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की लागत 16.4% बढ़ी, जल संसाधन और टेलीकॉम में सबसे ज्यादा वृद्धि
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की कुल लागत जनवरी में 16.4 प्रतिशत बढ़ी है। लागत बढ़ने से चल रही 1702 परियोजनाओं की संशोधित लागत उनकी मूल लागत 33.7 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 39.2 लाख […]
सुस्त पड़ा राज्यों का पूंजीगत व्यय! 10 महीनों में बजट का सिर्फ 51% हुआ खर्च, CAG रिपोर्ट में खुलासा
भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा जारी 23 राज्यों के मासिक खातों के विश्लेषण के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 10 महीनों (अप्रैल-जनवरी) में राज्यों ने साल के बजट में निर्धारित 10.37 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय में से केवल आधे से थोड़ा अधिक 5.38 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह […]
औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार सुस्त: जनवरी में IIP गिरकर 3 महीने के निचले स्तर 4.8% पर पहुंचा
भारत के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर जनवरी में घटकर 3 महीने के निचले स्तर 4.8 प्रतिशत पर आ गई। यह दिसंबर के 26 माह के उच्च स्तर 8 प्रतिशत की तुलना में काफी कम है। खनन, बिजली और विनिर्माण क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन से वृद्धि दर में नरमी आई। साथ ही आधार का भी […]
GDP Rebasing: नए आधार वर्ष से GDP की नई सीरीज तैयार, पर WPI को लेकर अर्थशास्त्रियों में मतभेद
भारत इसी शुक्रवार अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आधार वर्ष 2011-12 से बदल 2022-23 करने जा रहा है। लेकिन अर्थशास्त्री इस बात पर एकमत नहीं है कि थोक मूल्य सूचकांक (सीपीआई) का आधार वर्ष साथ में नहीं बदले जाने से वास्तविक वृद्धि के अनुमान में गड़बड़ी हो सकती है या नहीं। सांख्यिकी व कार्यक्रम […]
नई जीडीपी सीरीज में बड़ा बदलाव, अब बदलेगी विकास दर की तस्वीर
देश की सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी (GDP) की नई सीरीज अगले सप्ताह जारी होने वाली है। इससे पहले सांख्यिकी मंत्रालय ने राष्ट्रीय आय के आकलन को अधिक सटीक, स्थिर और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में अहम बदलावों का संकेत दिया है। खास तौर पर महंगाई के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों को […]
नई जीडीपी सीरीज में सरकारी आवास सुविधा को वेतन का हिस्सा माना जाएगा, PFCE में भी जोड़ा जाएगा
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) देश में परिवारों के खपत रुझान को और विस्तार से समझने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के तहत नई श्रेणी लाने की तैयारी कर रहा है। इस नई श्रृंखला में वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष बनाया जाएगा। यह जानकारी जीडीपी में पद्धतिगत सुधारों पर बनी उप-समिति की रिपोर्ट में दी […]
सब्जियों और खाद्यान्न ने बिगाड़ा बजट: जनवरी में 1.81% के साथ 10 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची WPI दर
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर जनवरी में बढ़कर 10 माह के उच्च स्तर 1.81 प्रतिशत पर पहुंच गई है। खाद्य वस्तुओं में तेजी और मुख्य महंगाई दर अधिक होने से इसे बल मिला है। दिसंबर में सालाना आधार पर […]
एशियाई विकास बैंक का सुझाव: केवल जरूरतमंदों को मिले सब्सिडी, भ्रष्टाचार रोकने के लिए ऑडिट जरूरी
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और पीडब्ल्यूसी के संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि सरकार को सभी लोगों को दी जाने वाली सामान्य सार्वभौमिक सब्सिडी से हटकर केवल जरूरतमंद लोगों को सीधे लक्षित लाभ देने की व्यवस्था अपनानी चाहिए। इस रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि लाभ पाने वालों के लिए सख्त पात्रता नियम […]
कई राज्यों के कर्ज पर नियंत्रण रखने में विफल एफआरएल
भारत के राज्य-स्तरीय राजकोषीय नियमों से समग्र घाटा सुधर गया है लेकिन यह लाभ बेहद कमजोर व असमान है। इसका कारण यह है कि अभी भी प्रमुख राज्य उच्च ऋण स्तरों से जूझ रहे हैं। यह जानकारी विश्व बैंक की 16वें वित्त आयोग को भेजी रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार राजकोषीय जवाबदेही […]









