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भारत-GCC ट्रेड डील पर लगा ब्रेक! पश्चिम एशिया संकट के कारण FTA वार्ता की रफ्तार हुई सुस्त

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पश्चिम एशिया युद्ध के कारण भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत सुस्त पड़ गई है। नीति आयोग ने रत्न-आभूषण क्षेत्र में गिरती वैश्विक हिस्सेदारी पर भी चिंता जताई है

Last Updated- April 20, 2026 | 10:36 PM IST
free trade agreement (fta)
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

नीति आयोग ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण प्रस्तावित भारत-गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर प्रगति की गति सुस्त हो गई है।  

नीति आयोग की ओर से सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए जारी तिमाही व्यापार रिपोर्ट में कहा गया है, ‘खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए ऊर्जा आयात, निर्यात और प्रेषण के मामले में एक महत्त्वपूर्ण भागीदार है। साथ ही व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी इलाके से होकर गुजरता है।

 पश्चिम एशिया की भारत के ऊर्जा आयात और विदेश में काम करने वाले कर्मचारियों के जुड़ाव में अहम हिस्सेदारी है। एफटीए पर चल रही बातचीत बाजार तक पहुंच बढ़ाने, व्यापार में विविधता लाने और निर्यात वृद्धि को मजबूत करने के प्रयासों को दर्शाती है।’

रिपोर्ट में कहा गया है कि रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत करने के लिए ज्यादा मूल्य संवर्धन करने और बाजार के व्यापक विविधीकरण को ध्यान में रखते हुए बदलाव करने की जरूरत है।  

रिपोर्ट के मुताबिक इस क्षेत्र से निर्यात से बेहतरीन आमदनी होती है और इसमें 50 लाख से ऊपर श्रमिकों को कारोबार मिला हुआ है।

इस रिपोर्ट में रत्न एवं आभूषण क्षेत्र की बुनियादी मजबूती दिखाई गई है, साथ ही इसकी ढांचागत खामियों को भी उजागर किया गया है। रत्न एवं आभूषण के 378 अरब डॉलर के वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी 7.8 प्रतिशत है, वहीं रॉ गोल्ड को शामिल करके कुल मिलाकर इसकी वैश्विक हिस्सेदारी 2015 के 6.1 प्रतिशत से घटकर 2024 में 2.9 प्रतिशत रह गई है।

 रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हालांकि भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र में प्रसंस्करण, पैमाना और रोजगार के हिसाब से मजबूत स्थिति है, लेकिन सीमित मूल्य संवर्धन, वैश्विक व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ाव कमजोर होने, वित्त, बुनियादी ढांचे और नीतिगत ढांचे में संरचनात्मक अक्षमता से इसमें बाधा उत्पन्न होती है।  रिपोर्ट में गिरावट की वजह कई संरचनात्मक कमजोरियों को बताया गया है।

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First Published - April 20, 2026 | 10:09 PM IST

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