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लेखक : हिमांशी भारद्वाज

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, उद्योग

औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार सुस्त: जनवरी में IIP गिरकर 3 महीने के निचले स्तर 4.8% पर पहुंचा

भारत के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर जनवरी में घटकर 3 महीने के निचले स्तर 4.8 प्रतिशत पर आ गई। यह दिसंबर के 26 माह के उच्च स्तर 8 प्रतिशत की तुलना में काफी कम है। खनन, बिजली और विनिर्माण क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन से वृद्धि दर में नरमी आई। साथ ही आधार का भी […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

GDP Rebasing: नए आधार वर्ष से GDP की नई सीरीज तैयार, पर WPI को लेकर अर्थशास्त्रियों में मतभेद

भारत इसी शुक्रवार अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आधार वर्ष 2011-12 से बदल 2022-23 करने जा रहा है। लेकिन अर्थशास्त्री इस बात पर एकमत नहीं है कि थोक मूल्य सूचकांक (सीपीआई) का आधार वर्ष साथ में नहीं बदले जाने से वास्तविक वृद्धि के अनुमान में गड़बड़ी हो सकती है या नहीं। सांख्यिकी व कार्यक्रम […]

अर्थव्यवस्था

नई जीडीपी सीरीज में बड़ा बदलाव, अब बदलेगी विकास दर की तस्वीर

देश की सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी (GDP) की नई सीरीज अगले सप्ताह जारी होने वाली है। इससे पहले सांख्यिकी मंत्रालय ने राष्ट्रीय आय के आकलन को अधिक सटीक, स्थिर और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में अहम बदलावों का संकेत दिया है। खास तौर पर महंगाई के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों को […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

नई जीडीपी सीरीज में सरकारी आवास सुविधा को वेतन का हिस्सा माना जाएगा, PFCE में भी जोड़ा जाएगा

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) देश में परिवारों के खपत रुझान को और विस्तार से समझने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के तहत नई श्रेणी लाने की तैयारी कर रहा है। इस नई श्रृंखला में वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष बनाया जाएगा। यह जानकारी जीडीपी में पद्धतिगत सुधारों पर बनी उप-समिति की रिपोर्ट में दी […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

सब्जियों और खाद्यान्न ने बिगाड़ा बजट: जनवरी में 1.81% के साथ 10 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची WPI दर

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर जनवरी में बढ़कर 10 माह के उच्च स्तर 1.81 प्रतिशत पर पहुंच गई है। खाद्य वस्तुओं में तेजी और मुख्य महंगाई दर अधिक होने से इसे बल मिला है। दिसंबर में सालाना आधार पर […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

एशियाई विकास बैंक का सुझाव: केवल जरूरतमंदों को मिले सब्सिडी, भ्रष्टाचार रोकने के लिए ऑडिट जरूरी

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और पीडब्ल्यूसी के संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि सरकार को सभी लोगों को दी जाने वाली सामान्य सार्वभौमिक सब्सिडी से हटकर केवल जरूरतमंद लोगों को सीधे लक्षित लाभ देने की व्यवस्था अपनानी चाहिए। इस रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि लाभ पाने वालों के लिए सख्त पात्रता नियम […]

आज का अखबार, भारत

कई राज्यों के कर्ज पर नियंत्रण रखने में विफल एफआरएल

भारत के राज्य-स्तरीय राजकोषीय नियमों से समग्र घाटा सुधर गया है लेकिन यह लाभ बेहद कमजोर व असमान है। इसका कारण यह है कि अभी भी प्रमुख राज्य उच्च ऋण स्तरों से जूझ रहे हैं। यह जानकारी विश्व बैंक की 16वें वित्त आयोग को भेजी रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार राजकोषीय जवाबदेही […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, भारत

India-US trade deal: निर्यात बढ़ने और स्थिरता की आस, सरकार के अनुमान से ज्यादा तेज बढ़ सकती है अर्थव्यवस्था

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यात को बढ़ावा मिलने और अर्थव्यवस्था में अधिक स्थिरता आने की उम्मीद है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार इसकी वजह से अगले वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 20 से 40 आधार अंकों की वृद्धि हो सकती है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि अमेरिका के […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

सरकार खर्च करेगी, घाटा भी घटेगा! कैसे?

16वें वित्त आयोग ने केंद्र सरकार के लिए राजकोषीय सुदृढ़ीकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। इसे विकासात्मक प्राथमिकताओं और राजकोषीय विवेक की अनिवार्यताओं के बीच संतुलन बनाकर हासिल किया जा सकता है। इस क्रम में 2025-26 के बजट अनुमानों को आधार वर्ष मानकर 2026-27 से 2030-31 तक 11 प्रतिशत नॉमिनल जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया […]

आज का अखबार, बजट, भारत

16वां वित्त आयोग: राज्यों की कर हिस्सेदारी 41% बरकरार, जीडीपी योगदान बना नया मानदंड

सोलहवें वित्त आयोग ने 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए राज्यों के साथ बांटे जाने वाले कर पूल से स्थानांतरण को 41 फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा है। पिछले वित्त आयोग की रिपोर्ट में भी इसी स्तर की सिफारिश की गई थी। इस बीच अनुदानों में बदलाव किया गया है कर विभाजन […]

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