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लेखक : हिमांशी भारद्वाज

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, भारत

राज्यों का पूंजीगत व्यय सुस्त: अप्रैल-अक्टूबर में सिर्फ 33.5% खर्च, केंद्र से काफी पीछे

देश के 19 राज्यों ने जारी वित्त वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 26) में अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में बजट के पूंजीगत व्यय का 33.5 प्रतिशत खर्च किया है। यह जानकारी भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक ने 19 राज्यों के मासिक लेखा रिपोर्ट के विश्लेषण में दी। दरअसल उपलब्ध 19 राज्यों के आंकड़े में […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, समाचार

खपत देगी भारत की वृद्धि को रफ्तार: S&P ग्लोबल

भारत की वृद्धि इस वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में निवेश की तुलना में कहीं खपत पर निर्भर करेगी। घरेलू खपत कम बढ़ने की उम्मीद है। इसका कारण जीएसटी दरों में कमी, आयकर में कटौती व ब्याज दरों में गिरावट है। यह जानकारी एसऐंडपी ग्लोबल ने दी। रेटिंग एजेंसी ने अपनी एशिया प्रशांत क्षेत्र […]

आज का अखबार, भारत

4 नए लेबर कोड आज से लागू: कामगारों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा, मौजूदा श्रम कानून बनेंगे सरल

सरकार ने ऐतिहासिक फैसले में चार श्रम संहिताओं को तत्काल प्रभाव से लागू करने की आज घोषणा की। संसद द्वारा मौजूदा 29 श्रम कानूनों में सुधार और उन्हें एकीकृत कर बनाई गई चार श्रम संहिताओं को पारित किए जाने के 5 साल बाद सरकार ने इसे अधिसूचित कर दिया। इन चार श्रम संहिताओं में वेतन […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

राज्यों के पास विकास पर खर्च करने के लिए घटा धन, आय का 62% वेतन-पेंशन और ब्याज में लग रहा

भारत के राज्य पैसे की भारी कमी का सामना कर रहे हैं और महत्त्वपूर्ण विकास कार्यक्रमों के लिए धन मुहैया कराने की उनकी क्षमता प्रभावित हो रही है। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च की रिपोर्ट ‘राज्यों के वित्त की स्थिति 2025’ में कहा गया है कि ऐसी स्थिति इसलिए बनी, क्योंकि वित्त वर्ष 2024 में उनकी राजस्व […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, भारत

प्रोत्साहन के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नहीं आ रही तेजी, क्षेत्रीय क्लस्टर पर जोर जरूरी: सुमन बेरी

नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने आज कहा कि समावेशी विकास के मामले में भारत के मजबूत रिकॉर्ड के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र में अभी भी जोरदार तेजी नहीं आ रही है। औद्योगिक विकास अध्ययन संस्थान (आईएसआईडी) द्वारा भारत के औद्योगिक परिवर्तन पर आयोजित एक कार्यक्रम में बेरी ने कहा कि भारत ने बुनियादी ढांचे, […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

लगातार तीन तिमाहियों की बढ़त के बाद कारोबारी धारणा में गिरावट

दिल्ली के थिंक टैंक नैशनल काउंसिल ऑफ अप्लायड इकनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) द्वारा कराए गए सर्वे से पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून तिमाही) की तुलना में दूसरी तिमाही (सितंबर तिमाही) में भारत की कारोबारी धारणा में कमी आई है। लगातार तीन तिमाहियों तक कारोबार धारणा में सुधार के बाद यह […]

आज का अखबार, कमोडिटी

सितंबर में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई में कमी आई

भारत के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई सितंबर में गिरकर 0.13 प्रतिशत हो गई। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के मंगलवार को जारी आंकड़े के अनुसार थोक महंगाई अगस्त में चार महीने के उच्च स्तर 0.52 प्रतिशत पर थी। भारत में थोक मूल्य महंगाई को थोक मूल्य सूचकांक के रूप में मापा जाता है। […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

Retail Inflation: सितंबर में खुदरा महंगाई घटकर 1.54% रही, 8 साल में सबसे कम

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में घटकर 1.54 फीसदी रह गई जो अगस्त में 2.07 फीसदी थी। खुदरा मुद्रास्फीति दर जून 2017 के बाद से सबसे कम है। अनुकूल आधार प्रभाव तथा सब्जियों और दालों सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण मुद्रास्फीति में कमी आई है। इस साल यह दूसरा […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

राज्यों ने 5 महीनों में पूंजीगत व्यय का सिर्फ 27% खर्च किया, उधारी में तेज उछाल

राज्यों ने वित्त वर्ष 26 में अप्रैल से अगस्त के दौरान अपने पूंजीगत व्यय के बजट का 27 प्रतिशत खर्च किया। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की 20 राज्यों की मासिक लेखा रिपोर्ट के विश्लेषण के अनुसार इस अवधि में राज्यों के पूंजीगत व्यय में सालाना आधार पर 13.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। […]

अर्थव्यवस्था, समाचार

रेटिंग एजेंसियों का अनुमान: राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर लेगी सरकार

रेटिंग एजेंसियों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष 2026 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को बनाए रखेगी। एजेंसियों का कहना है कि भले ही सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों को कम किया है, जिससे राजकोष पर जीडीपा का करीब 0.2 फीसदी […]

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