भारत में बेरोजगारी दर दिसंबर में मामूली रूप से बढ़कर 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गई, इसके बावजूद यह 8 महीने में दूसरा निचला स्तर है। श्रम बल और श्रमबल हिस्सेदारी 2025-26 में बढ़कर अपने उच्चतम स्तर पर है, जिससे बढ़ते श्रम बाजार और नौकरियों का पता चलता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से गुरुवार को जारी मासिक ‘आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण’ (पीएलएफएस) रिपोर्ट से यह पता चलता है। नवंबर में बेरोजगारी तर घटकर 8 माह के निचले स्तर 4.7 प्रतिशत पर थी।
एनएसओ के मुताबिक दिसंबर महीने में शहरी बेरोजगारी दर बढ़कर 6.7 प्रतिशत हो गई है, जो इसके पहले महीने के 6.5 प्रतिशत से मामूली अधिक है। बहरहाल ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है और दिसंबर में लगातार दूसरे महीने में भी 3.9 प्रतिशत बनी हुई है।
सीडब्ल्यूएस में गतिविधियों की स्थिति का निर्धारण सर्वे की तिथि से पहले के 7 दिन के मुताबिक किया जाता है। इसके तहत एक व्यक्ति को तब बेरोजगार माना जाता है, अगर उसने संदर्भ सप्ताह में किसी भी दिन कम से कम एक घंटे काम नहीं किया होता है।
कुल मिलाकर महिलाओं और पुरुषों में बेरोजगारी दर मामूली बढ़कर दिसंबर में क्रमशः 4.7 प्रतिशत और 4.9 प्रतिशत हो गई है, जो इसके पहले महीने में क्रमशः 4.6 प्रतिशत और 4.8 प्रतिशत थी। बहरहाल श्रम बल हिस्सेदारी दर (एलएफपीआर), जिससे काम कर रहे या काम की तलाश कर रहे लोगों की संख्या जानी जाती है, बढ़कर दिसंबर में 9 माह के उच्च स्तर 56.1 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो नवंबर में 55.8 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में आंकड़े 58.6 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत हो गए हैं, जबकि शहरी इलाकों में 50.4 प्रतिशत से मामूली घटकर 50.2 प्रतिशत रह गए हैं।
एनएसओ ने पाया, ‘15 साल या इससे ऊपर के उम्र समूह की महिलाओं का एलएफपीआर जून 2025 से बढ़े स्तर पर बना हुआ है और दिसंबर 2025 में यह 35.5 प्रतिशत था। यह साल का सबसे ऊपरी स्तर है।’
काम की तलाश कर रहे लोगों में रोजगार प्राप्त लोगों के मापन करने वाला वर्कर पॉपुरेशन रेशियो (डब्ल्यूपीआर) दिसंबर में बढ़कर 53.4 प्रतिशत हो गया है, जो नवंबर में 53.2 प्रतिशत था।
ग्रामीण महिला और पुरुष कार्यबल हिस्सेदारी दिसंबर में बढ़ी है और यह क्रमशः 76 प्रतिशत और 38.6 प्रतिशत हो गई है, जो इसके पहले महीने में क्रमशः 75.4 प्रतिशत और 38.4 प्रतिशत थी।
पीएलएफ के लिए नमूने एकत्र करने के तरीके में एनएसओ ने जनवरी 2025 से बदलाव किया है।