IT सेक्टर की नामी कंपनी बॉश लिमिटेड के शेयरों पर अगले हफ्ते बाजार के निवेशकों की खास नजर रहने वाली है। बेंगलुरु हेडक्वाटर वाली इस टेक कंपनी के फाइनल डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट काफी करीब आ चुकी है। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 270 रुपये (10 रुपये प्रति शेयर के फेस वैल्यू पर 2700 फीसदी) का भारी-भरकम फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इसके लिए एक्स-डेट मंगलवार, 4 अगस्त 2026 तय की गई है।
भारतीय शेयर बाजार में टी+1 (T+1) सेटलमेंट नियम लागू होने की वजह से, अगर कोई निवेशक इस डिविडेंड का फायदा उठाना चाहता है तो उसे सोमवार, 3 अगस्त 2026 तक कंपनी के शेयर खरीदने होंगे। कंपनी की आगामी 74वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 11 अगस्त 2026 को तय है, जहां शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद ही डिविडेंड पास किया जाएगा।
शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबक, 4 अगस्त को कारोबारी समय खत्म होने तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज होंगे, वे ही इस डिविडेंड के हकदार माने जाएंगे। डिमैट रूप में शेयर रखने वालों को NSDL और CDSL के दिए गए रिकॉर्ड के आधार पर पेमेंट मिलेगा, जबकि फिजिकल शेयरधारकों के नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रजिस्टर में दर्ज होने चाहिए। शेयरधारकों की मंजूरी के बाद डिविडेंड का पैसा 14 अगस्त 2026 या उसके बाद निवेशकों को भेजी जाएगी।
बॉश का डिविडेंड देने का इतिहास बेहद मजबूत रहा है। इससे पहले कंपनी ने साल 2025 में 512 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। वहीं साल 2024 में कंपनी ने 170 रुपये का फाइनल और फरवरी में 205 रुपये का अंतरिम डिविडेंड बांटा था, जबकि 2023 में 280 रुपये का फाइनल डिविडेंड जारी किया था।
कंपनी के तिमाही प्रदर्शन की बात करें तो वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का कामकाज काफी मजबूत रहा है। इस दौरान ऑपरेशन्स से रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.3 प्रतिशत बढ़कर 5,566 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, वहीं नेट प्रॉफिट 2 फीसदी की बढ़त के साथ 569 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी का EBITDA 21 प्रतिशत बढ़कर 782 करोड़ रुपये हो गया और एबिटडा मार्जिन पिछले साल के 13.2 फीसदी से सुधरकर 14 फीसदी पर आ गया। इस ग्रोथ को मुख्य रूप से मोबिलिटी बिजनेस से सहारा मिला, जहां प्रोडक्ट सेल्स में 23.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसके अलावा, पावर सॉल्यूशंस बिजनेस 27.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल 2025 से OBD-II नियमों के लागू होने के बाद एग्जॉस्ट गैस सेंसर्स की बढ़ती मांग के चलते टू-व्हीलर बिजनेस में 63.4 फीसदी का भारी उछाल देखा गया।