रुपया मंगलवार को लगातार तीसरे सत्र में मजबूती बरकरार रखते हुए पांच पैसे चढ़कर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.53 (अस्थायी) पर रहा। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिका-ईरान संघर्ष में तनाव कम होने और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर हुए कूटनीतिक समझौतों के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल खतरा काफी हद तक घट गया है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट ने भी डॉलर-रुपये की जोड़ी को समर्थन दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.69 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह डॉलर के मुकाबले 94.48 से 94.71 के दायरे में कारोबार करता रहा। अंततः यह 94.53 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा जो पिछले बंद भाव के मुकाबले पांच पैसे की बढ़त है।
रुपया सोमवार को 60 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.58 पर बंद हुआ था। पिछले तीन कारोबारी सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 132 पैसे चढ़ा है। मिरे ऐसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं में नरमी और विदेशी पूंजी प्रवाह की उम्मीदें रुपये को समर्थन दे सकती हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.10 से 94.90 के दायरे में रह सकता है।’