वायदा अनुबंध के लिए सीईआर की शुरुआत
कृषि से जुडे जिंसों के वायदा कारोबार का सबसे बड़ा प्लेटफार्म नैशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज वायदा अनुबंध को सर्टिफाइड इमीशन रिडक्शन (सीइआर) के रूप में शुरू करने जा रहा है। वायदा अनुबंध के लिए सीइआर 10 अप्रैल से उपलब्ध होगा। जिसकी डिलिवरी दिसंबर 2008 में की जाएगी। लेकिन विश्व स्तर पर पर्यावरण को लेकर […]
फैशन को मार गई रुपए की तेजी
रुपए में आई 12 फीसदी से भी ज्यादा की मजबूती ने पिछले वित्त वर्ष यानी 2007-08 में कपड़ा व फैशन उद्योग का तेल निकाल कर रख दिया। इसका असर तो इस साल टेक्सटाइल और फैशन इंस्टीटयूटों की प्लेसमेंट पर भी साफ तौर से देखा जा सकता है। इन संस्थानों में पिछले साल के मुकाबले इस […]
गणेश के सहारे बाजार में छाने की कोशिश
क्या आपको मालूम है कि मिनिऑडियर किस बला का नाम है? मेरा अनुमान है कि ज्यादातर लोग इस शब्द से परिचित नहीं होंगे। साथ ही शब्दकोष में भी इस शब्द को ढूंढ़ना काफी मुश्किल है। हालांकि गूगल के इस दौर में कोई भी चीज पहेली बनकर नहीं रह सकती। जब आप गूगल पर इस शब्द […]
अब फिल्म संग्रहण सिखाएगी एफटीआईआई
भारतीय सिनेमा को आज की तारीख में दुनिया भर में काफी इज्जत दी जाती है। लेकिन यही इज्जत और प्रशंसा का बोध उसी समय काफूर हो जाता है, जब बात अपने फिल्मी विरासत को संभालकर रखने की आती है।इतना विकसित होने के बावजूद फिल्मों के संग्रहण को आज भी मायानगरी की गलियों में अहमियत नहीं […]
आईआईएम में गेम्स से जानें मार्केट की चाल
देश के टॉप बी-स्कूल इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट(आईआईएम), अहमदाबाद में स्टूडेंट आजकल ऑनलाइन गेम खेलने में व्यस्त हैं। जी नहीं, हम आपके साथ मजाक नहीं कर रहे। दरअसल, ये स्टूडेंट्स ऑनलाइन गेम्स खेलकर बाजार के उतार-चढ़ाव और उसकी चाल को भांपने की कोशिश कर रहे हैं।आईआईएम, अहमदाबाद का केस स्टडी के जरिये पढ़ाने का तरीके […]
महंगाई का अधूरा इलाज
कैबिनेट कमिटी ऑन प्राइसेज (सीसीपी) की 3 घंटे तक चली बैठक के बाद महंगाई को रोकने के लिए जारी पैकज से कुछ साफ संकेत नजर आते हैं। इस पैकेज के ऐलान से स्पष्ट है कि सरकार के पास आइडिया का घोर अभाव है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि महंगाई रोकने के […]
मनी है, तो हनी है…
कॉरपोरेट हलकों में यह धारणा आम है कि कर्मचारी पलायन रोकने और अच्छी प्रतिभाओं को खींचने के मामले में पैसा बहुत अहमियत नहीं रखता है। इस सिध्दांत के पैरोकार उस वक्त तब और भी मुखर हो जाते हैं, जब कर्मचारी कंपनी या करियर बदल लेते हैं और इस वजह से कंपनियों की लाभदायकता पर बुरा […]
परमाणु करार पर कैसे खत्म हो तकरार?
अगर हाल की कोई घटना हमें उत्साहित करती है, तो वह है – टाटा द्वारा जगुआर और लैंडरोवर का अधिग्रहण। कुछ साल पहले हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते थे। लेकिन अब यह हकीकत है। वह भी टाटा द्वारा कोरस जैसी बड़ी कंपनी के अधिग्रहण के बाद। दरअसल, इस सफलता के पीछे टाटा द्वारा […]
अस्थिर बाजार के लिए योजनाएं
हाल में बाजार में आई जबर्दस्त गिरावट से चोट खाई म्युचुअल फंड कंपनियां अब ऐसी स्कीम लाने की योजनाएं बना रही हैं जिसमें फंड प्रबंधकों को बाजार परिस्थितियों के अनुरूप नीति अपनाने की छूट होगी। फंड कंपनियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि बाजार परिस्थितियों में परिवर्तन होने पर फंड के निवेश सिध्दांत के तहत […]
कायम है म्युचुअल फंड कंपनियों की उम्मीद
ऋण के कम उठाव के कारण पिछले कुछ हफ्तों में भले ही बैंकिंग शेयरों में गिरावट आ गई और मुद्रास्फीति बढ़ने के कारण ब्याज दरें घटने की संभावना धूमिल पड़ गई हो लेकिन इसके बावजूद म्युचुअल फंड कंपनियों ने उम्मीद कायम रखी है। दरअसल म्युचुअल फंड कंपनियां अभी भी वित्तीय क्षेत्र को काफी मजबूत मान […]
