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वायदा अनुबंध के लिए सीईआर की शुरुआत

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Last Updated- December 05, 2022 | 6:58 PM IST

कृषि से जुडे जिंसों के वायदा कारोबार का सबसे बड़ा प्लेटफार्म नैशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज वायदा अनुबंध को सर्टिफाइड इमीशन रिडक्शन (सीइआर) के रूप में शुरू करने जा रहा है।


वायदा अनुबंध के लिए सीइआर 10 अप्रैल से उपलब्ध होगा। जिसकी डिलिवरी दिसंबर 2008 में की जाएगी। लेकिन विश्व स्तर पर पर्यावरण को लेकर हो रहे विभिन्न विकास खासकर बैंकाक में होने वाले पर्यावरण विशेषज्ञों की बैठक के बाद दो महीने के भीतर सालाना अनुबंध शुरू किया जाएगा। जिसकी डिलिवरी दिसंबर, 2009 से लेकर 2012 के बीच होगी।


भारतीय रुपये में होने वाले कारोबार का असर विदेशों में होने वाले वायदा कारोबार पर भी देखने को मिल सकता है। यह असर नार्दपुल, यूरोपियन क्लाइमेट एक्सचेंज, यूरोपियन एनर्जी एक्सचेंज जैसे  कारोबारी प्लेटफार्मों पर देखने को मिल सकता है। हर भाग के लिए कारोबार का आकार 500सीईआर निर्धारित किया गया है। एक ग्राहक को अधिकतम 11,000 भाग दिया जा सकता है तो सदस्यों के लिए यह सीमा 66,000 भाग होगी।


एनसीडीइएक्स के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीएच रविकुमार ने बताया कि दलालों को घरेलू विक्रेताओं से सीईआर को एकत्रित करने में काफी प्रयास करने पड़ता है और फिर यूरोप के बाजार में उनके खरीदार को खोजने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वे इस काम के लिए काफी अधिक पैसे की मांग करते हैं। लेकिन घरेलू प्लेटफार्म  पर सीईआर को शुरू करने से घरेलू विक्रेता चालू मूल्य पर विश्व बाजार में कारोबार करने में सक्षम होंगे।


एनसीडीइएक्स विक्रेता व क्रेता की अपनी घोषणा के बाद डिलिवरी को सुनिश्चित करेगा। दूसरी ओर एनसीडीइएक्स हाजिर कारोबार के लिए स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड भी शुरू करने जा  रहा है। इसकी शुरुआत इस महीने के अंत तक हो जाएगी। इसके तहत कॉफी, स्टील इंगोट, चीनी व सोयाबीन का हाजिर कारोबार किया जाएगा। कर्नाटक को कॉफी के आपूर्तिकर्ता राज्य के रूप में चुना गया है तो चीनी के लिए महाराष्ट्र को।

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First Published - April 2, 2008 | 11:38 PM IST

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