क्षेत्रीय एक्सचेंज के लिए नीति बनाएगा एफएमसी
वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) जल्द ही राष्ट्रीय व क्षेत्रीय जिंस एक्सचेंजों के लिए नीति निर्धारण करने जा रहा है। इस नीति के तहत इन एक्सचेंजों को लाभ कमाने वाली कंपनी में बदलना होगा। और इस बात का भी निर्धारित करना पड़ेगा कि किस व्यक्ति का इसमें कितना शेयर है।एफएमसी ने इस प्रकार के दिशा निर्देशों […]
आपूर्ति में सुधार से बनेगी बात
विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए कृषि से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर करना होगा। साथ ही घरेलू स्तर पर आपूर्ति की व्यवस्था भी दुरुस्त करने की जरूरत है। गौरतलब है कि महंगाई की दर लगातार बढ़ती जा रही है और इस पर काबू के लिए सरकारी उपाय खास […]
सरकारी कवायद के बाद भी चीनी उत्पादन पर पड़ा खासा असर
गन्ना उत्पादन से जुड़े किसानों व चीनी उद्योग को राहत देने की सरकारी कवायद असफल होती नजर आ रही है। गत वित्त वर्ष के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने गन्ने के किसान व चीनी उद्योग की सहायता के लिए 457 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया था। इसके बावजूद बाजार में गन्ने की भरमार है। […]
संशोधित विधेयक पर होगा विचार
वायदा बाजार आयोग ने उम्मीद जाहिर की है कि संसद के अगले सत्र में वायदा अनुबंध को लेकर संशोधित विधेयक पर विचार किया जाएगा। गत सात अप्रैल को इस मामले में एफएमसी को अधिकार देने वाली अधिसूचना की अविध समाप्त हो गई। एफएमसी के अध्यक्ष बीसी खटुआ ने बताया कि इस विधेयक को संसद की […]
अब इस अंदाज में आता है प्याले में तूफान…
जब कोई जीत थाइल की तुलना जे.के. रॉलिंग से करता है, तो वह काफी असहज हो जाते हैं। वैसे यह भी मुमकिन नहीं है कि इस लेखक और कवि की तुलना उस मशहूर हस्ती से न की जाए। इस बात का हल्का-फुल्का ही सही, पर आधार तो है। आधार यह है कि दोनों ने अपनी-अपनी […]
दिल्ली से मुंबई की ओर
एक वक्त था जब आम बजट पर उद्योगपतियों की निगाहें टिकी होती थीं। उस वक्त उद्योगपति बजट को सरकारी नीतियों का सबसे अहम दस्तावेज मानते थे। उनके लिए दूसरे पायदान पर उद्योग नीति हुआ करती थी। पर उद्योगपतियों के लिए धीरे-धीरे उद्योग नीति की अहमियत कम होने लगी। हालांकि उद्योग मंत्री अब भी इसके जरिये […]
राजनीति की महाभारत का सधा हुआ अर्जुन
मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह का जीवन सफल हो गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अब उच्च शिक्षा संस्थानों में 27 प्रतिशत सीटें पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित होंगी। इतने साल के संघर्ष के बाद इस फैसले से दो बातें निकल कर आती हैं। एक, अर्जुन सिंह का सामाजिक न्याय का नजरिया वही है, […]
देश में वित्तीय सुधारों की बेतुकी पड़ताल
शिकागो में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रघुराम राजन को योजना आयोग ने भारत के वित्तीय क्षेत्र में सुधार पर रिपोर्ट पेश करने को कहा था। उनकी यह रिपोर्ट काफी पठनीय है और इसकी कई बातों पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। राजन इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शोध इकाई के प्रमुख भी रह […]
मिनी चमका, निफ्टी हुआ फीका
बाजार में छाये सन्नाटे के कारण निफ्टी फ्यूचर्स में कम गतिविधियां होने के बावजूद मिनी-निफ्टी लोकप्रियता हासिल कर रहा है। हेजिंग के अवसर और कम मार्जिन की आवश्यकता मिनी निफ्टी को मशहूर बना रहे हैं। मिनी निफ्टी करारों के कारोबार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने इस वर्ष के जनवरी महीने में शुरू किया था जिसमें […]
एनटीपीसी: ऊर्जा बरकरार
देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी के वित्तीय वर्ष 2008 के परिणाम को केवल संतोषजनक ही कहा जाएगा। इस दौरान देश की बड़ी बिजली उत्पादन कंपनियों में से एक एनटीपीसी को कोई खास बढ़त नहीं मिली है। सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी को आशा थी कि वह 13.5 फीसदी की बढ़त के साथ […]
