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लेखक : अंजलि कुमारी

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

CCIL अब अन्य मुद्राओं में भी निपटान सुविधा बनाने की दिशा में बढ़ाएगा कदम: संजय मल्होत्रा

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि रुपये के अंतरराष्ट्रीयकरण के व्यापक उद्देश्य को देखते हुए क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड(सीसीआईएल) डॉलर और रुपये (यूएसडी-आईएनआर) से परे मुद्राओं को जोड़ने तथा व्यापार और निपटान सेवाओं की सुविधा के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा स्थापित करने की संभावना देख सकता है।  रिजर्व […]

आज का अखबार, बॉन्ड

PFRDA प्रमुख बोले: बॉन्ड बाजार लंबी अवधि और कम रेटिंग वाले कर्ज से कतराता है, इससे फंडिंग पर संकट

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरपर्सन शिवसुब्रमण्यन रमण ने गुरुवार को कहा कि कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार एए माइनस और उससे ऊपर के बॉन्ड की ओर झुका हुआ है, जिनकी अवधि पांच साल से कम है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से बुनियादी ढांचा कंपनियों को धन के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों […]

आज का अखबार, बैंक

भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का नया दौर, बैंकिंग सिस्टम से बाहर से जुट रहा है धन: केवी कामत

नैशनल बैंक फॉर फाइनैंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐंड डेवलपमेंट (नैबफिड) के चेयरमैन केवी कामत ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंडिंग के प्राथमिक स्रोत के रूप में बैंकों का युग समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए बैंकों से ऋण मिलना अब संभव नहीं है, क्योंकि बैंकों की देनदारियां कम समय […]

आज का अखबार, कमोडिटी, ताजा खबरें

Rupee vs Dollar: फेड मीटिंग से पहले रुपया दो हफ्ते के हाई पर, अमेरिका-भारत वार्ता से मिला सहारा

Rupee vs Dollar: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों से पहले आज रुपया दो हफ्ते के उच्चतम स्तर 87.81 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। यह 28 अगस्त के बाद से सबसे उच्चतम स्तर है। डीलरों ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों पर आशावाद ने भी […]

आज का अखबार, कमोडिटी, ताजा खबरें

फेड के ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से डॉलर कमजोर, रुपया लगातार तीसरे दिन हुआ मजबूत

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 25 आधार अंकों तक दर कटौती की उम्मीद में मंगलवार को डॉलर सूचकांक में गिरावट आई। डॉलर में गिरावट आने से रुपया लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूत रहा और कारोबार खत्म होने तक 16 पैसा चढ़कर 88.06 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। डीलरों ने यह जानकारी दी है। आईएफए ग्लोबल […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, कमोडिटी, ताजा खबरें

Rupee vs Dollar: रुपया 88.44 के नए निचले स्तर पर लुढ़का, एशिया की सबसे कमजोर करेंसी बनी

Rupee vs Dollar: भारतीय रुपये ने गुरुवार को डॉलर के मुकाबले अब तक के नए निचले स्तर 88.44 को छू लिया। इसकी मुख्य वजह आयातकों की तरफ से डॉलर की भारी मांग और अमेरिका के संभावित आयात शुल्कों (टैरिफ) को लेकर चिंताएं थीं। चालू वित्त वर्ष में डॉलर के मुकाबले रुपया 3.36 फीसदी गिर चुका […]

आज का अखबार, बॉन्ड, वित्त-बीमा

Bond Yield: बैंकों ने RBI से सरकारी बॉन्ड नीलामी मार्च तक बढ़ाने की मांग की

हाल के समय में संस्थागत मांग नरम रहने जैसे कई कारणों से बॉन्ड यील्ड में तेजी आई है। इसे देखते हुए वा​णि​ज्यिक बैंकों ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से केंद्र सरकार की प्रतिभूतियां जारी करने की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है। बैंकों का कहना है कि सरकारी बॉन्ड बिक्री की अव​धि चालू वित्त वर्ष […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

अर्थशास्त्रियों का अनुमान: GST कटौती से महंगाई घटेगी, RBI कर सकता है दरों में कमी

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर में कटौती से कीमतों का दबाव कम होने की उम्मीद है, जिससे भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति द्वारा नीतिगत दर में कटौती की गुंजाइश बन सकती है। अर्थशास्त्रियों ने यह संभावना जताई। उन्होंने कहा कि अगर कर कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को दिया जाता है […]

आज का अखबार, कमोडिटी, बाजार

अमेरिकी टैरिफ और विदेशी बिकवाली से रुपये की हालत खराब, रिकॉर्ड लो पर पहुंचा; RBI ने की दखलअंदाजी

डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को नए निचले स्तर पर आ गया। डीलरों ने कहा कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिकी शुल्क की चिंता से रुपये पर दबाव बना हुआ है। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने डॉलर की बिकवाली कर विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में हस्तक्षेप किया जिससे गिरावट पर थोड़ी लगाम लगी। […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

‘समग्र खुदरा महंगाई दर को मौद्रिक नीति का लक्ष्य और बेंचमार्क बने रहना चाहिए’

बिज़नेस स्टैंडर्ड की रायशुमारी में शामिल सभी 10 अर्थशास्त्रियों ने कहा कि समग्र खुदरा महंगाई दर को मौद्रिक नीति का लक्ष्य और बेंचमार्क बने रहना चाहिए। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भारत अभी भी मध्य आय वाला देश है और नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) बास्केट में भी खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी पर्याप्त होगी। पिछले सप्ताह […]

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