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लेखक : अमित कपूर

आज का अखबार, लेख

बजट में शहरीकरण की योजना: शहरी विकास पर सरकारों के जोर का सबसे बेहतरीन समय, तय करनी होगी कई जिम्मेदारियां

भारत में शहरीकरण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। अभी देश की 35 प्रतिशत से अधिक आबादी शहरों में रहती है और अनुमान है कि 2050 तक 50 प्रतिशत आबादी शहरों में रहने लगेगी। शहरी विकास पर सरकारों के जोर का इससे बेहतर समय और क्या हो सकता था। आर्थिक समीक्षा और बजट में […]

आज का अखबार, लेख

आपदा से बचाव के लिए शहरों को मिले सुरक्षा

हाल में दिल्ली हवाईअड्डे पर बारिश के कारण गिरे हुए खंभे के नीचे दबे हुए मृत व्यक्ति की तस्वीर सुर्खियों में रही। इसी दौरान बारिश के कारण देश में कई अहम आधारभूत ढांचे क्षतिग्रस्त होने के साथ ही लोगों के जानमाल के नुकसान से जुड़ी कई घटनाएं देखी गईं। इस तरह की घटनाओं से यह […]

आज का अखबार, लेख

शहरों में बढ़ती गर्मी और क्या हो इसका समाधान

भारत भीषण गर्मी का सामना कर रहा है। विशेषकर, मई ने कहर बरपाया और तापमान इतना बढ़ गया कि पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड टूट गए और पिछले रिकॉर्ड की तुलना में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। अल नीनो प्रभाव से बेकाबू हो रहे जलवायु संकट के कारण पारा लगातार चढ़ता ही […]

आज का अखबार, संपादकीय

बढ़ती आबादी में यातायात का क्या हो समाधान…

कई बार हमें यह सोचकर हैरानी होती है, ‘क्या हमारे शहर वाकई तैयार हैं?’ यह सवाल हमारे ऊपर बेहद भारी पड़ता है क्योंकि हमारे देश की जनसंख्या बढ़ रही है और संसाधन कम होते जा रहे हैं। ऐसे में हमारे शहर भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार नहीं रह पाते हैं। हम शहरी जीवन को […]

आज का अखबार, लेख

कंक्रीट के जंगल और सिलिकन वैली से जुड़े भ्रम

सिलिकन वैली (silicon valley) की कहानी आज के दौर के उद्यमियों को बहुत आकर्षित करती है। यह कहानी प्रतिभा, कल्पनाशीलता, सृजनात्मकता और लगन का प्रतीक है। साथ ही यह शहरों को अवसरों के केंद्र में बदलने का प्रतीक है। यह एक आर्थिक विकास का खाका होने के साथ-साथ उद्यमशीलता के बढ़ने से पैदा होने वाली […]

आज का अखबार, लेख

कचरे के ढेर तले दबते जा रहे अपने शहर

प्रगति पर समकालीन बहस में आ​र्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच चले आ रहे पुराने द्वंद्व को खारिज कर दिया गया है। सतत वि​कास की जरूरत को समझना आज के वैश्विक दृ​ष्टिकोण को रेखांकित करता है। अप​शिष्ट उत्पादन और उसका सही तरीके से निपटान जैसे गंभीर मुद्दे पर हम सब का ध्यान केंद्रित रहता […]

आज का अखबार, लेख

शहरीकरण का जमशेदपुर मॉडल

झारखंड का जमशेदपुर शहर भारत के सफल औद्योगिक प्रयोग और शहरी योजना का साक्षी रहा है। वर्ष 1907 में दूरदर्शी उद्योगपति जमशेदजी नुसरवानजी टाटा ने जमशेदपुर की स्थापना की थी जिसे टाटानगर के नाम से भी जाना जाता है। भारत के इस पहले योजनाबद्ध औद्योगिक शहर की स्थापना एक सपने के साथ शुरू हुई थी। […]

आज का अखबार, लेख

लीज होल्ड से फ्री होल्ड हों वाणिज्यिक संपत्तियां

जब शहरीकरण के शुरुआती वर्षों पर नजर डालते हैं तो पता चलता है कि निरपवाद रूप से शहरी विकास और औद्योगीकरण की प्रक्रिया साथ-साथ चलती दिखती है। बड़ी संख्या में रोजी-रोटी की तलाश में भटकते लोगों को उद्योगों और कारखानों ने अपनी ओर आकर्षित किया। उद्योगों-कारखानों में काम करने वाले ये लोग आसपास ही बस […]

आज का अखबार, लेख

शहरी विकास के लिए व्यापक दृष्टिकोण जरूरी

वर्तमान समय में जिस रूप में शहरों का अस्तित्व दिख रहा है उसे देखते हुए उनके किसी दूसरे स्वरूप या अतीत में उनकी अलग संरचना की कल्पना करना मुश्किल हो जाता है। इस समय अत्याधुनिक या स्मार्ट शहरों का हाल कुछ इस तरह है कि जैसे वे आरंभ से ही ऐसे थे। अगर आप गुरुग्राम […]

आज का अखबार, लेख

प्रदूषण से घुट रहा भारत के शहरों का दम

कोरोना महामारी के दौरान की वे निराशाजनक यादें पिछले कुछ हफ्तों में ताजा हो गईं जब घर से बाहर निकलने वाले हर व्यक्ति के मुंह पर एन95 मास्क दिखने लगा। राष्ट्रीय राजधानी के ऊपर धुएं के बादल मंडरा रहे थे। हाल के वर्षों में भारत विशेषकर देश के उत्तर और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में सर्दी का […]

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