गिरावट के बावजूद डॉलर का कद रहेगा बरकरार
बीते कुछ सप्ताहों के दौरान उत्पन्न हुई अस्थिरता का एक पहलू यह भी है कि अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरीज (सरकार द्वारा जारी डेट सिक्योरिटीज) ने जोखिम से बचने का व्यवहार नहीं दर्शाया है। निवेशकों में अमेरिकी ट्रेजरीज की खरीद करने या अमेरिकी डॉलर में निवेश करने की होड़ नजर आने के बजाय इन परिसंपत्ति […]
चीन से निर्यात की सुनामी और इससे बचने के उपाय
अब यह बात जगजाहिर हो चुकी है कि चीन दुनिया में सबसे बड़ी विनिर्माण एवं व्यापारिक शक्ति बन चुका है। चीन 1 लाख करोड़ डॉलर से अधिक व्यापार अधिशेष (ऐसी स्थिति जब कोई देश आयात से अधिक निर्यात करता है) की स्थिति में है, जो एक बेमिसाल आंकड़ा है। कोविड महामारी के बाद यह आंकड़ा […]
अमेरिकी शेयर बाजार और बबल के हालात
निवेशकों के बीच इस बात को लेकर उल्लेखनीय बहस चल रही है कि क्या अमेरिकी शेयर बाजारों में बबल (शेयरों और परिसंपत्तियों का मूल्यांकन वास्तविकता से काफी अधिक होना) की स्थिति है? क्या 1999-2000 की तरह हम एक बार फिर बबल की स्थिति से गुजर रहे हैं और क्या इस बार उसके केंद्र में आर्टिफिशल […]
बजट में व्यावहारिकता के साथ ही सीमाओं पर रखा गया ध्यान
बजट की सराहना अवश्य करनी होगी क्योंकि इसमें व्यावहारिकता झलकती है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने जो चुनौतियां हैं, उन्हें देखते हुए यह शानदार बजट है। पिछले सात वर्षों में सरकार ने बहुत सोच-समझ कर सार्वजनिक खर्च बढ़ाया है और इसे वित्त वर्ष 2018 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 1.5 प्रतिशत से […]
क्या वैश्विक बाजार में जारी रहेगी तेजी?
जोखिम भरी परिसंपत्तियों के लिए 2024 बेहतरीन साल रहा। बिटकॉइन, सोना और अमेरिकी शेयर का प्रदर्शन खास तौर पर शानदार रहा। अमेरिका में एसऐंडपी 500 सूचकांक ने लगातार दूसरे साल 25 फीसदी से अधिक प्रतिफल दिया। इससे पहले अमेरिकी शेयरों ने लगातार दो साल तक 20 फीसदी से अधिक की वृद्धि 1997-98 में डॉट कॉम […]
अमेरिकी बाजारों में तेजी और बाकी दुनिया
अमेरिका के शेयर बाजारों पर विभिन्न बाजार पर्यवेक्षकों के आलेखों और टिप्पणियों की बाढ़ देखने को मिली। लगभग उन सभी का मानना था कि वह इकलौता ऐसा बाजार है जहां निवेश करना सही है। इनमें से अधिकांश बाजार पर्यवेक्षकों का मानना है कि अमेरिकी बाजार अपनी तेजी के उच्चतम स्तर पर हैं। यह सहमति इतनी […]
शेयर बाजार प्रतिफल की चौथाई सदी…
भारत ने विगत 25 वर्षों में जहां बेहतरीन वास्तविक रिटर्न दिया है, वहीं उच्च मूल्यांकन के कारण इसका टिकाऊ बने रहना मुश्किल प्रतीत होता है। बता रहे हैं आकाश प्रकाश मुझे डीबी बैंक के जिम रीड और उनकी टीम द्वारा किया गया एक दिलचस्प अध्ययन पढ़ने को मिला जो वित्तीय बाजारों के विगत 25 वर्षों […]
ग्लोबल वेंचर कैपिटल की स्थिति से सीखे भारत
पश्चिम में उद्योग चौराहे पर खड़ा है क्योंकि निवेश बाहर निकालने का रास्ता ही नहीं मिल रहा है। भारत को ऐसी गलती करने से बचना चाहिए। बता रहे हैं आकाश प्रकाश वेंचर कैपिटल (वीसी) पर नजर डालें तो बेहद दिलचस्प उद्योग है। पिछले 30 साल में यह सबसे बेहतरीन रिटर्न देने वाली परिसंपत्ति श्रेणी है […]
चीन को पछाड़ भारत बना सबसे बड़ा उभरता बाजार मगर तकनीक और ऊर्जा में सीखने होंगे सबक
मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक अगस्त के अंत में भारत उभरते बाजारों की दुनिया में चीन को पछाड़कर सबसे बड़ा बाजार बन गया। यह तथ्य एमएससीआई ऑल कंट्रीज वर्ल्ड आईएमआई (निवेश योग्य लार्ज, मिड एवं स्मॉल कैप) सूचकांक में भारत के भार पर आधारित है। जल्द ही यह एमएससीआई के उभरते बाजार सूचकांक में भी नजर […]
चीन का जनसंख्या संकट: भारत के लिए सबक और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर
ज्यादातर लोगों को पता है कि चीन जनसंख्या की समस्या से जूझ रहा है। इसकी जड़ में एक संतान वाली नीति और बदलते सामाजिक सांस्कृतिक मानक हैं और देश के सामने बड़ी जनांकिकी चुनौतियां खड़ी हैं। परंतु मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि वे चुनौतियां कितनी गंभीर हैं, दशक भर में उनका […]








