Budget 2024: लोकलुभावन नहीं राजकोषीय जवाबदेही
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इस बात के लिए सराहना की जानी चाहिए कि उन्होंने राजकोषीय अनुशासन की दृष्टि से मजबूत और लोकलुभावन घोषणाओं से मुक्त बजट प्रस्तुत किया। इससे जाहिर होता है कि सरकार 2024 के आम चुनाव में जीत को लेकर आश्वस्त है इसलिए उसे लोकलुभावन कदमों की कोई आवश्यकता नहीं महसूस हुई। […]
Opinion: भारत का दशक और बाजारों का दमखम
क्या अर्थव्यवस्था के सही ढंग से गति पकड़ने के पहले ही बाजार अपनी पूरी गतिशीलता दिखा चुके हैं? इस विषय में विस्तार से अपनी राय रख रहे हैं आकाश प्रकाश अधिकांश विश्लेषकों में यह स्पष्ट समझ है कि भारत का वक्त आ चुका है। अतीत के सुधारों, भू-राजनीति, बदलती आपूर्ति श्रृंखलाओं और भारतीय अर्थव्यवस्था के […]
चीन का उच्चतम स्तर और भारत की रफ्तार…
अगर आने वाले वर्षों में चीन की वृद्धि दर में धीमापन भी आता है तो भी भारत को उसकी बराबरी करने के लिए असाधारण प्रदर्शन करना होगा। बता रहे हैं आकाश प्रकाश इन दिनों ऐसा एक भी सप्ताह नहीं बीतता जब ऐसी शोध रिपोर्ट या यूट्यूब चर्चा देखने को न मिलती हो कि आखिर क्यों […]
नए जमाने की कंपनियां और निवेशकों की भूमिका
नए जमाने की कंपनियां जिनमें प्रवर्तक नहीं होते उनके बोर्ड को आकार देने में संस्थागत निवेशकों की बहुत अहम भूमिका होती है। बता रहे हैं आकाश प्रकाश सार्वजनिक बाजार निवेशकों के लिए ऐतिहासिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों के बोर्ड के गणित और संचालन का आकलन करना एक सीधी सपाट कवायद रही है। इन कंपनियों में […]
वैश्विक पूंजी में बदलाव भारत के लिए अवसर..
विश्व स्तर पर देखा जाए तो निवेश के परिदृश्य में तेजी से बदलाव आ रहा है जो काफी महत्त्वपूर्ण है। बता रहे हैं आकाश प्रकाश हाल ही में मुझे दुनिया भर के परिसंपत्ति आवंटकों और मुद्रा प्रबंधकों से मिलने का अवसर मिला। वे दीर्घकालिक स्तर पर काम करने वाली पूंजी का प्रबंधन करते हैं ताकि […]
Opinion: चीन के संकटग्रस्त होने की हकीकत
हाल के दिनों में चीन की आलोचना करने का चलन सा हो गया है। पश्चिमी मीडिया लगातार उसके खिलाफ नकारात्मक आलेख और टिप्पणियां प्रकाशित करता रहा है। फाइनैंशियल टाइम्स से लेकर द इकॉनमिस्ट और द वॉल स्ट्रीट जर्नल तक में हर सप्ताह एक नई नकारात्मक कवर स्टोरी या पॉडकास्ट नजर आता है जिसमें चीन के […]
Opinion: पूंजी का ज्वार और भारत का बाजार
हाल में मुझे अपने मित्र रामदेव अग्रवाल के एक सम्मेलन में उनका प्रेजेंटेशन देखने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कुछ दिलचस्प आंकड़े साझा किए और भारत में खुदरा इक्विटी क्रांति पर अपने विचार बताए। यह बहुत ही दिलचस्प प्रेजेंटेशन था, जिसने मुझे बचत में जोरदार उछाल के असर पर सोचने को विवश किया। रामदेव ने जिन […]
Opinion: निवेशकों के लिए बनी दुविधा जैसी स्थिति
इस समय निवेशक एक खास दुविधा से गुजर रहे है। भारत की बड़ी तस्वीर शायद ही इससे बेहतर नजर आई हो। उभरते बाजारों के कमजोर प्रदर्शन के दौर में भारत हर वृहद मानक पर बेहतर नजर आ रहा है। फिर चाहे बात शीर्ष से नीचे तक के वृहद आर्थिक आंकड़ों की हो, चालू खाते के […]
Opinion: अमेरिका में मंदी की आशंका और बाजार का प्रदर्शन
बाजार के आश्चर्यजनक रूप से मजबूत प्रदर्शन के बीच निवेशक अमेरिका में मंदी की संभावनाओं पर प्रश्न उठा रहे हैं। इतिहास बताता है कि अभी सतर्क रहने की आवश्यकता है। बता रहे हैं आकाश प्रकाश वर्ष 2023 की पहली छमाही में दुनिया भर में जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रदर्शन और अमेरिकी अर्थव्यवस्था तथा रोजगार बाजार […]
डॉलर का वैश्विक मुद्रा का दर्जा रहेगा कायम
पिछले कुछ समय में टिप्पणीकारों के बीच अमेरिकी डॉलर (Dollar) चर्चा का विषय रहा है। यह चर्चा इसके वैश्विक आरक्षित मुद्रा के दर्जे और उसकी वजह से अमेरिका को मिलने वाले लाभ पर केंद्रित रही। वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में अमेरिका का योगदान जहां 25 फीसदी है, वहीं इसकी वास्तविक आर्थिक शक्ति बहुत अधिक है […]









