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लेखक : आकाश प्रकाश

आज का अखबार, लेख

क्या भारत नवाचार कर सकता है? सबसे बड़ी कंपनियों से शुरू होती है इनोवेशन की खाई

इस समय भारत को लेकर एक निराशाजनक माहौल बनाया जा रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह जताई जा रही है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की दौड़ में भारत पीछे छूट रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि जिन कंपनियों का कारोबार कुशल कर्मचारियों के काम के घंटों के आधार पर चलता है, उन […]

आज का अखबार, लेख

सफर के अनुभव: अमेरिका यात्रा और भारत को लेकर निकले निष्कर्ष

मुझे हाल ही में अमेरिका​ में कुछ वक्त बिताने का मौका मिला जहां मेरी मुलाकात कई बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्याधिकारियों तथा कई वैश्विक निवेशकों से हुई। ईरान युद्ध, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के उभार और शेयर बाजारों में तेजी के बीच यह दिलचस्प यात्रा थी। मेरी बैठकों से निकले कुछ अहम निष्कर्ष इस प्रकार हैं: […]

आज का अखबार, लेख

FPIs की बिकवाली जारी: महंगे वैल्युएशन से लेकर बदलते नैरेटिव तक, आखिर क्यों विदेशी निवेशक खींच रहे हैं हाथ?

अक्टूबर 2024 यानी पिछले 18 महीने से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की बिकवाली लगातार जारी है। इस बीच 45 अरब डॉलर की राशि बाहर गई और बीते महीने कई दिन तो 1 अरब डॉलर की राशि का बहिर्गमन हुआ। यह बाजार पूंजीकरण के 1 फीसदी के बराबर है और वैश्विक वित्तीय संकट के दिनों हुई […]

आज का अखबार, लेख

विदेशी निवेशकों की नजर से कमजोर हुआ भारतीय शेयर बाजार, भारत की साख पर आई आंच

अगर हम 1 जनवरी 2025 से फरवरी 2026 तक के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो कुछ दिलचस्प रुझान देखने को मिलते हैं। यह अवधि ऐसी थी जिसमें दुनिया में काफी अस्थिरता दिखी थी। यह अवधि ईरान युद्ध से पहले की है इसलिए हाल के घटनाक्रम से प्रभावित नहीं है। अलग-अलग बाजार रिटर्न के मापदंड के […]

आज का अखबार, लेख

Budget 2026: यथास्थिति बरकरार रखने वाला बजट, वैश्विक निवेशकों के लिए सीमित आकर्षण

बजट पेश होने के बाद 1 फरवरी, रविवार को बाजार में भयंकर बिकवाली दिखी। शेयर निवेशकों को पूंजीगत लाभ कर के मोर्चे पर कोई बदलाव नहीं दिखना निराशा का सबसे बड़ा कारण नजर आया। ज्यादातर कारोबारी डेरिवेटिव सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में भारी बढ़ोतरी से आश्चर्यचकित और 17.2 लाख करोड़ रुपये की भारी […]

आज का अखबार, लेख

2026 में भारत: अगर घरेलू निवेश कायम रहे तो बाजार और मजबूत दिखाई देगा

भारतीय बाजार के लिए मौजूदा कैलेंडर वर्ष यानी 2025 मायूसी भरा रहा है। भारतीय बाजार अपने अब तक के शीर्ष स्तर के करीब जरूर है मगर यह दुनिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला प्रमुख इक्विटी बाजार रहा है। अमेरिकी डॉलर में हिसाब-किताब लगाने पर हम वैश्विक उभरते बाजार (ईएम) सूचकांकों से पिछड़ गए हैं […]

आज का अखबार, लेख

भारत के प्रति निवेशकों का ठंडा रुख हो सकता है विपरीत सकारात्मक संकेत

पिछले दिनों मुझे वैश्विक निवेशकों के साथ कुछ समय बिताने का अवसर मिला। इनमें से कुछ तो पूंजी के सबसे चतुर दीर्घकालिक आवंटकों में शुमार हैं और उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। वे इस उद्योग को नेतृत्व भी प्रदान करते रहे हैं। इतने वर्षों से लगातार यह सब करते हुए मुझे भी यह समझ […]

आज का अखबार, लेख

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का दबदबा चरम पर: मार्केट कैप, रिटर्न, कैपेक्स ने टेक बबल के रिकॉर्ड तोड़े

फिलहाल वैश्विक बाजार आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की धुन पर नाच रहे हैं। एआई की धमक चारों तरफ दिख रही है, चाहे आप तेजी पर भरोसा करते हुए शेयर बाजार में उतर गए हों या फिर किनारे रहकर बाजार में स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हों। फिलहाल बाजार में तेजड़िये हावी हैं क्योंकि बाजार […]

आज का अखबार, लेख

अधिक लागत वाली फर्मों को AI अपनाने से सबसे ज्यादा लाभ होगा

मार्जिन विस्तार का स्वर्ण युग (गोल्डन एज ऑफ मार्जिन एक्सपेंशन या गेम) एक ऐसा सिद्धांत था जिसे अल्टीमीटर कैपिटल के ब्रैड गर्स्टनर ने विभिन्न ट्वीट और पॉडकास्ट के जरिये प्रचलित किया। उन्हें खासतौर पर अक्टूबर 2022 में मेटा को लिखे खुले पत्र के लिए जाना जाता है जिसमें उन्होंने शेयर बाजार में कमजोर चल रही […]

आज का अखबार, लेख

FPIs क्यों कर रहे हैं बिकवाली? भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद नेट जीरो इनफ्लो जारी

विगत पांच वर्षों से भारत में सार्वजनिक इक्विटी यानी शेयर बाजारों में शुद्ध विदेशी निवेश शून्य रहा है। यह अवधि असाधारण रूप से लंबी है। इस वर्ष भी निवेश प्रवाह में 13 अरब डॉलर की गिरावट देखने को मिली। भारतीय शेयरों में विदेशी स्वामित्व पिछले 15 साल में सबसे निचले स्तर पर जा पहुंचा है। […]

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