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लेखक : अजय शाह

आज का अखबार, लेख

भारत-अमेरिका FTA की परिकल्पना

अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में डॉनल्ड ट्रंप का कार्यकाल विश्व अर्थव्यवस्था पर किस तरह का असर डालेगा? अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कई तरह की उथलपुथल देखने को मिलेंगी। बड़ी शक्तियां जो कदम उठाएंगी, उनकी वजह से भारत को कुछ अनचाहे परिणामों का सामना करना पड़ेगा। विश्व व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है और […]

आज का अखबार, लेख

कैसे तैयार होंगे वृद्धि के नए दौर के हालात

अधिकतर लोग मानते हैं कि आर्थिक वृद्धि होना तय है, यह होती रहती है और लंबे समय तक जारी रहती है। यह धारणा अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों के अनुभवों पर आधारित है। इन देशों में लंबे समय तक कम औसत वृद्धि दर देखी गई है, जो स्थिर बनी रही है। वे संचय की […]

आज का अखबार, लेख

FDI पर भारतीय कंपनियों की रणनीति

सभी महत्त्वपूर्ण वैश्विक कंपनियां बहुराष्ट्रीय हैं। कई बड़ी भारतीय कंपनियों ने भी विदेशों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) संबंधी गतिविधि शुरू की है। परंतु अभी भी यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां क्षमताएं और नियम-कायदे प्रारंभिक स्तर पर हैं। वैश्विक कंपनियों को भारत में सेवा उत्पादन का उपयोग करते देखना एफडीआई की भूमिका पर प्रकाश […]

आज का अखबार, लेख

परमाणु ऊर्जा के लिए अनुकूल हालात की जरूरत

बुनियादी नीति की बात करें तो पांच ऐसे क्षेत्र हैं जो संभावित परमाणु ऊर्जा उत्पादन को संभव बना सकते हैं। विस्तार से बता रहे हैं अजय शाह और अक्षय जेटली हम भारतीय यह मानते आए हैं कि अंतरिक्ष में कोई भी गतिविधि केवल सरकार करती है। परंतु अंतरिक्ष यात्रा को लेकर बेहतरीन वैश्विक ज्ञान में […]

आज का अखबार, लेख

वैश्विक स्थिरता, भारत की भूमिका और लाभ

दूसरे विश्व युद्ध के बाद हम दो चरणों से गुजरे। पहला, शीत युद्ध का दौर जब परमाणु प्रतिरोध पर जोर था और सीमित युद्ध हुए। सोवियत संघ के पतन के बाद अफगानिस्तान, इराक और सीरिया में अराजक स्थितियों में युद्ध हुए। इन तमाम वर्षों के दौरान विश्व अर्थव्यवस्था की बुनियादी मशीनरी सही ढंग से काम […]

आज का अखबार, लेख

प्रोत्साहन पैकेज बदल देगा चीन के हालात?

चीन की सरकार ने हाल ही में जो प्रोत्साहन पैकेज देने की घोषणा की है, उससे गहरी समस्याओं का निराकरण होता नजर नहीं आता है। बता रहे हैं अजय शाह चीन की सरकार ने बड़े प्रोत्साहन की घोषणा की है। इसके फौरन बाद शांघाई कंपोजिट सूचकांक 26 फीसदी चढ़ा और एक महीने बाद अब यह […]

आज का अखबार, लेख

रियल एस्टेट में निवेश का जोश रोकना जरूरी, चीन की हालत देखकर भारत को लेनी चाहिए सबक

कई लोगों को अचल संपत्ति या रियल एस्टेट में निवेश आकर्षक लगता है। आम मध्यमवर्गीय परिवार तीन मकान खरीदने का ख्वाब देखता है: एक रहने के लिए, दूसरा बच्चों के लिए और तीसरा निवेश के लिए। जमीन में निवेश करने वाले कहते हैं, ‘जमीन में निवेश इसलिए अच्छा है क्योंकि नई जमीन तो बनने से […]

आज का अखबार, लेख

आखिर कैसे आए देश में 10 गुना FDI

शी चिनफिंग ने 2013 में चीन की सत्ता संभाली और राष्ट्रवाद तथा राज्य की शक्ति के मनमाने प्रयोग पर नए सिरे से जोर दिया। इससे ज्यादा समृद्धि और अधिक स्वतंत्रता की दिशा में बढ़ने के ‘चीन मॉडल’ में बाधा उत्पन्न हुई। कई आर्थिक संकेतक बताते हैं कि चीन मॉडल 2017 के बाद से किस तरह […]

आज का अखबार, लेख

नीतिगत बदलाव और निवेश का गणित, जोखिम से कैसे निपटेगा निजी क्षेत्र?

क्या नीतियों को बार-बार पलटने वाले माहौल में नीतिगत जोखिम होते हैं और वह निजी निवेश को प्रभावित करता है? बाजार अर्थव्यवस्था के फलने-फूलने के लिए एक मजबूत सरकार के साथ निरंकुश नियंत्रण की आवश्यकता नहीं होती जो समय-समय पर ऐसे निर्णय लेता हो जिन्हें बदला न जा सके। अहम बात है अच्छी नीतियां हासिल […]

आज का अखबार, लेख

न्याय व्यवस्था में सुधार की केरल की पहल देश-दुनिया के लिए बन सकती है नजीर

किसी भी अच्छे समाज के लिए न्याय बुनियादी जरूरत है। उदार लोकतंत्र बनाने का वादा सही ढंग से काम कर रही न्यायपालिका पर ही निर्भर करता है, जो सुनिश्चित करती है कि विभिन्न पक्षों के बीच प्रतिस्पर्धा में किसी को दबाया नहीं जाए। बाजार अर्थव्यवस्था का वादा पूरा करने के लिए भी व्यवस्थित ढंग से […]

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