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एल्युमीनियम उद्योग पर ‘ईंधन’ की मार: LPG और PNG की किल्लत से 25 फैक्ट्रियां बंद, उत्पादन हुआ आधायूरिया उत्पादन पर संकट: गैस की कमी से आधी क्षमता पर चल रहे संयंत्र, खेती पर पड़ सकता है असरLPG संकट का असर: कैंटीन में बायोगैस अपना रही कंपनियां, कैपजेमिनाई और इन्फोसिस ने शुरू की पहलट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम: होर्मुज जलमार्ग खोलो वरना ईरान के ऊर्जा संयंत्र होंगे ‘नेस्तनाबूद’पश्चिम एशिया संकट के बीच में PM मोदी ने मंत्रियों संग की बैठक, ईंधन और खाद्य सुरक्षा पर हुआ बड़ा मंथनअमेरिका से छूट मिलने के बाद ईरान से फिर कच्चा तेल खरीदेगा भारत, रिफाइनरियों ने कसी कमरवजन घटाना हुआ 90% तक सस्ता: भारत में सेमाग्लूटाइड का पेटेंट खत्म, 15 कंपनियों ने उतारी जेनेरिक दवाएंहथियारों और तेल के भंडार की लड़ाई: ईरान युद्ध कब रुकेगा, किसी को नहीं पताEditorial: HDFC Bank के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के जाने से गवर्नेंस पर उठे सवालविश्व गुरु बनने का हमारा-आपका भ्रम: वाकई भारत अपनी क्षमता से बढ़कर वैश्विक मंच पर प्रदर्शन कर रहा है?

लेखक : अजय शाह

आज का अखबार, लेख

भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए: क्यों मुद्रा अवमूल्यन एक अच्छा विकल्प है

बीते दो दशकों में पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग ने वैश्विक आर्थिक मंदी के हालात तो निर्मित किए ही हैं, साथ ही तेल एवं गैस से जुड़े झटके भी दिए हैं। इस निराशा का प्रसार भारत तक भी हुआ है और इसके चार अलग-अलग माध्यम रहे हैं: गैस की कमी, तेल कीमतों में इजाफा, विदेश […]

आज का अखबार, लेख

AI भारत के आईटी उद्योग के लिए विनाश नहीं, बदलाव का संकेत

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी-सक्षम सेवाओं (आईटीईएस) का निर्यात आधुनिक भारतीय आर्थिक इतिहास की एक उल्लेखनीय सफलता है। यह वह प्रमुख क्षेत्र है जहां भारत ने बड़े पैमाने पर वैश्विक प्रतिस्पर्धा हासिल की है। लेकिन आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की तीव्र प्रगति ने गिरावट की एक दास्तान को जन्म दिया है। आशंका यह है कि एआई […]

आज का अखबार, लेख

अमेरिका के साथ समझौते को समझने की जरूरत: आयात उदारीकरण से होने वाले लाभ पर फोकस

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को देश में राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ा है। कहा जा रहा है कि इस समझौते के जरिये राष्ट्रीय हित का ‘पूर्ण समर्पण’ कर दिया गया है। किसानों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों ने भारत को चेतावनी दी कि भारत रूसी तेल खरीद बंद कर […]

आज का अखबार, लेख

टैक्स संधियों पर संदेह भारत की ग्रोथ स्टोरी को कमजोर कर सकता है

भारत-मॉरीशस कर संधि को लेकर हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर सीमा पार कराधान के बुनियादी सिद्धांतों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हाल ही के एक निर्णय में यह जोर दिया गया है कि कर प्राधिकरण संधि लाभों को अस्वीकार करने के लिए कर-निवास प्रमाणपत्र (टीआरसी) से आगे भी देख सकते हैं, […]

आज का अखबार, लेख

डिकंट्रोल से लाभ: प्रतिबंध हटाने से देश को मिलेंगे बड़े फायदे

भारत के लिए समृद्धि का रास्ता मुक्त बाजार वाली अर्थव्यवस्था बनने से खुलता है। ऐसी अर्थव्यवस्था जो दुनिया के साथ गहराई से जुड़ी हो। फिलहाल तो सीमाओं पर प्रतिबंधों की भूलभुलैया है, जो इस जुड़ाव में बाधा डालती है। भारतीय राज्य ने कई हस्तक्षेप निर्मित किए हैं। उदाहरण के लिए पूंजी नियंत्रण, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, […]

आज का अखबार, लेख

आधुनिक बिजली व्यवस्था की जटिलता का समाधान सिर्फ नई मूल्य निर्धारण प्रणाली से संभव

बिजली क्षेत्र एक जमाने में उठापटक से दूर एकदम स्थिर था। कोयले से बिजली बनाने की तकनीक भी दशकों तक ठहरी रही। इस तकनीकी ठहराव ने एक खास तरह की संस्थागत व्यवस्था – केंद्रीय नियोजन को जन्म दिया। राज्य की राजधानियों में बैठकर अधिकारी तय करते थे कि बिजली की क्षमता कितनी होगी, स्थान क्या […]

आज का अखबार, लेख

CBAM से बदला ट्रेड गेम: भारत को छूट नहीं, कार्बन प्राइसिंग की जरूरत

बढ़ते वैश्विक तापमान (ग्लोबल वार्मिंग) पर चर्चा 1990 के दशक की शुरुआत से चली आ रही है। कई दशकों तक इसका उल्लेख विभिन्न सम्मेलनों, संधियों और निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) रिपोर्ट तक ही सीमित रही। व्यावहारिक नजरिया रखने वाले लोगों ने अक्सर इसकी अनदेखी की। जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चिंता और इससे समाधान के लिए […]

आज का अखबार, लेख

IPO बाजार से कौन डरता है? नीति-निर्माताओं को सिर्फ खुलासों की चिंता होनी चाहिए

भारतीय आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार को लेकर माहौल में नाराजगी का भाव है। ताजा आंकड़े दिखाते हैं कि सूचीबद्धता लाभ कम हुए हैं। वर्ष 2025 में सूचीबद्ध हुई कंपनियों में से कई कंपनियां इश्यू मूल्य के नीचे कारोबार कर रही हैं। खुदरा निवेशक जो जल्दी रिटर्न की उम्मीद में इनकी ओर आकर्षित हुए थे […]

आज का अखबार, लेख

अमेरिकी चोट के बीच मजबूती से टिका भारतीय निर्यात, शुरुआती आंकड़े दे रहे गवाही

वर्ष 2025 के आखिरी महीनों में भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर डर का माहौल है। दरअसल आम राय यह है कि अमेरिका की विरोधी व्यापार नीति हमारी आ​र्थिक वृद्धि को पटरी से उतार देगी। अमेरिका की टैरिफ नीति ने दो बड़े झटके दिए हैं। पहला, आयात शुल्क (टैरिफ) अप्रैल के 25 फीसदी से बढ़कर 27 अगस्त […]

आज का अखबार, लेख

वैज्ञानिक प्रतिभाओं को हासिल करने का मौका

अमेरिका द्वारा अपने बुनियादी अनुसंधान तंत्र को कमजोर किया जाना एक वैश्विक संकट उत्पन्न करता है लेकिन यह भारत के लिए एक अवसर भी पैदा करता है। बता रहे हैं अजय शाह और प्रल्हाद बुर्ली विभिन्न समाजों को नवाचारी व्यवस्थाएं बनाने की आवश्यकता होती है जिनके जरिये युवा शोधार्थियों को संगठित किया जा सके, उन्हें […]

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