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लेखक : अजय शाह

आज का अखबार, लेख

भुगतान गतिविधि का बेहतर नियमन जरूरी

राज्य क्षमता निर्माण के सफर की बात करें तो एक खास किस्म के ज्ञान की आवश्यकता होती है और वह है ‘एजेंसी आर्किटेक्चर’। सरकार कई संगठनों से मिलकर बनती है और प्रत्येक संगठन की भूमिका को सावधानीपूर्वक तैयार करने की आवश्यकता होती है। किसी अधिकारी की सामान्य भावना जहां यह होती है कि शक्ति और […]

आज का अखबार, लेख

सरकारी खरीद में सुधार के करने होंगे प्रयास

भारत हर वर्ष तकरीबन 60 लाख करोड़ रुपये मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद करता है जो उसके सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का लगभग 15-20 फीसदी होता है। सरकारी खरीद कैसे की जाती है यह सार्वजनिक वित्त की केंद्रीय चिंता होनी चाहिए। इसके बावजूद अक्सर देश में सरकारी खरीद के अनुबंधों को राजनीतिक […]

आज का अखबार, लेख

चीन की कमजोरी अच्छा संकेत नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ‘लिबरेशन डे’ की घोषणा के बाद से पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय संबंधों और आर्थिक शासन को लेकर चर्चाओं में व्यस्त है। अमेरिका ने जो टैरिफ लगाया है और चीन ने जो जवाबी टैरिफ लगाया उसके चलते दोनों देशों के बीच कारोबारी जंग के हालात बन गए और बाकी दुनिया के देशों […]

आज का अखबार, लेख

एक नए प्लाजा समझौते का आ गया है समय?

चर्चा है कि 1985 की तर्ज पर डॉलर के अवमूल्यन के लिए समझौता हो सकता है, वहीं सच यह भी है कि बिना किसी समझौते के ही डॉलर का अवमूल्यन हो रहा है। बता रहे हैं  डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका की राजनीति में संरक्षणवाद का विचार वास्तविक रूप ले चुका […]

आज का अखबार, लेख

‘लिबरेशन डे’ और भारत की तैयारी

अमेरिका की दुनिया के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक चौथाई हिस्सेदारी है और वैश्वीकरण के बाद बनी उदार व्यवस्था की अगुआई वही करता रहा है। हर किसी की नजर अब 2 अप्रैल पर है, जिसे ‘लिबरेशन डे’ कहा गया है और जिस दिन से अमेरिका ने नए टैरिफ यानी शुल्क लागू करने का […]

आज का अखबार, लेख

उत्सर्जन नियंत्रण में ऊहापोह के क्षण

जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की बात करें तो बहुत निराशा दिख रही है। चिंता की चार वजहें नजर आ रही हैं। 1. हममें से कई लोग डेनियल येरगन की 1990 में आई किताब ‘द प्राइज’ पढ़ते हुए बड़े हुए, जिसमें तेल उद्योग की बात की गई है। हाल ही में फॉरेन अफेयर्स पत्रिका में […]

आज का अखबार, लेख

कैसे चलाएं चरणबद्ध विनियमन परियोजना

लोगों के जीवन में सरकार के हस्तक्षेप को लेकर अनेक चिंताएं हैं। बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक उच्चस्तरीय समिति की घोषणा की जो गैर वित्तीय क्षेत्र में विनियमन की पड़ताल करेगी और वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद में एक कार्यक्रम तैयार करेगी ताकि वित्तीय क्षेत्र को लेकर भी ऐसा ही […]

आज का अखबार, लेख

भारत की अर्थव्यवस्था को रणनीतिक सूझबूझ की जरूरत

वैश्विक अर्थव्यवस्था फिलहाल खराब दौर से गुजर रही है। अमेरिका, चीन और यूरोपीय संघ (ईयू) दुनिया में तीन सबसे बड़े आर्थिक केंद्र हैं। परंतु, इन तीनों के समक्ष अंदरूनी या बाहरी चुनौतियां हैं। अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद उथल-पुथल की हालत है और नया प्रशासन नए शुल्क लगाने की तैयारी […]

आज का अखबार, लेख

AI Chips पर नई पाबंदियां और भारत

अमेरिका ने कुछ बेहद महत्त्वपूर्ण एवं मूल्यवान आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) चिपों के निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिका की सरकार एआई चिप को रक्षा का उपकरण मानती है और रक्षा क्षेत्र में लगाई गई कई पाबंदियां इस क्षेत्र में भी लागू हो रही हैं। भारत में इन चिपों के प्रयोग को भी पहले के […]

आज का अखबार, लेख

मुद्रा की कीमत में बदलाव और बाजार की भूमिका

एक समय था जब सरकार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर नियंत्रण रखती थी और उन कीमतों में नियमित रूप से बदलाव नहीं होता था। दुनिया भर में पेट्रोल की कीमतें बढ़ती थीं, लेकिन भारत में नहीं बढ़ती थीं। इससे अंतर बढ़ता, आर्थिक विसंगति बढ़ जाती और दबाव भी उत्पन्न हो जाता। उसके बाद एकाएक झटके […]

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