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लेखक : अजय शाह

आज का अखबार, लेख

एक नए प्लाजा समझौते का आ गया है समय?

चर्चा है कि 1985 की तर्ज पर डॉलर के अवमूल्यन के लिए समझौता हो सकता है, वहीं सच यह भी है कि बिना किसी समझौते के ही डॉलर का अवमूल्यन हो रहा है। बता रहे हैं  डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका की राजनीति में संरक्षणवाद का विचार वास्तविक रूप ले चुका […]

आज का अखबार, लेख

‘लिबरेशन डे’ और भारत की तैयारी

अमेरिका की दुनिया के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक चौथाई हिस्सेदारी है और वैश्वीकरण के बाद बनी उदार व्यवस्था की अगुआई वही करता रहा है। हर किसी की नजर अब 2 अप्रैल पर है, जिसे ‘लिबरेशन डे’ कहा गया है और जिस दिन से अमेरिका ने नए टैरिफ यानी शुल्क लागू करने का […]

आज का अखबार, लेख

उत्सर्जन नियंत्रण में ऊहापोह के क्षण

जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की बात करें तो बहुत निराशा दिख रही है। चिंता की चार वजहें नजर आ रही हैं। 1. हममें से कई लोग डेनियल येरगन की 1990 में आई किताब ‘द प्राइज’ पढ़ते हुए बड़े हुए, जिसमें तेल उद्योग की बात की गई है। हाल ही में फॉरेन अफेयर्स पत्रिका में […]

आज का अखबार, लेख

कैसे चलाएं चरणबद्ध विनियमन परियोजना

लोगों के जीवन में सरकार के हस्तक्षेप को लेकर अनेक चिंताएं हैं। बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक उच्चस्तरीय समिति की घोषणा की जो गैर वित्तीय क्षेत्र में विनियमन की पड़ताल करेगी और वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद में एक कार्यक्रम तैयार करेगी ताकि वित्तीय क्षेत्र को लेकर भी ऐसा ही […]

आज का अखबार, लेख

भारत की अर्थव्यवस्था को रणनीतिक सूझबूझ की जरूरत

वैश्विक अर्थव्यवस्था फिलहाल खराब दौर से गुजर रही है। अमेरिका, चीन और यूरोपीय संघ (ईयू) दुनिया में तीन सबसे बड़े आर्थिक केंद्र हैं। परंतु, इन तीनों के समक्ष अंदरूनी या बाहरी चुनौतियां हैं। अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद उथल-पुथल की हालत है और नया प्रशासन नए शुल्क लगाने की तैयारी […]

आज का अखबार, लेख

AI Chips पर नई पाबंदियां और भारत

अमेरिका ने कुछ बेहद महत्त्वपूर्ण एवं मूल्यवान आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) चिपों के निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिका की सरकार एआई चिप को रक्षा का उपकरण मानती है और रक्षा क्षेत्र में लगाई गई कई पाबंदियां इस क्षेत्र में भी लागू हो रही हैं। भारत में इन चिपों के प्रयोग को भी पहले के […]

आज का अखबार, लेख

मुद्रा की कीमत में बदलाव और बाजार की भूमिका

एक समय था जब सरकार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर नियंत्रण रखती थी और उन कीमतों में नियमित रूप से बदलाव नहीं होता था। दुनिया भर में पेट्रोल की कीमतें बढ़ती थीं, लेकिन भारत में नहीं बढ़ती थीं। इससे अंतर बढ़ता, आर्थिक विसंगति बढ़ जाती और दबाव भी उत्पन्न हो जाता। उसके बाद एकाएक झटके […]

आज का अखबार, लेख

भारत-अमेरिका FTA की परिकल्पना

अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में डॉनल्ड ट्रंप का कार्यकाल विश्व अर्थव्यवस्था पर किस तरह का असर डालेगा? अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कई तरह की उथलपुथल देखने को मिलेंगी। बड़ी शक्तियां जो कदम उठाएंगी, उनकी वजह से भारत को कुछ अनचाहे परिणामों का सामना करना पड़ेगा। विश्व व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है और […]

आज का अखबार, लेख

कैसे तैयार होंगे वृद्धि के नए दौर के हालात

अधिकतर लोग मानते हैं कि आर्थिक वृद्धि होना तय है, यह होती रहती है और लंबे समय तक जारी रहती है। यह धारणा अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों के अनुभवों पर आधारित है। इन देशों में लंबे समय तक कम औसत वृद्धि दर देखी गई है, जो स्थिर बनी रही है। वे संचय की […]

आज का अखबार, लेख

FDI पर भारतीय कंपनियों की रणनीति

सभी महत्त्वपूर्ण वैश्विक कंपनियां बहुराष्ट्रीय हैं। कई बड़ी भारतीय कंपनियों ने भी विदेशों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) संबंधी गतिविधि शुरू की है। परंतु अभी भी यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां क्षमताएं और नियम-कायदे प्रारंभिक स्तर पर हैं। वैश्विक कंपनियों को भारत में सेवा उत्पादन का उपयोग करते देखना एफडीआई की भूमिका पर प्रकाश […]

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