ग्लोबल AI सिस्टम की नई पटकथा लिखी जा रही है, भारत के समक्ष इतिहास रचने का मौका
पिछले कुछ दशकों में नई तकनीक को आकार एवं ढंग देने वाले मानदंड एवं मानक पारंपरिक बहुपक्षीय निकायों के हाथों से छिटक गए हैं। इनमें संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ), इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ जैसे निकाय शामिल हैं। इन मानदंडों एवं मानकों का निर्धारण अब तेजी से बढ़ते छोटे एवं प्रभावशाली […]
शिकायत से सजा तक: झूठे आरोपों ने अफसरशाही में डर का माहौल कैसे बनाया
सरकार में ‘आदतन शिकायतकर्ताओं’ की एक नई श्रेणी उभरी है। यानी ऐसे लोग जो बार-बार शिकायत करते हैं। डिजिटल युग ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है क्योंकि अब कुछ ही क्लिक्स में दर्जनों अधिकारियों को आसानी से शिकायत भेजी जा सकती है। ऐसा करने वाले व्हिसल ब्लोअर नहीं बल्कि वे लोग हैं जो […]
तकनीकी दिग्गजों ने भारतीय यूजर्स से कमाए अरबों डॉलर, इसे देश में ही रोकने की जरूरत
अमेरिकी प्लेटफॉर्म उदाहरण के लिए व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक (मेटा) और एक्स का भारत के डिजिटल क्षेत्र में दबदबा है। करोड़ों लोग इनका इस्तेमाल करते हैं, इसके बावजूद इनका अधिकांश आर्थिक मूल्य विदेश चला जाता है। अगर प्रति उपयोगकर्ता राजस्व का अनुमान लगाया जाए तो मेटा के 90 करोड़ भारतीय उपभोक्ता ही करीब 45 अरब […]
इनोवेशन के लिए सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में बदलाव की राह, सिंगल-वेंडर शर्त बनी चुनौती
हाल में 1 लाख करोड़ रुपये लागत से शुरू अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (आरडीआई) योजना भारत की नवाचार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दे रही है। देश में पहली बार निजी क्षेत्र नवाचार चर्चा के केंद्र में है और इसके लिए रकम विशेष-उद्देश्य कोष के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इस […]
GPS में बाधाओं के बीच भारत बढ़ा रहा स्वदेशी क्वांटम नेविगेशन पर भरोसा
दुनिया में हाल की सैन्य झड़पों में दूर से मार करने वाले साधन एवं हथियार जैसे लड़ाकू विमान, मिसाइल एवं ड्रोन जमकर इस्तेमाल में लाए गए हैं। इन्हें चलाने के लिए सैनिकों के जमावड़े या उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की जरूरत नहीं पड़ती है। दूर से ही दुश्मनों के ठिकानों पर हमले […]
समुद्र के नीचे बिछी केबलें बन रही हैं रणनीतिक हथियार, भारत को विकसित करनी होगी अपनी समुद्री सुरक्षा प्रणाली
समुद्र के भीतर बिछी केबल (सबमरीन केबल) डिजिटल दौर की मूक जीवनरेखाएं हैं, जो वैश्विक इंटरनेट ट्रैफिक के 99फीसदी का संचालन करने में अहम भूमिका निभाती हैं और हमारी अर्थव्यवस्था तथा सामाजिक विकास को गति देती हैं। इन केबल की क्षमता हर दो से ढाई साल में दोगुनी हो जाती है। हर साल इनमें 70,000 […]
Operation Sindoor: दुष्प्रचार से लड़ाई के लिए सिर्फ खंडन से नहीं चलेगा काम
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक नया मोर्चा खुलता साफ दिखाई दिया। इस मोर्चे पर लड़ाई मिसाइल और मशीनों से नहीं बल्कि गलत धारणाओं एवं दुष्प्रचार को हथियार बनाकर लड़ी गई। सभी तरफ से मनगढ़ंत कहानियां परोसी जा रही थीं और इन्हें इस कदर गढ़ा गया था कि वे जनमानस की सोच को प्रभावित कर रही […]
नागरिक-सैन्य सहयोग की बढ़ गई अहमियत
सरकार के लिए नागरिक एवं सैन्य अंग दोनों ही महत्त्वपूर्ण होते हैं। इन दोनों अंगों के बीच आपसी जुड़ाव और सहयोग जैसे पहलू काफी अहम हैं। विभिन्न राजनीतिक प्रणालियों में नागरिक-सैन्य सहयोग अलग-अलग रूपों में दिखते हैं। स्वेच्छाचारी या अधिनायकवादी शासन में सेना का दबदबा दिखता है जबकि लोकतांत्रिक प्रणाली में नियंत्रण लोकतांत्रिक तरीके से […]
भारत में डिजिटल डेटा क्षेत्र में अपार संभावनाएं
भारत डिजिटल डेटा तैयार करने में दुनिया के अग्रणी देशों में शुमार रहा है। देश में 45 करोड़ लोग फेसबुक, 54 करोड़ लोग व्हाट्सऐप और 49 करोड़ लोग यूट्यूब इस्तेमाल करते हैं। इनमें प्रत्येक प्लेटफॉर्म (सोशल मीडिया) पर दुनिया के किसी भी देश में इतने उपयोगकर्ता मौजूद नहीं हैं। देश में ई-मेल इस्तेमाल करने […]
रक्षा बाजार में हमेशा विक्रेताओं का दबदबा
मार्केटिंग क्षेत्र के शुरुआती गुरु कहलाने वाले जॉन वानामेकर ने मार्केटिंग प्रबंधन पर जोर देकर कारोबार के तरीकों में क्रांति ला दी। उन्होंने ‘कस्टमर इज किंग’ यानी ‘ग्राहक ही भगवान है’ का सिद्धांत दिया और ग्राहकों के इर्द-गिर्द ही नीतियां बनाईं, जिन्होंने आधुनिक व्यवसाय की सूरत ही बदल डाली। उनका फलसफा कहता है कि ग्राहक […]









