AI के साथ आवश्यक हैं अन्य कारक
ओपन एआई के चैटजीपीटी और डीएएलएल-ई की शुरुआत के साथ-साथ गूगल द्वारा स्टूडियो बॉट, बार्ड और जेमिनी को सहज उपलब्ध एपीआई (ऐप्लीकेशंस प्रोग्रामिंग इंटरफेस) के साथ पेश किए जाने से एआई यानी कृत्रिम मेधा को लेकर छोटी-बड़ी दोनों तरह की कंपनियों के बीच एक किस्म के उन्माद का माहौल बन गया है। कोशिश यह है […]
सूचना एवं संचार तकनीक ने दुनिया को दो वर्गों में बांटा
वर्ष 2005 में थॉमस फ्रीडमैन ने जोर देकर कहा था कि सूचना एवं संचार तकनीकों (आईसीटी) ने विश्व स्तर पर कारोबारों और आम लोगों के लिए वैश्विक कारोबारी हालात को समतल कर दिया है। दुनिया के समतल होने के विचार ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की। बहरहाल यह धारणा हकीकत से एकदम अलग है। आईसीटी […]
Opinion: भारत के राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश होने का दम भरता है, जिसकी तुलना दुनिया के सर्वश्रेष्ठ नेटवर्क से की जाती है। इसके बावजूद अन्य देशों के उलट भारत में यहां अशोभनीय व्यवहार और विवादों की अनेक घटनाएं देखने को मिलती हैं। देश के राजमार्ग और एक्सप्रेसवे दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मार्गों से […]
आयातक से निर्यातक बनने की राह….तेल भंडार की खोज पर संभावनाएं अपार
भारत कई दशकों से अपने तेल भंडार का पता लगाने में विफल रहा है, लेकिन अब एक तेल आयातक से निर्यातक बनने की राह तैयार की जा रही है। बता रहे हैं अजय कुमार यूरोपीय संघ और चीन के बाद भारत कच्चे तेल का दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है। भारत के उपभोग में […]
साझा समुद्र में मौजूद संसाधन के लिए होड़
समुद्र वह शक्ति है जो पृथ्वी पर मानव जीवन को संभव बनाती है क्योंकि वही पृथ्वी की जलवायु का नियमन करता है। पृथ्वी के इर्दगिर्द मौजूद ताप को सहन करने, उसे भंडारित करने और वितरित करने का काम। समुद्र कार्बन सिंक के रूप में काम करता है और ऑक्सीजन का बड़ा स्रोत है। वह जैवविविधता […]




