जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्यदूत फैज अहमद किदवई ने बताया कि दूतावास ने इस दौरान करीब 10,000 आवेदनों की जांच पड़ताल की और उनके मामले में अपनी प्रायोजक कंपनी बदलकर अथवा अपना पेशा बदलकर उनकी स्थिति ठीक करने में मदद की।
उन्होंने कहा जब हमने देखा कि बड़ी संख्या में लोग वाणिज्य दूतावास में काम मांगने के लिये आये, तब हमने कंपनियों को नियमित कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिये आमंत्रित किया।
किदवई ने बताया इस दौरान हमने तीन रोजगार मेले आयोजित किये जिसमें 200 से अधिक सउदी और भारतीय कंपनियों ने भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप 6,000 भारतीयों को पूर्णकालिक रोजगार उपलब्ध हुआ।
सउदी अरब ने इस साल अप्रैल में माफी योजना की घोषणा की थी और इसे जुलाई में चार माह के लिये बढ़ाया गया ताकि विदेशी कामगारों को अपने दस्तावेज आदि नियमित करने का अवसर मिल सके।
सउदी सरकार ने नया श्रम कानून निताकत लागू किया। इसके तहत स्थानीय कंपनियों के लिये यह अनिवार्य किया गया कि उन्हें प्रत्येक 10 प्रवासी कामगारों पर एक स्थानीय नागरिक को रोजगार देना होगा। इससे कई विदेशी कामगारों के समक्ष वैधता का संकट खड़ा हो गया।