जून महीने में शहरी उपभोक्ता धारणा जुलाई 2019 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) का शहरी भारत का उपभोक्ता धारणा सूचकांक जून में 60 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। यह सूचकांक इसके पिछले यानी मई माह की तुलना में छह फीसदी बढ़ गया और […]
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भारत के सेवा क्षेत्र में जून के दौरान सुधार हुआ। इसके पहले मई में सेवा क्षेत्र पांच महीने के निचले स्तर पर आ गया था। जून में नए ऑर्डर बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बिक्री में अभूतपूर्व बढ़त से भारत के दबदबे वाले सेवा क्षेत्र में तेजी आई। एक कारोबारी सर्वेक्षण के अनुसार कंपनियों ने बीते दो […]
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पीडब्ल्यूसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत होते बाजार की बदौलत भारत में अब फैमिली ऑफिस की संख्या 300 से ज्यादा हो गई है। वर्ष 2018 में यह आंकड़ा महज 45 था। यह संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है क्योंकि प्रवर्तक मझोले और छोटे शहरों में ज्यादा व्यवसाय स्थापित कर रहे […]
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बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को ऋण प्रतिभूतियों के इश्यू में न्यूनतम फेस वैल्यू 1 लाख रुपये से घटाकर 10,000 रुपये कर दी ताकि ज्यादा खुदरा निवेशकों को बॉन्ड बाजार में आकर्षित किया जा सके। बाजार नियामक ने अप्रैल की बोर्ड बैठक में इस फैसले को मंजेूरी दी थी। लेकिन बुधवार को परिपत्र जारी होने […]
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यह विश्वास कमजोर पड़ रहा है कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की ऊंची वृद्धि दर से रोजगार का सृजन होता है। हमारी जीडीपी वृद्धि दर ऊंची रही है लेकिन रोजगार सृजन में अपेक्षित वृद्धि देखने को नहीं मिली। अब हमें रोजगार पैदा करने पर ध्यान देना होगा और जीडीपी वृद्धि दर उसका नतीजा हो सकती […]
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एचडीएफसी बैंक के शेयर की कीमतें बुधवार को इस उम्मीद में सर्वोच्च स्तर पर बंद हुईं कि निजी क्षेत्र के बैंक का भार एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में दोगुना हो जाएगा। इन उम्मीदों को तब बल मिला जब इस बैंक में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की हिस्सेदारी घटकर 55 फीसदी से नीचे चली गई। वैश्विक सूचकांक […]
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संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास के 2030 के एजेंडे के एक हिस्से, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने में छह वर्ष से भी कम समय शेष रह गया है। ऐसे में इसके 17 लक्ष्यों और 169 संबद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भारत को अभी बहुत प्रयास करने की आवश्यकता है। इन वैश्विक […]
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भारत को विदेशी निवेशकों से रूबरू कराने के लिए 1990 के दशक में विज्ञापन क्षेत्र के महारथी एलेक पद्मसी ने ‘टू इंडियंस’ के नाम से एक विचारणीय प्रस्तुति पेश की। इसमें उन्होंने एक ‘मजबूत भारत’ का ज़िक्र किया था, जो शहरी था और लोग शिक्षित होने के साथ ही आर्थिक रूप से भी संपन्न थे। […]
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एलारा कैपिटल ने बुधवार को कहा कि आगामी बजट में केंद्र सरकार अपना राजस्व खर्च बढ़ा सकती है। यह वृद्धि दो प्रमुख योजनाओं पर ज्यादा पैसा खर्च करके की जा सकती है: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)। बढ़ा हुआ आवंटन एलारा कैपिटल ने अपने नोट […]
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Pakistan Stock Market vs Indian Stock Market: निवेशकों के लिए यह किसी गजब संयोग से बढ़कर और कुछ नहीं हो सकता है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान का शेयर बाजार दुनिया की पांचवी और सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था यानी भारत का शेयर बाजार, दोनों एक ही दिन इतिहास में […]
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