प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के साणंद में शनिवार को माइक्रॉन टेक्नॉलजी के कारखाने का उद्घाटन करेंगे। इस एटीएमपी (असेंबली, टेस्ट, मार्किंग और पैकिंग) कारखाने से भारत को सेमीकंडक्टर की दुनिया में अपना कद ऊंचा करने का मौका मिलेगा। माइक्रॉन टेक्नॉलजी 37.4 अरब अमेरिकी डॉलर की मेमोरी सॉल्यूशंस की दिग्गज कंपनी है और दुनिया की ऐसी […]
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फरवरी में शेयर बाजार में खूब उठापटक देखी गई और बेंचमार्क सूचकांक आज 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में भारी बिकवाली ने बेहतर होती कमाई, व्यापार तनाव कम होने और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में सुधार पर भी पानी फेर दिया। आईटी सूचकांक सबसे ज्यादा गिरा। फरवरी […]
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भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष बनाकर आज नई राष्ट्रीय आय श्रृंखला जारी। इसके आधार पर चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था की वास्तविक वृद्धि दर 7.6 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है जो बीते तीन वित्त वर्ष में सबसे अधिक वृद्धि है। मगर इसने नॉमिनल जीडीपी वृद्धि आधार को कम कर दिया है। […]
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मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 0.20 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7.0-7.4 प्रतिशत कर दिया गया है और इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था का आकार आसानी से 4,000 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा। जनवरी में संसद में पेश आर्थिक […]
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नई श्रृंखला के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में कृषि और संबद्ध गतिविधियों में सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) की वृद्धि दर गिरकर 2.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह न केवल पिछले वर्ष के 4.9 प्रतिशत के अनुमानों से कम है बल्कि पुराने आधार वर्ष के 3.1 प्रतिशत के अनुमानों से भी कम है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम […]
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दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार नॉमिनल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट के कारण राजकोषीय घाटा थोड़ा बढ़ गया है और ऋण अनुपात भी थोड़ा अधिक हो गया है। लिहाजा आने वाले समय में अधिक तीव्र समेकन की आवश्यकता होने की उम्मीद है। दरअसल, 345.47 लाख करोड़ रुपये के नॉमिनल जीडीपी को आधार मानने से […]
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भारत के पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रणव सेन का कहना है कि इन बदलावों की सावधानीपूर्वक जांच होनी चाहिए। सेन ने अभिजीत कुमार से कई महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। पेश हैं मुख्य अंश : नई श्रृंखला के तहत कौन से कार्यप्रणालीगत बदलाव महत्त्वपूर्ण हैं और क्यों? दोहरी अपस्फीति का मुद्दा महत्त्वपूर्ण है। इसका मतलब है […]
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में निजी अंतिम खपत व्यय (पीएफसीई) बढ़कर 7.7 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 5.8 प्रतिशत था। इससे खपत मांग पटरी पर लौटने के संकेत मिलते हैं। वित्त वर्ष 2026 के लिए सकल घरेलू उत्पाद […]
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सर्वोच्च न्यायालय ने मुफ्त योजनाओं के बढ़ते चलन पर पिछले हफ्ते नाराजगी जताई। अदालत की चिंता जायज है और इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों की सामूहिक प्रतिक्रिया जरूरी है। तमिलनाडु विद्युत वितरण निगम से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अंधाधुंध मुफ्त योजनाओं के […]
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यह सब बेहद हैरान करने वाला है। पुलिसकर्मियों का काम अपराधियों को गिरफ्तार करना होता है। लेकिन एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य के पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर रही है। हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में हम ऐसा देख चुके हैं। इन सब के मूल में राजनीति है। हाल में भारतीय युवा कांग्रेस से जुड़े […]
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