नई श्रृंखला के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में कृषि और संबद्ध गतिविधियों में सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) की वृद्धि दर गिरकर 2.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह न केवल पिछले वर्ष के 4.9 प्रतिशत के अनुमानों से कम है बल्कि पुराने आधार वर्ष के 3.1 प्रतिशत के अनुमानों से भी कम है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम […]
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दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार नॉमिनल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट के कारण राजकोषीय घाटा थोड़ा बढ़ गया है और ऋण अनुपात भी थोड़ा अधिक हो गया है। लिहाजा आने वाले समय में अधिक तीव्र समेकन की आवश्यकता होने की उम्मीद है। दरअसल, 345.47 लाख करोड़ रुपये के नॉमिनल जीडीपी को आधार मानने से […]
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भारत के पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रणव सेन का कहना है कि इन बदलावों की सावधानीपूर्वक जांच होनी चाहिए। सेन ने अभिजीत कुमार से कई महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। पेश हैं मुख्य अंश : नई श्रृंखला के तहत कौन से कार्यप्रणालीगत बदलाव महत्त्वपूर्ण हैं और क्यों? दोहरी अपस्फीति का मुद्दा महत्त्वपूर्ण है। इसका मतलब है […]
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में निजी अंतिम खपत व्यय (पीएफसीई) बढ़कर 7.7 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 5.8 प्रतिशत था। इससे खपत मांग पटरी पर लौटने के संकेत मिलते हैं। वित्त वर्ष 2026 के लिए सकल घरेलू उत्पाद […]
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सर्वोच्च न्यायालय ने मुफ्त योजनाओं के बढ़ते चलन पर पिछले हफ्ते नाराजगी जताई। अदालत की चिंता जायज है और इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों की सामूहिक प्रतिक्रिया जरूरी है। तमिलनाडु विद्युत वितरण निगम से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अंधाधुंध मुफ्त योजनाओं के […]
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यह सब बेहद हैरान करने वाला है। पुलिसकर्मियों का काम अपराधियों को गिरफ्तार करना होता है। लेकिन एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य के पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर रही है। हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में हम ऐसा देख चुके हैं। इन सब के मूल में राजनीति है। हाल में भारतीय युवा कांग्रेस से जुड़े […]
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सोलहवें वित्त आयोग की रिपोर्ट गत एक फरवरी को 2026-27 के बजट की प्रस्तुति के साथ सार्वजनिक की गई थी। उसकी सिफारिशों के साथ व्यापक रूप से टिप्पणियां भी हैं। हालांकि इन टिप्पणियों में एक समान बात नजर आती है। इनसे संकेत मिलता है कि 16वें वित्त आयोग ने कुछ राज्यों की उस मांग को […]
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हाल ही में पारित बिहार माइक्रोफाइनैंस संस्थान विधेयक, 2026 का भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा विनियमित लेनदारों पर कोई खास प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसी संस्थाओं को राज्य स्तर पर पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। माइक्रोफाइनैंस संस्थानों के नेटवर्क (एमएफआईएन, जो सूक्ष्म वित्त ऋणदाताओं के […]
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विश्लेषकों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतें सबसे खराब स्थिति में 110 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं, जो मौजूदा स्तर से लगभग 57 प्रतिशत अधिक है। दूसरी ओर, दोनों देशों के बीच समझौते और अतिरिक्त वैश्विक आपूर्ति/क्षमता के कारण उतार-चढ़ाव के […]
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (एसईबी) द्वारा सॉल्युशन ओरिएंटेड योजनाओं में नए निवेश को तत्काल रोकने के फैसले से बच्चों और रिटायरमेंट फंडों में चल रही करीब 8,50,000 एसआईपी में व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका है। यह श्रेणी अभी 41 योजनाओं और 62 लाख खातों के साथ करीब 57,000 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का प्रबंधन […]
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