वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में ग्रो ने शानदार नतीजे पेश किए। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर दोगुना हो गया। लेकिन ऊंचे मूल्यांकन की वजह से ब्रोकर इस शेयर में अल्पावधि तेजी को लेकर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। विश्लेषक लंबी अवधि की वृद्धि को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। सिटी : […]
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एचसीएल टेक के कमजोर तिमाही नतीजे जारी करने के बाद बुधवार को निफ्टी आईटी सूचकांक में लगभग 4 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। यह सूचकांक 1,232.85 अंक या 3.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 30,396.25 पर बंद हुआ। बुधवार के कारोबार में यह सबसे ज्यादा गिरने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा। इसके विपरीत निफ्टी-50 सूचकांक में […]
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बंधन म्युचुअल फंड ने अपनी तीन इक्विटी और हाइब्रिड योजनाओं में सोने और चांदी में निवेश के प्रावधान किए हैं। फंड ने अपने स्मॉलकैप, फ्लेक्सीकैप और आक्रामक हाइब्रिड फंडों के ढांचे में बदलाव किया है और सोने और चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) में 10 फीसदी तक निवेश किया है। इस नए प्रावधान का […]
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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के समाधान की उम्मीदों और अनिश्चितता के बीच झूल रहे बाजारों के बारे में निप्पॉन इंडिया ऐसेट मैनेजमेंट के प्रमुख (न्यू ऐसेट क्लास) एंड्रयू हॉलैंड ने मुंबई में पुनीत वाधवा को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर युद्ध छह महीने और खिंचता है तो बाजार हार मान लेंगे। फिलहाल, उनका […]
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बुधवार को एशियाई मुद्राओं में गिरावट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ पश्चिम एशिया संकट को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच रुपया कमजोर हो गया। स्थानीय मुद्रा पिछले बंद भाव 93.50 प्रति डॉलर के मुकाबले 93.80 प्रति डॉलर पर बंद हुई। डीलरों के अनुसार अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए आरबीआई ने संभवतः […]
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इक्विटी म्युचुअल फंड योजनाओं की कैश होल्डिंग करीब 2 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है क्योंकि पिछले महीने फंड मैनेजरों ने बाजार में गिरावट आने पर खरीदारी की। बीएनपी पारिबा के अध्ययन के मुताबिक इक्विटी फंडों ने मार्च में अपने कैश रिज़र्व का 13 फीसदी इस्तेमाल किया, जिससे उनकी होल्डिंग कम होकर […]
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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की अवधि आगे बढ़ाए जाने ने इस बात को रेखांकित किया है कि पश्चिम एशिया के युद्ध में शामिल बड़ी शक्तियों और उनके सहयोगियों में युद्ध की इच्छा कमजोर पड़ी है। बहरहाल अमेरिका द्वारा अप्रत्याशित रूप से होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी करने के निर्णय के बाद भविष्य की […]
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गत माह ओपनएआई ने 882 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर फंड जुटाया और वह जल्दी ही एक लाख करोड़ डॉलर से अधिक की कंपनी बन सकती है। क्या भारत भी ऐसी कंपनी बना पाएगा और अगर हां तो कब? इसका उत्तर वैश्विक संदर्भ में निहित है। ऐसी कंपनियां दुर्लभ हैं: यूरोप, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया […]
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इसमें दो राय नहीं कि पश्चिम एशिया में छिड़ा संघर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका देगा। इसकी वजह तेल एवं गैस पर भारत की निर्भरता भर नहीं है बल्कि देश की राजकोषीय बाधाएं और भुगतान संतुलन के मोर्चे पर संवेदनशीलता भी इसका कारण है। जैसा कि कई अर्थशास्त्रियों और मीडिया रिपोर्टों ने भी संकेत किया […]
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बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश आदि देश के सबसे गरीब राज्यों के सरकारी अस्पतालों में इलाज का खर्च दक्षिण के तमिलनाडु जैसे अमीर राज्यों की तुलना में अधिक आता है। यही नहीं, तीनों राज्यों में मरीजों से राष्ट्रीय औसत 6,631 रुपये से ज्यादा पैसे लिए जाते हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के पिछले […]
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