facebookmetapixel
Advertisement
Explainer: अमेरिकी चेतावनी के बाद हॉर्मुज पर नया बवाल, क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?RBI ने दिखाई सख्ती, Ujjivan SFB की यूनिवर्सल बैंक बनने की राह में आया नया मोड़US-Iran Talks: सीजफायर खत्म होने से पहले US-ईरान में फिर वार्ता की तैयारी, क्या टलेगा बड़ा टकराव?डॉलर में कमजोरी, तेल की कीमतों में गिरावट- बाजार में राहत के संकेतखाद-ईंधन महंगा, कमजोर मौसम के आसार- 2026 में किसानों और बाजार दोनों पर दबाव की आहटStock Market Today: आज शेयर बाजार बंद! अंबेडकर जयंती पर BSE-NSE में नहीं होगी ट्रेडिंगरिन्यूएबल एनर्जी में ट्रांसमिशन की समस्या का समाधान जरूरी: संतोष कुमार सारंगीचैरिटेबल ट्रस्ट्स पर IT विभाग की नजर: कारोबारी आय पर टैक्स छूट को लेकर उठे सवालखाद्य और ईंधन महंगे, मार्च में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.4% पर पहुंचीबेमौसम बारिश और महंगे इनपुट से AC बिक्री ठंडी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर पर दबाव

लेखक : आदिति फडणीस

आज का अखबार, लेख

​पाकिस्तान की मध्यस्थता लेकिन असली खेल तो मुनीर का है!

खबरों में कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार अपने देश के सहयोगियों को एकजुट करने और ईरान तथा अमेरिका को स्थायी रूप से युद्ध विराम के लिए राजी करने के वास्ते लगातार टेलीफोन पर बातचीत कर रहे हैं। लेकिन इन वार्ताओं में असली ताकत निस्संदेह फील्ड […]

अन्य समाचार, आज का अखबार, लेख

पुदुच्चेरी की सियासत में छोटे दलों की अहमियत, बदल सकते हैं पूरा समीकरण

पुदुच्चेरी को 1962 में केंद्र शासित क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद कई दशकों तक उसकी राजनीति को उसके पड़ोसी राज्य तमिलनाडु की राजनीति की नकल माना जाता रहा। यह कुछ हद तक नकल थी भी और नहीं भी। दोनों क्षेत्रों के औपनिवेशिक शासक अलग-अलग थे: तमिलनाडु (तत्कालीन मद्रास प्रांत) में ब्रिटिश और पुदुच्चेरी में […]

आज का अखबार, लेख

नीतीश के बिना बिहार: भाजपा जदयू के रंग में रंगेगी या जदयू भाजपा के रंग में 

बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक दलित विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ईमानदारी के कसीदे पढ़ते हुए कहते हैं, ‘मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता हूं। नीतीश हमारे संगठन से नहीं जुड़े हैं लेकिन त्याग, ईमानदारी और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण के मामले में उन्होंने हममें से कई लोगों को […]

आज का अखबार, लेख

पुलिस बनाम पुलिस विवाद के बीच सियासत गरम: सुक्खू सरकार के लिए संकट में अवसर?

​यह सब बेहद हैरान करने वाला है। पुलिसकर्मियों का काम अपराधियों को गिरफ्तार करना होता है। लेकिन एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य के पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर रही है। हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में हम ऐसा देख चुके हैं। इन सब के मूल में राजनीति है। हाल में भारतीय युवा कांग्रेस से जुड़े […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, भारत

परोपकार की नई मिसाल: 540 अरब डॉलर पहुंचा भारत का दान बाजार, छोटे परिवारों ने भी पेश की नजीर

देश के अमीर लोग अधिक से अधिक दान कर रहे हैं। नकदी और वस्तुएं दान करने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है। लेकिन सीमित संसाधनों वाले लोग भी अनौपचारिक माध्यमों के जरिये लगातार दान कर रहे हैं। देश में परोपकार के बाजार का आकार 2023 के 370 अरब डॉलर से बढ़कर 540 अरब डॉलर […]

आज का अखबार, लेख

सियासी हलचल: मणिपुर के नए मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह के सामने अनेक चुनौतियां

मणिपुर के उखरुल जिले के लगभग 2,200 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में करीब 1,40,000 लोग रहते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, जिले की साक्षरता दर 81 फीसदी है, लेकिन बेरोजगारी 60 फीसदी से अधिक है। कृषि योग्य भूमि कुल क्षेत्रफल का केवल 2.1 फीसदी है, लेकिन 70 फीसदी आबादी खेती से गुजर-बसर करती […]

आज का अखबार, लेख

शरद पवार पर नजर: अजित पवार की मृत्यु के बाद राकांपा के सामने तीन रास्ते

महाराष्ट्र के प्रभावशाली नेता शरद पवार (85 वर्ष) राजनीति से संन्यास लेने की समय-समय पर घोषणा करते रहे हैं। आखिरी बार उन्होंने नवंबर 2024 में राज्य विधान सभा चुनाव के दौरान ऐसा किया था। बारामती से अपनी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एससीपी) के उम्मीदवार और अपने भाई के पौत्र युगेंद्र के लिए प्रचार करते हुए पवार […]

आज का अखबार, महाराष्ट्र, विशेष

जमीनी राजनीति से सत्ता के शिखर तक, अजित पवार की राजनीतिक यात्रा

अपने समर्थकों के बीच ‘अजित दादा’ के नाम से लोकप्रिय महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार (66) की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना में चार अन्य की भी जान चली गई। पवार महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनावों में प्रचार के लिए जा रहे थे। पवार ने उस कार्य के दौरान अपनी जान गंवाई […]

आज का अखबार, लेख

ऑपरेशन पवन और आईपीकेएफ: क्या अब मिलेगा भारतीय शांति सेना के बलिदान को आधिकारिक सम्मान?

श्रीलंका में भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) में अपनी सेवाएं दे चुके एक पूर्व सैनिक जोश में बोल पड़े, ‘हो गया! हो गया!’ यह 14 जनवरी की बात है, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों के अभिनंदन समारोह में कहा था: ‘तत्कालीन सरकार का श्रीलंका में भारतीय सेना भेजने का निर्णय विवादास्पद है। मैं […]

आज का अखबार, लेख

दिग्विजय सिंह की वैचारिक उलझनें: नर्म हिंदुत्व, आरएसएस विरोध और कांग्रेस की पहचान का संकट

वह कांग्रेस के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद वह समय-समय पर खुद को और अपनी पार्टी को वैचारिक विवादों में उलझा देते हैं। इससे यही संकेत निकलता है कि कांग्रेस की अपनी वैचारिक खोज की यात्रा निरंतर जारी है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सदस्य (उनका कार्यकाल इस वर्ष […]

1 2 3 18
Advertisement
Advertisement