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फाइनैंशियल सिस्टम में पड़े हैं बगैर दावे के ₹1 लाख करोड़, आपकी भी अटकी रकम तो अर्जी लगाएं और वापस पाएं

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बुधवार को सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रणाली में निष्क्रिय पड़ी रकम को उसके वास्तविक मालिकों को लौटाने के लिए 'आपका पैसा, आपका अधिकार' आंदोलन की घोषणा की

Last Updated- December 21, 2025 | 9:22 PM IST
Money

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम लोगों से अपील की है कि उन्हें यह जांच करनी चाहिए कि बैंकों, बीमा कंपनियों, म्युचुअल फंडों और सूचीबद्ध कंपनियों में उनकी कोई बगैर दावा की गई रकम है या नहीं और जो उनका हक है उन्हें उसे वापस लेना चाहिए। वित्तीय प्रणाली में 1.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बगैर दावा की गई रकम पड़ी है। इनमें बैंक जमा, बीमा और निवेश का एक बड़ा हिस्सा शामिल है। बुधवार को सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रणाली में निष्क्रिय पड़ी रकम को उसके वास्तविक मालिकों को लौटाने के लिए ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ आंदोलन की घोषणा की।

उल्लेखनीय है कि घरेलू बचत का एक बड़ा हिस्सा बगैर दावा किए पड़ा है। कहा जा रहा है कि लोग अपने बैंक खाते भूल जाते थे या उनका केवाईसी विवरण अधूरा रहता है। कई बार प्राथमिक खाताधारक की मृत्यु हो गई है या नामांकित व्यक्तियों को उस राशि की जानकारी नहीं होती है।

प्रधानमंत्री ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से बतायाः

  • बैंकों के पास करीब 78,000 करोड़ रुपये की बगैर दावा की गई जमा राशि है
  • बीमा कंपनियों के पास 14,000 करोड़ रुपये की ऐसी राशि है जिसका दावा पॉलिसीधारकों या नामांकित व्यक्तियों ने नहीं किया है
  • म्युचुअल फंडों के पास लगभग 3,000 करोड़ रुपये की ऐसे ही पड़े हैं
  • अदा न किए गए लाभांश और बगैर दावा किए गए शेयरों का मूल्य लगभग 900 करोड़ रुपये है

बगैर दावा वाली जमा राशि में दशकों में जमा हुई छोटी और बड़ी रकम शामिल होती है। इस तरह की रकम अक्सर वरिष्ठ नागरिकों या ऐसे निवेशकों की होती है जिनकी मृत्यु हो चुकी है और उनके परिवार को उनकी जमा राशि के बारे में पता नहीं होता है।

क्या है आपका पैसा, आपका अधिकार

इस जागरूकता आंदोलन के तीन स्तंभ हैंः

  • जागरूकता: लोगों को बगैर दावा वाली जमा राशि के बारे में जानकारी देना और उसकी पहचान कैसे करें यह बताना
  • सुगमता: विभिन्न राज्यों में शिविरों लगाकर कई भाषा में सामग्री एवं प्रदर्शन उपलब्ध कराना
  • कार्रवाई: मानक संचालन प्रक्रियाओं और डिजिटल सहायता के जरिये लोगों से जल्द से जल्द दावा दाखिल करने में सक्षम बनाना

सरकार के अनुसार, दूरस्थ क्षेत्रों सहित सैकड़ों जिलों में सुविधा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और लगभग 200 करोड़ रुपये सही दावेदारों को लौटाए जा चुके हैं

अपनी रकम पता करने के लिए वन स्टॉप पोर्टल

नियामक संस्थाओं और मंत्रालयों ने रकम के दावेदार को ढूंढने की प्रक्रिया आसान बनाने के वास्ते कई विशेष प्लेटफॉर्म भी बनाए हैं

  • बिना दावे वाले बैंक जमा और निष्क्रिय खातों के लिए आरबीआई उद्गम पोर्टल की शुरुआत की गई है
  • बिना दावे वाले बीमा भुगतानों के लिए आईआरडीएआई बीमा भरोसा शुरू किया गया है
  • बिना दावे वाले म्युचुअल फंड रकम के लिए सेबी मित्र और बगैर दावे लाभांश और बिना दावे वाले शेयरों के भुगतान के लिए एमसीए आईईपीएफए की शुरुआत की गई है

दावेदार अपनी पहचान विवरण का उपयोग करके इन पोर्टलों की जांच कर सकते हैं और फिर ऑनलाइन या जिलास्तरीय हेल्प डेस्क के जरिये रकम पाने का दावा कर सकते हैं

अभी कार्रवाई क्यों जरूरी

प्रधानमंत्री ने आमलोगों से आग्रह किया है कि वे इसे नहीं टालें। विशेषकर वे लोग जिनके घर के बुजुर्ग रिश्तेदारों के कई खाते या बीमा पॉलिसियां हों। बिना दावे वाली रकम को वापस पाने से लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और वर्षों की बचत बेकार नहीं जाती।

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First Published - December 21, 2025 | 9:22 PM IST

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