भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर साल 2026 में मजबूती के साथ आगे बढ़ता नजर आ रहा है। जनवरी महीने के थोक बिक्री आंकड़े बताते हैं कि लगभग सभी वाहन सेगमेंट में मांग बनी हुई है। दिसंबर के अंत में डीलरों के पास कम स्टॉक था और खुदरा बिक्री भी स्थिर रही, इसी वजह से कंपनियों ने साल की शुरुआत में ज्यादा गाड़ियां भेजीं।
यात्री वाहन, दोपहिया, कमर्शियल वाहन और ट्रैक्टर, सभी सेगमेंट में ग्रोथ देखने को मिली है। इससे साफ है कि यह तेजी किसी एक सेगमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सेक्टर में रिकवरी हो रही है।
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में जनवरी में तस्वीर थोड़ी मिली जुली रही। दिसंबर तिमाही मजबूत रही थी, लेकिन जनवरी में रिटेल बिक्री थोड़ी धीमी हुई। इसी वजह से कंपनियां बिक्री बनाए रखने के लिए डिस्काउंट का सहारा लेती दिखीं।
इसके बावजूद, थोक बिक्री में सालाना आधार पर अच्छी बढ़त दर्ज की गई। SUV की मजबूत मांग, नए मॉडल लॉन्च और पहले घटे हुए स्टॉक की भरपाई से कंपनियों को फायदा मिला। कुछ कंपनियों के लिए एक्सपोर्ट भी सहारा बना रहा।
टू व्हीलर सेगमेंट ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। मोटरसाइकिल, स्कूटर और थ्री व्हीलर, सभी में सालाना आधार पर अच्छी ग्रोथ देखने को मिली।
ग्रामीण इलाकों में हालात सुधरने, नए मॉडल आने और नए देशों में एक्सपोर्ट बढ़ने से मांग मजबूत रही। खासकर स्कूटर की मांग ज्यादा मजबूत दिखी। पेट्रोल स्कूटर के नए मॉडल और इलेक्ट्रिक स्कूटर को लेकर बढ़ती दिलचस्पी ने इस सेगमेंट को आगे बढ़ाया।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने ऊंचे बेस के बावजूद अच्छी ग्रोथ दिखाई। ट्रक ऑपरेटरों की कमाई बेहतर हुई है, माल ढुलाई से जुड़े संकेत भी पॉजिटिव हैं और ग्राहकों का भरोसा भी बना हुआ है। पूरे साल के आंकड़ों में इस सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है।
ट्रैक्टर सेगमेंट इस समय सबसे मजबूत सेगमेंट में से एक बनकर उभरा है। बेहतर बारिश, जलाशयों में पानी, अच्छी फसल, MSP में बढ़ोतरी और ग्रामीण इलाकों में नकदी बढ़ने से ट्रैक्टर की बिक्री में तेज उछाल आया है। आने वाले महीनों में भी इस सेगमेंट का आउटलुक मजबूत माना जा रहा है।
एक अहम बदलाव यह देखने को मिला है कि एंट्री लेवल कार और दोपहिया वाहनों की मांग बढ़ रही है। इसका मतलब है कि आम लोगों की खरीदने की क्षमता सुधर रही है। GST में बदलाव के बाद भी त्योहारों के बाद मांग बनी हुई है।
कंपनियां अंतिम तिमाही में कम स्टॉक के साथ जा रही हैं, इसलिए आने वाले समय में खासकर पैसेंजर व्हीकल्स में डिस्काउंट धीरे धीरे कम हो सकते हैं।
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services का मानना है कि मीडियम टर्म में ऑटो सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। मजबूत मांग, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और बढ़ती बिक्री से कंपनियों की कमाई में सुधार देखने को मिल सकता है।
Motilal Oswal के मुताबिक, TVS Motors पिछले कई सालों से लगातार बाजार हिस्सेदारी बढ़ा रही है। कंपनी की ब्रांड पकड़ मजबूत है और उसका क्रियान्वयन बेहतर रहा है। कंपनी की कमाई और मुनाफे में लगातार सुधार हुआ है। आने वाले वर्षों में नए लॉन्च, बढ़ती बिक्री और बेहतर मार्जिन के दम पर TVS की ग्रोथ बनी रहने की उम्मीद है।
Maruti Suzuki भारत के पैसेंजर व्हीकल बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। छोटी कारों की मांग फिर से बढ़ रही है और SUV सेगमेंट में भी कंपनी की पकड़ मजबूत हो रही है। GST में कटौती से छोटी कारें ज्यादा सस्ती हुई हैं, जिससे बिक्री को बड़ा सहारा मिला है। नए मॉडल और तेजी से बढ़ता एक्सपोर्ट कंपनी की ताकत हैं। Motilal Oswal ने Maruti Suzuki पर BUY की राय बरकरार रखी है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख Motilal Oswal Financial Services की राय पर आधारित है। इसमें दिए गए विचार उनके अपने हैं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)