म्युचुअल फंड

इक्विटी म्युचुअल फंड्स में निवेश 14% घटा, जनवरी में Gold ETFs में आया ₹24,000 करोड़; SIP इनफ्लो स्थिर

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) निवेश म्युचुअल फंड्स को लगातार मजबूती दे रहा है। जनवरी में मंथली SIP निवेश 31,002 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा

Published by
अंशु   
Last Updated- February 10, 2026 | 4:45 PM IST

AMFI January 2026 Data: जियो पॉलिटिकल टेंशन और शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच इक्विटी म्युचुअल फंड्स में निवेश लगातार सुस्त होता जा रहा है। कैलेंडर ईयर 2026 के पहले महीने में इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश 14 फीसदी घटकर 24,028 करोड़ रुपये रह गया, जो दिसंबर 2025 में 28,054 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर जनवरी 2025 के 39,687 करोड़ रुपये की तुलना में इसमें 39 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार दूसरा महीना रहा जब इक्विटी इनफ्लो में नरमी देखने को मिली है। हालांकि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) निवेश म्युचुअल फंड्स को लगातार मजबूती दे रहा है। जनवरी में मंथली SIP निवेश 31,002 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा। गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में ताबड़तोड़ निवेश जारी है। हैरानी की बात यह रही कि गोल्ड ETF में आया निवेश इक्विटी म्युचुअल फंड्स से भी ज्यादा रहा।

Also Read: बजट में बढ़ी बाजार उधारी से बॉन्ड यील्ड ऊपर, डेट म्युचुअल फंड निवेशकों को रणनीति बदलने की जरूरत

फ्लेक्सीकैप फंड्स पर भरोसा बरकरार

इक्विटी म्युचुअल फंड्स की 11 सब-कैटेगरी में फ्लेक्सीकैप फंड्स में निवेशकों ने सबसे ज्यादा पैसा लगाया। जनवरी 2026 में इनमें 7,672 करोड़ रुपये का निवेश आया। हालांकि दिसंबर महीने की तुलना में इस कैटेगरी में निवेश कम आया। दिसंबर में फ्लेक्सीकैप फंड्स में 10,019 करोड़ रुपये का निवेश आया था। मिरे असेट में हेड–डिस्ट्रिब्यूशन एंड स्ट्रैटेजिक अलायंसेज सुरंजना बोरठाकुर ने कहती हैं, “फ्लेक्सीकैप फंड्स में सबसे ज्यादा, करीब 7,600 करोड़ रुपये का निवेश आया। इससे पता चलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक डायवर्सिफाइड इक्विटी रणनीतियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।”

इक्विटी श्रेणियों के भीतर रुझान मिले-जुले रहे। लार्ज-कैप फंड्स में निवेश बढ़कर 2,005 करोड़ रुपये हो गया, जो दिसंबर में 1,567.4 करोड़ रुपये था।इसके विपरीत, मिड-कैप फंड्स में निवेश घटकर 3,185 करोड़ रुपये रह गया, जो पहले 4,176 करोड़ रुपये था। वहीं स्मॉल-कैप फंड्स में 2,942 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि पिछले महीने यह 3,824 करोड़ रुपये था। सेक्टोरल/थीमैटिक फंड्स में निवेश मामूली बढ़कर 1,043 करोड़ रुपये रहा, जो दिसंबर में 946 करोड़ रुपये था।

इ​क्विटी म्युचुअल फंड कैटेगरी जनवरी 2026 (₹ करोड़ में) दिसंबर 2025 (₹ करोड़ में)
मल्टीकैप फंड 1,995.23 2,254.95
लार्ज कैप फंड 2,004.98 1,567.42
लार्ज एंड मिड कैप 3,181.89 4,093.51
मिड कैप फंड 3,185.47 4,175.81
स्माल कैप फंड 2,942.11 3,823.82
डिविडेंड यील्ड फंड 47.83 -254.32
वैल्यू फंड/कॉन्ट्रा फंड 992.89 1,088.51
फोकस्ड फंड 1,556.96 1,056.82
सेक्टोरल/​थीमेटिक फंड 1,042.56 945.99
ELSS -593.69 -717.73
फ्लेक्सी कैप फंड 7,672.36 10,019.2

(सोर्स: AMFI)

Also Read: SIF में 360 ONE MF की एंट्री, DynaSIF Equity Long-Short Fund लॉन्च; किसके लिए सही निवेश?

कैनरा रोबेको AMC के नेशनल हेड (सेल्स एंड मार्केटिंग) गौरव गोयल ने कहा कि जनवरी 2026 में इक्विटी इनफ्लो में कुछ नरमी जरूर आई, लेकिन म्युचुअल फंड में निवेशकों की भागीदारी स्थिर बनी हुई है। अलग-अलग और लचीले निवेश विकल्पों वाली योजनाओं में लगातार निवेश आ रहा है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान फ्लेक्सीकैप फंड्स में सबसे ज्यादा 7,672.36 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। इसके बाद मिडकैप फंड्स में 3,185.47 करोड़ रुपये और लार्ज एंड मिड-कैप फंड्स में 3,181.89 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया। उनके मुताबिक यह दिखाता है कि निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और वे ऐसे फंड चुन रहे हैं जो अलग-अलग बाजार सेगमेंट में डायवर्सिफिकेशन का मौका देते हैं।

Gold ETFs के आगे सब फेल

शेयर बाजार के माहौल को देखते हुए निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया सेफ हेवन माने जाने वाले गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) में ताबड़तोड़ निवेश जारी रखा। AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (Gold ETFs) की मांग में तेज उछाल देखा गया और इनमें 24,040 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो दिसंबर के 11,647 करोड़ रुपये की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। निवेश का यह स्तर हाल के वर्षों में गोल्ड ईटीएफ के लिए सबसे मजबूत महीनों में से एक रहा।

अन्य ईटीएफ– जिनमें सिल्वर और इंडेक्स फंड जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं- में भी भागीदारी बढ़ी और इनमें दिसंबर के 13,199.44 करोड़ रुपये के मुकाबले 15,006 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया।

Also Read: डीमैट म्युचुअल फंड निवेश होगा आसान: SWP-STP के लिए SEBI की नई सुविधा से बदलेगा खेल

द वेल्थ कंपनी म्युचुअल फंड में सीआईओ-डेट उमेश शर्मा कहते हैं, “सोने और मल्टी-एसेट कैटेगरीज में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी बनी रही। जनवरी 2026 में गोल्ड ईटीएफ में लगभग 24,040 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश आया। इसकी वजह यह रही कि पिछले एक साल में सोना और चांदी का प्रदर्शन दूसरे बड़े एसेट क्लास से बेहतर रहा। लगातार अच्छे प्रदर्शन से इन फंड्स की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी बढ़ती रहीं। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए ये कैटेगरीज डायवर्सिफिकेशन का पसंदीदा विकल्प बन गई हैं।”

हाइब्रिड कैटेगरी में मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स का जलवा

हाइब्रिड फंड्स में मंथली निवेश 61 फीसदी बढ़कर जनवरी में 17,356 करोड़ रुपये हो गया, जो दिसंबर में 10,755 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर जनवरी 2025 के 8,767 करोड़ रुपये की तुलना में इसमें 98 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

छह सब-कैटेगरीज में मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स में सबसे ज्यादा 10,485 करोड़ रुपये का निवेश आया। इसके बाद आर्बिट्राज फंड्स रहे, जिनमें 3,293 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। आर्बिट्राज फंड्स में दिसंबर 2025 के 126 करोड़ रुपये के मुकाबले निवेश में मासिक आधार पर 2,507 फीसदी की तेज उछाल दर्ज की गई। वहीं इक्विटी सेविंग्स फंड्स और कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड्स में निवेश क्रमशः 81 फीसदी और 35 फीसदी घट गया।

वरदराजन बताते हैं, “कीमती धातुएं लगातार चमक रही हैं। जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में निवेश दिसंबर की तुलना में दोगुना हो गया। जनवरी में करीब 24,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मासिक निवेश दर्ज हुआ, जिससे चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल निवेश लगभग 61,000 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसका असर मल्टी-एसेट कैटेगरी में भी दिखा, जहां निवेशकों ने अपनी एसेट एलोकेशन में डायवर्सिफिकेशन की कोशिश की। कीमती धातुओं में बढ़ती दिलचस्पी का फायदा इस कैटेगरी को भी मिला है।”

Also Read: निवेशकों ने एक महीने में गोल्ड में डाल दिए 24 हजार करोड़ रुपये

डेट फंड में 2 महीने की निकासी का सिलसिला टूटा

जनवरी 2026 में डेट फंड्स में 74,827 करोड़ रुपये का निवेश आया, जिससे लगातार दो महीनों की निकासी का सिलसिला टूट गया। नवंबर और दिसंबर 2025 में इस कैटेगगरी से कुल 1.58 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। सालाना आधार पर देखें तो यह निवेश पिछले साल की समान अवधि के 1.28 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 42 फीसदी कम रहा।

टाटा AMC के चीफ बिजनेस ऑफिसर आनंद वरदराजन ने कहा कि दिसंबर में भारी निकासी के बाद जनवरी में करीब 74,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ फिक्स्ड इनकम फंड्स में इनफ्लो कुछ हद तक स्थिर हुआ है। यील्ड में तेज उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक लिक्विड फंड्स और कम अवधि वाले फंड्स, जैसे अल्ट्रा शॉर्ट और मनी मार्केट फंड्स, में बने रहना पसंद कर रहे हैं।

16 सब-कैटेगरीज में ओवरनाइट फंड्स में सबसे ज्यादा 46,280 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि कॉरपोरेट बॉन्ड फंड्स से 11,472 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई। जनवरी में लिक्विड फंड्स में 30,681 करोड़ रुपये और मनी मार्केट फंड्स में 12,763 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।

MF इंडस्ट्री का AUM बढ़कर ₹81 लाख करोड़

इक्विटी निवेश में सुस्ती के बावजूद म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल संपत्ति बढ़ी है। दिसंबर में कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 80.23 लाख करोड़ रुपये था, जो जनवरी में बढ़कर 81.01 लाख करोड़ रुपये हो गया।

जनवरी में पूरे उद्योग में 1.56 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। यह दिसंबर में हुई 66,591 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी के बाद सुधार का संकेत है। यह बढ़त अलग-अलग फंड श्रेणियों में आए निवेश की वजह से हुई।

First Published : February 10, 2026 | 3:43 PM IST