facebookmetapixel
Budget 2026: क्या घर खरीदना होगा सस्ता? टैक्स छूट व GST कटौती पर रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी उम्मीदेंVedanta Q3FY26 results: मुनाफा 60% बढ़कर ₹7,807 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू भी बढ़ाEconomic Survey 2026: FPI इनफ्लो में बना रहेगा उतार-चढ़ाव, FDI निवेश को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकसRTI कानून की दोबारा हो समीक्षा- इकोनॉमिक सर्वे, संभावित बदलावों के दिये सुझावभारतीय शहरों की सुस्त रफ्तार पर इकोनॉमिक सर्वे की दो टूक: ट्रैफिक और महंगे मकान बन रहे विकास में रोड़ाछोटी गाड़ियों की बिक्री बढ़ने से दौड़ेगा Auto Stock, नए लॉन्च भी देंगे दम; ब्रोकरेज ने कहा – 25% तक रिटर्न संभवसोने-चांदी कब तक नहीं होगा सस्ता? इकोनॉमिक सर्वे ने बतायाEconomic Survey में स्मार्टफोन की लत को बताया ‘बड़ी मुसीबत’, कहा: इससे बच्चों-युवाओं में बढ़ रहा तनावEconomic Survey 2026: 4.4% फिस्कल डेफिसिट लक्ष्य की ओर बढ़ी सरकार, कैपेक्स से बनी मजबूतीEconomic Survey 2026: FY26 में प्राइमरी मार्केट्स ने दिखाया दम, ₹10.7 लाख करोड़ से ज्यादा जुटाए

भविष्य को लेकर उत्साहित, बेहतरीन रहेगा वित्त वर्ष 2024-25: अशोक सूटा

बेंगलूरु की यह कंपनी अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मौजूदा क्षमता और अधिग्रहण के जरिये वृद्धि पर दांव लगा रही है।

Last Updated- May 07, 2024 | 10:19 PM IST
Ashok Soota

वैश्विक महामारी के ठीक बीच सितंबर 2020 में अपने निर्गम मूल्य के मुकाबले 111 प्रतिशत बढ़त के साथ शेयर बाजार में सूचीबद्धता हुई हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजिज (Happiest Minds Technologies) के लिए वित्त वर्ष 2024-25 अब तक का सबसे अच्छा वर्ष साबित होने वाला है।

हैपिएस्ट माइंड्स के कार्यकारी चेयरमैन अशोक सूटा (Ashok Soota) ने कहा, ‘वित्त वर्ष 24 में हमने जो परिवर्तनकारी बदलाव किए और वित्त वर्ष 25 की शुरुआत में हमने जो अधिग्रहण संपन्न किए हैं, उनके कारण हम भविष्य को लेकर सचमुच उत्साहित हैं। असल में आईपीओ के बाद से वित्त वर्ष 25 हमारा अब तक का सबसे अच्छा साल होने जा रहा है।’

सूटा ने वित्तीय नतीजों के बाद प्रेस वार्ता में कहा, ‘इस साल हम वित्त वर्ष 31 तक एक अरब डॉलर के राजस्व का अपना दीर्घकालिक लक्ष्य हासिल करने की राह पर लौट आए हैं। जब हमने सितंबर 2021 में इस लक्ष्य का ऐलान किया था, तो हमें 25.3 प्रतिशत सीएजीआर की जरूरत थी, लेकिन अब हमारा अनुमान है कि यह लक्ष्य पाने के लिए हमें केवल 22 प्रतिशत सीएजीआर की ही जरूरत होगी।’

बेंगलूरु की यह कंपनी अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मौजूदा क्षमता और अधिग्रहण के जरिये वृद्धि पर दांव लगा रही है। कंपनी ने वित्त वर्ष 25 की शुरुआत में दो प्रमुख अधिग्रहण किए थे, जिसके बारे में प्रबंधन का मानना है कि इससे उसकी वृद्धि को खासी रफ्तार मिलेगी।

पिछले महीने इसने 9.45 करोड़ डॉलर (करीब 779 करोड़ रुपये) में नोएडा की प्योरसॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजिज के अधिग्रहण के लिए पक्का करार किया था। इस अधिग्रहण के जरिये हैपिएस्ट माइंड्स का इरादा बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) तथा स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को मजबूत करना है।

First Published - May 7, 2024 | 10:19 PM IST

संबंधित पोस्ट