facebookmetapixel
Indigo ने DGCA को दिया भरोसा: 10 फरवरी के बाद कोई फ्लाइट कैंसिल नहीं होगी, पायलटों की कमी हुई दूरJio BlackRock AMC का इन्वेस्टर बेस 10 लाख तक: 18% नए निवेशक शामिल, 2026 का रोडमैप जारीBudget 2026: MSME सेक्टर और छोटे कारोबारी इस साल के बजट से क्या उम्मीदें लगाए बैठे हैं?PhonePe IPO को मिली SEBI की मंजूरी, कंपनी जल्द दाखिल करेगी अपडेटेड DRHPBudget 2026: क्या इस साल के बजट में निर्मला सीतारमण ओल्ड टैक्स रिजीम को खत्म कर देगी?Toyota ने लॉन्च की Urban Cruiser EV, चेक करें कीमत, फीचर्स, डिजाइन, बैटरी, बुकिंग डेट और अन्य डिटेलसोना-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, गोल्ड पहली बार ₹1.5 लाख के पार, चांदी ₹3.30 लाख के करीबPSU Bank Stock: लंबी रेस का घोड़ा है ये सरकारी शेयर, ब्रोकरेज ने ₹150 तक के दिये टारगेटबैंकिंग सेक्टर में बदल रही हवा, मोतीलाल ओसवाल की लिस्ट में ICICI, HDFC और SBI क्यों आगे?Suzlon Energy: Wind 2.0 से ग्रोथ को लगेंगे पंख! मोतीलाल ओसवाल ने कहा- रिस्क रिवार्ड रेश्यो बेहतर; 55% रिटर्न का मौका

भारतीय कंपनियों की कुल ब्रांड वैल्यू 100 अरब डॉलर पार, TCS ने रचा इतिहास

Last Updated- May 31, 2023 | 10:23 PM IST
TCS

वैश्विक ब्रांड सलाहकार फर्म इंटरब्रांड के अनुसार भारतीय कंपनियों के ब्रांड का कुल मूल्य 8,31,005.7 करोड़ रुपये (100 अरब डॉलर) से अधिक हो गया है। फर्म ने भारत के शीर्ष 50 सबसे अधिक मूल्यवान ब्रांडों के संबंध में अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले एक दशक के दौरान इन आंकड़ों में 167 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा फर्म टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) एक लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहला भारतीय ब्रांड बन गई है। इसने 1,09,576 करोड़ रुपये के ब्रांड मूल्य के साथ सूची में सबसे ऊपर जगह बनाई है, जो पिछले दशक में 153 प्रतिशत का इजाफा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज 65,320.8 करोड़ रुपये के ब्रांड मूल्य के साथ दूसरे पायदान पर रही है, जो पिछले एक दशक में 121 प्रतिशत अधिक है। तीसरा स्थान आईटी सेवा कंपनी इन्फोसिस ने हासिल किया है, जिसका ब्रांड मूल्य पिछले एक दशक में 197 प्रतिशत बढ़कर 53,323.8 करोड़ रुपये हो गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शीर्ष 10 ब्रांड के कुल मूल्य में अकेले शीर्ष तीन ब्रांड की हिस्सेदारी ही 46 प्रतिशत है। इसके अलावा शीर्ष पांच ब्रांड सामूहिक रूप से इस तालिका के कुल मूल्य में 40 प्रतिशत का योगदान करते हैं।

यह वर्ष ऐतिहासिक है क्योंकि पिछले एक दशक में पहली बार तीन प्रौद्योगिकी ब्रांड ने शीर्ष पांच में जगह बनाई है। इस तालिका में इन शीर्ष 10 ब्रांड ने इंटरब्रांड के तीन ‘ब्रांड स्ट्रेंथ फैक्टर्स’- विश्वास, विशिष्टता और सहानुभूति में उल्लेखनीय स्तर हासिल किया है।

इंटरब्रांड के वैश्विक मुख्य कार्याधिकारी गोंजालो ब्रुजो ने कहा ‘इस साल की सूची भारतीय ब्रांड परिदृश्य की उल्लेखनीय वृद्धि और प्रगति को दर्शाती है। 100 अरब डॉलर स्तर पार करते हुए कुल ब्रांड मूल्य में यह उल्लेखनीय वृद्धि सराहनीय उपलब्धि है तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय ब्रांडों की ताकत और क्षमता साबित करती है। हम इन ब्रांडों की निरंतर सफलता और नवोन्मेष को देखकर गर्व अनुभव कर रहे हैं, जो भारत में कारोबार के भविष्य को आकार दे रहे हैं।’

इन शीर्ष 10 ब्रांड का कुल ब्रांड मूल्य 4,94,992 करोड़ रुपये है, जो सूची में शेष 40 ब्रांड के संयुक्त मूल्य 3,36,013 करोड़ रुपये से अधिक है। पिछले 10 साल में सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों की जांच करने पर पता चलता है कि एफएमसीजी ने प्रभावशाली 25 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर (सीएजीआर) का प्रदर्शन किया है, इसके बाद 17 प्रतिशत के साथ आवास निर्माण और बुनियादी ढांचा तथा 14 प्रतिशत के साथ प्रौद्योगिकी का स्थान रहा है।

First Published - May 31, 2023 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट