शेयर बाजार

Closing Bell: ग्लोबल टेंशन बढ़ने से बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1065 अंक लुढ़का; निफ्टी 25232 पर बंद

Closing Bell: दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद चुनिंदा स्टॉक्स में गिरावट और डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट ने भी बाजार को नीचे खींचा।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- January 20, 2026 | 3:53 PM IST

Stock Market Closing Bell, Tuesday, January 20, 2026: एशियाई बाजारों से सुस्त संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (20 जनवरी) को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक बाजारों में निवेशकों ने बढ़ते भूराजनीतिक तनावों को लेकर सतर्क रुख अपनाया। इसका असर घरेलू बाजारों पर भी पड़ा। साथ ही दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद चुनिंदा स्टॉक्स में गिरावट और डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट ने भी बाजार को नीचे खींचा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मामूली गिरावट के साथ 83,207 अंक पर खुला। खुलने के बाद इंडेक्स में गिरावट देखने को मिली और दोपहर में बिकवाली हावी हो गई। अंत में सेंसेक्स 1065.71 अंक या 1.28 फीसदी की बड़ी गिरावट लेकर 82,180.47 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 25,580 पर सपाट खुला और खुलने के कुछ देर में 25,500 के स्तर से नीचे फिसल गया। बाद में बिकवाली का दबाव बढ़ने से यह 353 अंक या 1.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,232.50 पर बंद हुआ।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा, ”अमेरिकी प्रशासन द्वारा विदेश नीति के तहत टैरिफ का आक्रामक और अक्सर अनिश्चित तरीके से इस्तेमाल वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा रहा है। इसके चलते वित्तीय बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर जोखिम वाले निवेश विकल्पों पर पड़ा है। जबकि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में तेजी आई है।”

उन्होंने कहा, ”अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की नई धमकियों। खासतौर पर ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका के कदम का विरोध करने वाले देशों के खिलाफ ने एक बार फिर वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली को तेज कर दिया है। इसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी पड़ा, जहां व्यापक स्तर पर दबाव देखने को मिला।”

पोनमुदी आर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजार आज के कारोबारी सेशन में साफ तौर पर कमजोरी के साथ बंद हुए। इसकी वजह कमजोर वैश्विक संकेत, निवेशकों की सतर्क रणनीति और जोखिम लेने की कम इच्छा रही। अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, वैश्विक आर्थिक सुस्ती के शुरुआती संकेत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी चिंताओं ने पूरे दिन बाजार की धारणा को कमजोर बनाए रखा।”

उन्होंने कहा, ”नकारात्मक माहौल को और गहरा करते हुए रुपया भी तेज़ी से कमजोर हुआ और डॉलर के मुकाबले 91 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया, जिससे निवेशकों की धारणा और दबाव में आ गई।”

Top Losers & Gainers

सेंसेक्स की कंपनियों में इटरनल के शेयर 4 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर बंद हुए। बजाज फाइनेंस में 3.88 फीसदी की गिरावट आई। इसके अलावा सन फार्मा, इंडिगो, ट्रेंट लिमिटेड, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील और अदाणी पोर्ट्स के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, सिर्फ एचडीएफसी बैंक के शेयर हरे निशान में रहे।

सेक्टोरल मोर्चे पर सभी इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह 5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। इसके अलावा निफ्टी ऑटो में 2.56 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में 2.06 प्रतिशत में गिरावट देखी गई। ब्रोडर मार्केटस में में और भी ज्यादा गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 2.62 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 2.85 प्रतिशत गिर गया।

Global Markets

एशिया के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट जारी रही। इसमें सबसे ज्यादा गिरावट जापान के निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में देखी गई। जापान के शेयर बाज़ार भी दबाव में रहे। क्योंकि प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने अगले महीने जल्दी चुनाव कराने का आधिकारिक ऐलान किया है। वहीं, सोमवार को मार्टिन लूथर किंग जूनियर डे की वजह से वॉल स्ट्रीट बंद रहा।

First Published : January 20, 2026 | 8:21 AM IST