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GST में राहत से छोटी SUV की मांग में आ सकता है उछाल, Hyundai ने जताई सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद

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ह्युंडै का कहना है कि जीएसटी दरों में सुधार और वेतन आयोग की सिफारिशों से छोटी एसयूवी श्रेणी में मांग तेजी से बढ़ेगी और यह श्रेणी सबसे आगे रहेगी

Last Updated- September 11, 2025 | 10:01 PM IST
Hyundai
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

जीएसटी दरों में हालिया सुधार के बाद आने वाले महीनों के दौरान सभी श्रेणियों में से छोटी स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) श्रेणी में ‘अधिकतम’ वृद्धि हो सकती है। इस श्रेणी में 4 मीटर से कम लंबाई वाले मॉडल शामिल होते हैं। ह्युंडै मोटर इंडिया (एचएमआईएल) के मुख्य परिचालन अधिकारी तरुण गर्ग ने आज यह जानकारी दी।

उन्होंने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) के 65वें वार्षिक सम्मेलन के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘छोटी एसयूवी श्रेणी पहले से ही कार उद्योग की सबसे बड़ी श्रेणी है। जीएसटी दरों में संशोधन के साथ-साथ 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और ग्राहकों की बढ़ती आकांक्षाओं से मांग को खासा बढ़ावा मिल सकता है। छोटी एसयूवी श्रेणी में सर्वाधिक वृद्धि हो सकती है।’

उन्होंने कहा कि पिछले 4 से 5 साल के दौरान इस श्रेणी में पेश कई मॉडलों से छोटी एसयूवी के प्रति आकर्षण का अंदाजा लगाया जा सकता है जबकि हैचबैक श्रेणी में केवल कुछ ही मॉडल पेश किए गए हैं। इनकी कीमत भी 10 लाख रुपये से कम रहती है। उन्होंने कहा, ‘ग्राहकों की वह चाह (छोटी एसयूवी जैसी अपेक्षाकृत बड़ी कार की) खत्म नहीं होगी।’

गर्ग ने कहा कि मुख्य रूप से मनोबल से चलने वाले शहरी बाजार में अब छोटी एसयूवी के लिए दमदार मांग दिखने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘जब अच्छा मॉनसून, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) वगैरह होते हैं तो ग्रामीण बाजार बेहतर प्रदर्शन करता है। जब समूचा मनोबल सकारात्मक होता है तो शहरी बाजार बेहतर प्रदर्शन करता है। अब जीएसटी दर में बदलाव के साथ शहरी बाजार को भी बढ़ावा मिलेगा।’

वर्तमान में उद्योग की कुल यात्री वाहन बिक्री में छोटी एसयूवी की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है। अप्रैल से जुलाई के दौरान देश में 3,95,114 एसयूवी बेची गईं। ह्युंडै की एक्सटर, मारुति की ब्रेजा, टाटा मोटर्स की पंच और किया की सोनेट छोटी एसयूवी श्रेणी के कुछ प्रमुख मॉडल हैं।

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First Published - September 11, 2025 | 10:01 PM IST

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