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Infosys-Wipro ADR में गिरावट, ‘ज्यादा लोगों से ज्यादा काम’ वाला मॉडल अब खतरे में

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Infosys और Wipro के ADR में गिरावट से संकेत, AI को लेकर बढ़ती चिंता के बीच घरेलू आईटी शेयर दबाव में खुल सकते हैं

Last Updated- February 13, 2026 | 8:38 AM IST
artificial intelligence

IT Stocks में मची हलचल ने बाजार का माहौल अचानक बदल दिया है। वॉल स्ट्रीट से आई कमजोरी ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, क्योंकि डर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पारंपरिक आईटी कारोबार की रफ्तार बदल सकता है। यही वजह है कि अब घरेलू बाजार में भी आईटी शेयरों की कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

वॉल स्ट्रीट से आया झटका

अमेरिका में लिस्टेड भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। Infosys के एडीआर करीब 10 प्रतिशत टूट गए, जबकि Wipro के एडीआर में भी अच्छी-खासी गिरावट (4.6%) रही। इसका सीधा मतलब है कि विदेशी निवेशक फिलहाल आईटी सेक्टर को लेकर सतर्क हो गए हैं। बाजार में यह डर बैठा है कि नई AI तकनीकें पुराने काम के तरीके को बदल सकती हैं, जिससे कमाई पर असर पड़ सकता है।

घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव

इस डर का असर भारत में भी दिखा। बड़े आईटी शेयरों में तेज बिकवाली हुई। Tata Consultancy Services समेत कई दिग्गज कंपनियों के शेयर 6 से 7 प्रतिशत तक फिसल गए। कई मिडकैप आईटी शेयर भी 6 से 8 प्रतिशत तक टूटे। कुछ कंपनियां तो साल के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गईं। पिछले कुछ ही कारोबारी सत्रों में आईटी इंडेक्स में दो अंकों की गिरावट निवेशकों की बेचैनी दिखाती है।

IT Stocks में गिरावट की असली वजह क्या है

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका के मजबूत नौकरी आंकड़ों के बाद ब्याज दरों में जल्दी कटौती की उम्मीद कम हुई है। इससे टेक शेयरों पर दबाव आया है। दूसरी बड़ी चिंता AI को लेकर है। निवेशकों को लग रहा है कि अगर मशीनें ज्यादा काम करने लगीं, तो पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग घट सकती है। यही डर अभी बाजार की दिशा तय कर रहा है।

आगे बाजार का मूड कैसा रह सकता है

वैश्विक बाजारों में कमजोरी के संकेत बताते हैं कि भारतीय शेयर बाजार भी दबाव में खुल सकता है। Enrich Money के सीईओ पोनमुदी आर कहते हैं कि निवेशक फिलहाल ऊंचे स्तर पर मुनाफा निकालना पसंद कर रहे हैं। उनके मुताबिक पिछले सत्र में लाखों करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू साफ हो गई, जो घबराहट का संकेत है।

IT Stocks के लिए लंबी चुनौती

Geojit Investments के रिसर्च हेड विनोद नायर का मानना है कि AI आईटी सेक्टर की संरचना बदल सकता है। काम तेजी से होगा, कई दोहराए जाने वाले काम मशीनें कर लेंगी। इससे पारंपरिक ‘ज्यादा लोगों से ज्यादा काम’ वाला मॉडल चुनौती में आ सकता है।

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First Published - February 13, 2026 | 8:29 AM IST

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