हिंदुजा समूह की प्रमुख भारतीय कंपनी अशोक लीलैंड यूरोपीय संघ (ईयू) और ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के मद्देनजर यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के अपने कारोबार की रणनीति को फिर से तैयार कर सकती है। कंपनी के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने यह जानकारी दी है।
ब्रिटेन में अपनी ईवी कंपनी स्विच मोबिलिटी की एक इकाई बंद करने के बाद कंपनी इलेक्ट्रिक बसों के अपने उत्पादन आधार को ब्रिटने से हटाकर यूएई के रास अल खैमाह (आरएके) में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में लगी थी। यह सऊदी अरब में एक विनिर्माण इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया में भी लगी हुई है। भारत द्वारा व्यापार सौदों को अंतिम रूप दिए जाने के साथ कंपनी अब सीधे यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बाजारों में निर्यात करने की संभावना पर विचार कर रही है।
हिंदुजा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हमारी आकांक्षा यूरोपीय बाजार में विकास करने की है। हमारे पास एक नया मॉडल ई1 (स्विच द्वारा इलेक्ट्रिक बस) है। हमारा इरादा इन वाहनों को आरएके से निर्यात करने का था। नए एफटीए से ऐसा रास्ता खुलता है जिसके जरिये भारत में उत्पादन करना भी फायदेमंद हो सकता है। हम लागत के मानकों को ध्यान में रखते हुए सबसे अच्छे विकल्प पर विचार करेंगे।’
कंपनी खाड़ी सहयोग परिषद क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए भी इस योजना पर विचार कर रही है। आरएके की इकाई पहले से ही 6,000 वाहनों की अपनी पूरी क्षमता पर चल रही है। कंपनी को इस साल इस क्षेत्र में लगभग 7,000 से 8,000 वाहनों की बिक्री की उम्मीद थी। इसलिए सऊदी अरब में 2,500 वाहन क्षमता वाला नया असेंबली संयंत्र बनाने की योजना है, जिससे कंपनी को यूएई से निर्यात किए गए वाहनों पर सीमा शुल्क बचाने का लाभ मिलेगा। बीएस