HAL Share Price: आईटी और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली के चलते कारोबारी हफ्ते के आखिरी सेशन शुक्रवार को बाजार में भारी गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूट गया। इस गिरावट के बीच भी सरकारी डिफेंस स्टॉक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) में मजबूती देखने को मिली। शुरुआती सेशन में स्टॉक 2 फीसदी से ज्यादा उछल गया। दरअसल, अनुमान के मुताबिक तिमाही नतीजों (Q3FY26) का असर स्टॉक की चाल पर देखने को मिला। ब्रोकरेज हाउस HAL पर बुलिश बने हुए हैं और 40 फीसदी तक अपसाइड के टारगेट दिये हैं। हालांकि, ब्रोकरेज की नजर एग्जीक्यूशन और तेजस की डिलिवरी की चाल पर है।
ब्रोकरेज फर्म एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग (Antique Stock Broking) ने एचएएल पर खरीदारी की सलाह बनाए रखी है। साथ ही प्रति शेयर टारगेट प्राइस 5841 रुपये रखा है। गुरुवार को शेयर 4159 रुपये पर बंद हुआ था। इस तरह मौजूदा भाव से स्टॉक में आगे करीब 40 फीसदी का तगड़ा अपसाइड देखने को मिल सकता है।
एंटिक का कहना है कि कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस अनुमान के मुताबिक रही। आगे ऑर्डर के एग्जीक्यूशन पर नजर है। HAL की Q3 आय 7700 करोड़ रुपये रही, जो 10.7% (YoY) बढ़ी और अनुमान के करीब रही। कामकाजी मुनाफा (EBITDA) 1870 करोड़ रुपये (11.2% YoY) रहा और मार्जिन 24.3% रहा। नेट प्रॉफिट (PAT) 1850 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो सालाना आधार पर 29% ज्यादा रहा।
ब्रोकरेज को HAL के भविष्य पर भरोसा है क्योंकि भारत अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है। पुराने उपकरणों के बदलने और मौजूदा वैश्विक तनाव के कारण लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के ऑर्डर बढ़ रहे हैं। FY25-28 के दौरान GE 404 इंजनों की सप्लाई सामान्य होने से Tejas Mk-1A की डिलीवरी में मदद मिलेगी। मित्र देशों से नए ऑर्डर मिलने पर ग्रोथ और तेज हो सकती है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने एचएएल पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है। नया टारगेट 5500 रुपये रखा है। यह शेयर के मौजूदा लेवल से करीब 32 फीसदी ज्यादा है।
ब्रोकरेज का कहना है कि अनुमान के मुताबिक तिमाही रही। HAL की Q3FY26 आय और PAT अनुमान के मुताबिक रहे। कंपनी का ऑर्डर बुक करीब 2.3 लाख करोड़ रुपये है, जो आने वाले समय में मैन्युफैक्चरिंग आय को बढ़ाएगा। GE से 5 इंजन मिलने के बाद HAL इस साल 5 Tejas Mk1A विमान देने को तैयार है और आगे की डिलीवरी के लिए और इंजन का इंतजार है। AMCA प्रोजेक्ट में HAL की भूमिका को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है।
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ब्रोकरेज ने FY26/27/28 के अनुमान 4%/5%/5% घटाए हैं, क्योंकि Tejas Mk1A की डिलीवरी थोड़ी कम रहने का अनुमान है। FY25-28 के बीच आय 22% CAGR से बढ़ने की उम्मीद है, मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से। EBITDA मार्जिन FY26/FY27/FY28 में 29.1%/28.0%/26.8% रहने का अनुमान है। RoE और RoCE FY28 तक क्रमशः 21.6% और 22.1% तक पहुंच सकते हैं।
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि कंपनी के सामने कुछ रिस्क भी हैं, जिनका असर स्टॉक की परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है। इनमें बड़े ऑर्डर अंतिम रूप लेने में देरी, Tejas Mk1A के लिए इंजन जैसे प्रमुख पार्ट्स की डिलीवरी में और देरी रक्षा मंत्रालय से भुगतान में देरी और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी शामिल है।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा (Nuvama) ने भी एचएएल पर BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन FY28 का टारगेट मल्टीपल 38x से घटाकर 30x कर दिया गया है। नया टारगेट प्राइस 4,800 रुपये (पहले 5,800 रुपये) रखा है।
नुवामा का कहना है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने Q3FY26 में 29% सालाना (YoY) शुद्ध मुनाफा (PAT) बढ़ाया। यह बढ़ोतरी 45% YoY ‘अन्य आय’ (Other Income) बढ़ने से हुई। कंपनी की आय (Revenue) 11% YoY बढ़ी और EBITDA मार्जिन 24.3% रहा, जो पिछले साल जैसा ही है। ब्रोकरेज का मानना है कि LCA (लाइट कॉम्बैट एयरक्रॉफ्ट) डिलीवरी में देरी की चिंता पहले ही शेयर कीमत में शामिल हो चुकी है। अगर तेजस की डिलीवरी में तेजी आती है, तो शेयर में दोबारा रेटिंग बढ़ सकती है।
ब्रोकरेज हाउस ICICI सिक्युरिटीज ने एचएएल पर ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखी है। हालांकि टारगेट प्राइस को 5,725 रुपये से घटाकर 5,300 रुपये कर दिया गया है, जो FY28E EPS के 35 मल्टीपल के आधार पर तय किया गया है।
ब्रोकरेज का कहना है कि HAL का तीसरी तिमाही (Q3FY26) का प्रदर्शन कुल मिलाकर बाजार के अनुमान के मुताबिक रहा। साल की शुरुआत से अब तक (YTD) कंपनी की आय में लगभग 11% की बढ़ोतरी हुई है, जो उसके सालाना गाइडेंस 9–10% से थोड़ा बेहतर है।
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ब्रोकरेज का मानना है कि AMCA कार्यक्रम से HAL को बाहर किए जाने की खबर का कंपनी के मध्यम अवधि के भविष्य पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल HAL के पास अपने इतिहास का सबसे बड़ा ऑर्डर बुक है, जो लगभग 2.5–2.6 लाख करोड़ रुपये का है। इसमें 180 Mk1A विमान का ऑर्डर शामिल है, जिसे पूरी रफ्तार से भी पूरा करने में करीब 8 साल लग सकते हैं। इसके अलावा Mk2 प्रोजेक्ट की संभावनाएं भी मौजूद हैं।
HAL ने भारत में SJ-100 विमान बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) भी साइन किया है। इसलिए HAL अगले 10–11 वर्षों के लिए फुली बुक्ड है। ऐसे में AMCA के लिए उसके पास अतिरिक्त क्षमता (बैंडविड्थ) बहुत कम होती। आगे चलकर कंपनी के लिए सबसे अहम बात प्रोजेक्ट्स का समय पर एक्जीक्यूशन रहेगा।
HAL में शुक्रवार को BSE पर करीब 1 फीसदी की मजबूती के साथ 4199.80 पर कारोबार शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे तक के कारोबारी सेशन में स्टॉक 2 फीसदी से ज्यादा उछल गया। इस दौरान स्टॉक ने 4260 का हाई और 4156 का लो बनाया। स्टॉक का 52 हफ्ते का हाई 5,166 और लो 3,046 है। कंपनी का मार्केट कैप 2.84 लाख करोड़ से ज्यादा है।
इस Defence PSU Stock की परफॉर्मेंस की बात की जाए तो एक साल में शेयर करीब 16 फीसदी उछला है। 2 साल का रिटर्न 45 फीसदी और 3 साल का रिटर्न करीब 250 फीसदी के आसपास रहा है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज हाउसेस ने दी है। ये बिजनेस स्टैंडर्ड के विचार नहीं हैं। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)