वर्ष 2025 में सभी तरह के वाहनों के पंजीकरण का कुल आंकड़ा पहली बार 2.8 करोड़ के पार पहुंच गया। यह सालाना आधार पर 7.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।वर्ष 2023 में 2.4 करोड़ वाहनों की रिटेल बिक्री हुई थी। इलेक्ट्रिक वाहनों का पूरे साल शानदार प्रदर्शन रहा।
2025 में भारत में 12 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक दोपहिया पंजीकृत हुए, जो उस साल बेचे गए सभी दोपहिया वाहनों का 6.2 प्रतिशत थे। यह कैलेंडर वर्ष 2024 में बेचे गए 11.4 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों से लगभग 12 प्रतिशत ज्यादा हैं। जहां तक चार पहिया वाहनों की बात है, ‘वाहन’ के आंकड़ों से पता चला है कि वर्ष के दौरान लगभग 170,000 ईवी की खुदरा बिक्री हुई। यह कैलेंडर वर्ष 2024 के दौरान बेचे गए 90,000 वाहनों से लगभग 90 प्रतिशत अधिक है।
इस बीच, वर्ष के दौरान शीर्ष यात्री कार कंपनियों के क्रम में बदलाव देखा। बढ़ोतरी एसयूवी के बल पर आई। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा दूसरे स्थान पर पहुंच गई, जिससे कोरियाई प्रतिद्वंद्वी ह्युंडै मोटर इंडिया चौथे स्थान पर आ गई। मारुति सुजूकी ने यात्री कारों में बाजार दबदबा बरकरार रखा। टाटा मोटर्स पिछले साल की तरह तीसरे स्थान पर बनी रही।
चार ओईएम के लिए कुल पंजीकरण की संख्या लगभग 35 लाख वाहन बढ़ गई जो मजबूत त्योहारी सीजन और एसयूवी की निरंतर मांग के बल पर कैलेंडर वर्ष 2024 की तुलना में सालाना आधार पर लगभग 8.4 प्रतिशत अधिक है।
उद्योग के सूत्रों द्वारा एकत्र वाहन डेटा (तेलंगाना को छोड़कर) से पता चलता है कि मारुति सुजूकी इंडिया ने 17.8 लाख वाहनों के साथ कैलेंडर वर्ष 2025 में अपना दबदबा कायम रखा। उसकी सालाना आधार पर 8.8 फीसदी वृद्धि रही।
मासिक आधार पर मारुति की बिक्री फरवरी में और फिर जून-सितंबर के मॉनसून के महीनों में कम हो गई। लेकिन कंपनी ने अक्टूबर 2025 में तेजी से वापसी की और त्योहारी मांग व नए मॉडलों के बल पर 243,327 वाहनों की उच्चतम मासिक बिक्री दर्ज की।
एमऐंडएम इस साल सबसे ज्यादा बढ़त बनाने वाली कंपनी रही। उसकी बिक्री में साल-दर-साल 20 फीसदी से अधिक इजाफा हुआ और यह 588,994 वाहन तक पहुंच गई, जो उसकी प्रतिस्पर्धी दूसरी कंपनियों में सबसे अच्छी बढ़ोतरी है। टाटा मोटर्स ने 565,982 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले 5.6 प्रतिशत ज्यादा है।