facebookmetapixel
Stocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारी

Maruti Suzuki के चेयरमैन ने दिया बयान, कहा- हाइब्रिड और अन्य हरित ईंधन तकनीक पर नीतिगत खाके का इंतजार

मारुति सुजूकी और टोयोटा जैसी जापानी दिग्गज कंपनियां हाइब्रिड पर कर कटौती के लिए जोर दे रही हैं।

Last Updated- August 04, 2024 | 10:18 PM IST
bhargava

मारुति सुजूकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन आरसी भार्गव ने रविवार को कहा कि कंपनी पेट्रोल और डीजल वाहनों को बदलने तथा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने के लिए मजबूत हाइब्रिड सहित सभी हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार के नीतिगत खाके का इंतजार कर रही है।

देश का लक्ष्य साल 2070 तक कार्बन न्यूट्रल बनना है। वाहन विनिर्माता आगे की बेहतर राह को लेकर विभाजित हैं। मारुति सुजूकी और टोयोटा जैसी जापानी दिग्गज कंपनियां हाइब्रिड पर कर कटौती के लिए जोर दे रही हैं।

उनका तर्क है कि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) अकेले ही उत्सर्जन में कमी का बोझ नहीं उठा सकते। लेकिन टाटा मोटर्स और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा जैसी घरेलू कंपनियों ने इस तरह की कर कटौती का विरोध किया है। वे जोर दे रही हैं कि केवल पूरी रफ्तार से ईवी को बढ़ावा देने से ही भारत की सड़कों को सही मायने में कार्बन मुक्त किया जा सकता है।

देश में ईवी पर केवल पांच प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाया जाता है। हाइब्रिड कारों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। हाल में उत्तर प्रदेश में मजबूत हाइब्रिड वाहनों पर आठ से 10 प्रतिशत का पंजीकरण कर माफ किया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार के 5 जुलाई के आदेश के बाद वाहन उद्योग के भीतर यह विभाजन सामने आया था।

मारुति सुजूकी की रविवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में भार्गव ने कहा है, ‘कुछ लोगों का मानना है कि आपकी कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण में सुस्त रही है। हमने राष्ट्रीय उद्देश्यों को पूरा करने के लिए अधिक विविध पद्धति अपनाने का फैसला किया और हम एक ही चीज पर निर्भर नहीं रहना चाहते थे। सरकार ने भी स्वीकार किया है कि भारत में विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करने की जरूरत है।’

उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश जैसे कुछ राज्य पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुके हैं। अब हम ऐसे नीतिगत खाके का इंतजार कर रहे हैं जो उन सभी तकनीकों को बढ़ावा देगा जिससे पेट्रोल और डीजल कारों को अन्य तकनीकों का इस्तेमाल करने वाली कारों से बदला जा रहा है।’

वर्तमान में मारुति सुजूकी देश में दो मजबूत हाइब्रिड कारें – ग्रैंड विटारा और इनविक्टो बेचती है। वह अगले कुछ महीने में अपनी पहली ईवी बाजार में उतारने की योजना बना रही है। मारुति सुजूकी ने साल 2030-31 तक कुल छह ईवी पेश करने की योजना बनाई है।

कार उद्योग के लिए प्रमुख राष्ट्रीय लक्ष्य कार्बन और ग्रीनहाउस उत्सर्जन तथा आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना है। भार्गव ने कहा कि मारुति सुजूकी ने फैसला लिया है कि देश के आर्थिक और सामाजिक परिवेश तथा देश के भीतर संसाधनों की उपलब्धता के मद्देनजर ग्राहकों को विभिन्न तकनीक वाली और विभिन्न मूल्य स्तरों पर कारें प्रदान करना सबसे अच्छी रणनीति होगी।

ईवी की स्वीकार्यता का तेजी से विस्तार उनकी लागत में कमी तथा चार्जिंग के बुनियादी ढांचे की स्थापना की रफ्तार पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि ऐसा मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर उत्पादन तथा बेहतर तकनीक से होगा।

First Published - August 4, 2024 | 10:18 PM IST

संबंधित पोस्ट