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BFSI Summit 2025: AI का इस्तेमाल जिम्मेदारी से हो, वरना बढ़ सकता है पक्षपात

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BFSI Summit 2025: आज हम जो बैंकिंग कर रहे हैं, उसमें AI का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आने वाला कल बीते कल से बिल्कुल अलग होगा

Last Updated- October 29, 2025 | 7:59 PM IST
BFSI AI

BFSI Summit 2025: रिटेल बैंकिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका लगातार बढ़ रही है, लेकिन बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट 2025 में बुधवार को बैंकिंग सेक्टर के प्रमुखों ने इसके इस्तेमाल में सावधानी बरतने की सलाह दी। फेडरल बैंक के नेशनल हेड – कंज्यूमर बैंकिंग विराट दिवानजी ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकों को पैटर्न पहचानने में मदद कर रही है। लेकिन इसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल जरूरी है, वरना यह पक्षपात (bias) पैदा कर सकती है।”

‘टेक्नोलॉजी और AI का रिटेल बैंकिंग पर प्रभाव’ विषय पर बिजनेस स्टैंडर्ड की एक्जिक्यूटिव एडिटर निवेदिता मुखर्जी से बातचीत में दिवानजी ने कहा, “कस्टमर सर्विस वह पहला क्षेत्र है, जहां बैंक अपने ग्राहकों का भरोसा जीतता है। सिर्फ टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से यह भरोसा नहीं जीता जा सकता। आने वाले समय में यह इस बात पर निर्भर करेगा कि बैंक AI का कितना जिम्मेदारी से उपयोग करते हैं।”

चर्चा का केंद्र बिंदु बैंकिंग पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के परिवर्तनकारी प्रभाव था, जिसमें खास तौर पर इसके कस्टमर सर्विस, फ्रॉड डिटेक्शन और लेंडिंग में बढ़ते उपयोग पर जोर दिया गया।

Also Read: BFSI Summit 2025: भारत बन रहा ग्लोबल बैंकों का पसंदीदा बाजार, लुभा रहे नियामकीय सुधार

कल की दुनिया होगी अलग

डीबीएस बैंक इंडिया के एमडी और हेड – कंज्यूमर बैंकिंग ग्रुप अंबुज चांदना ने कहा, “आज हम जो बैंकिंग कर रहे हैं, उसमें AI का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। मेरा मानना है कि आने वाला कल बीते कल से बिल्कुल अलग होगा।”

ग्राहकों का भरोसा जीतना जरूरी

दिवानजी ने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल गति के लिए किया जाएगा और इंसानों की भूमिका भरोसे के लिए होगी। यही दोनों ग्राहक अनुभव (customer experience) के केंद्र बिंदु होंगे।

ग्राहक विश्वास के पहलू पर विस्तार से बताते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजय मुदालियार ने कहा, “ग्राहक का विश्वास समय के साथ बनता है—इस पर निर्भर करता है कि बैंक किस तरह तकनीक का इस्तेमाल करके अपने ग्राहकों की सेवा करते हैं, कितनी कुशलता से शिकायतों का समाधान करते हैं, बातचीत को मैनेज करते हैं और सकारात्मक अनुभव सुनिश्चित करते हैं। बैंकों के पास उपलब्ध विशाल डेटा को देखते हुए, AI जैसी तकनीकें उस भरोसे को प्रबंधित और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।”

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First Published - October 29, 2025 | 7:56 PM IST

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