facebookmetapixel
LIC Scheme: 10वीं पास महिलाओं के लिए खास स्कीम, हर महीने ₹7,000 तक की कमाई का मौकासीमेंट कंपनियों की बल्ले-बल्ले! दिसंबर तिमाही में मुनाफा 65% तक बढ़ने की उम्मीद, ब्रोकरेज ने चुने 3 स्टॉक्सनया साल, नया मनी प्लान! निवेश, बचत और वेल्थ बनाने की रणनीति, याद रखें एक्सपर्ट के 4 टिप्सCIBIL स्कोर अच्छा होने के बावजूद क्रेडिट कार्ड क्यों होता है रिजेक्ट? एक्सपर्ट ने बताए कारणभारत की सर्विसेज PMI दिसंबर में 11 महीने के निचले स्तर पर, नए ऑर्डर में दिखी सुस्ती2026 तक 52 डॉलर तक गिर सकता है कच्चा तेल? रुपये में भी लौटेगी मजबूती! जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्टSenior Citizen FD Rates: PSU, Private या SFB, कौन दे रहा है सीनियर सिटीजन को सबसे ज्यादा ब्याज?Q3 अपडेट के बाद 4% टूटा दिग्गज FMCG शेयर, लेकिन ब्रोकरेज को भरोसा; ₹625 के दिए टारगेटअमेरिका-वेनेजुएला तनाव के बीच सोना-चांदी में ताबड़तोड़ तेजी, एक्सपर्ट ने बताया- इन धातुओं में कितना निवेश करेंGold silver price today: चांदी फिर 2.50 लाख पार, सोना भी हुआ महंगा; चेक करें आज के रेट

ब्रिटेन की AEM भारत में लाएगी रेयर-अर्थ और कॉपर-फ्री मोटर टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी नई रफ्तार

ब्रिटेन की एईएम ने भारत में दुर्लभ मैग्नेट और कॉपर-फ्री इलेक्ट्रिक मोटर टेक्नोलॉजी के साथ प्रवेश कर टिकाऊ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नया विकल्प देने की दिशा में कदम बढ़ाया।

Last Updated- July 11, 2025 | 10:49 PM IST
electric vehicles
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अधिक टिकाऊ और भू-राजनीतिक रूप से स्वतंत्र बनाने के प्रयास में ब्रिटेन की एडवांस्ड इलेक्ट्रिक मशीन्स (एईएम) अपनी रेयर-अर्थ और कॉपर-फ्री इलेक्ट्रिक मोटर प्रौद्योगिकी के साथ भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र में प्रवेश कर रही है।

कंपनी ने स्टर्लिंग टूल्स की ईवी इकाई, स्टर्लिंग जीटेक इलेक्ट्रो मोबिलिटी (एसजीईएम) के साथ साझेदारी की है ताकि एसजीईएम के फरीदाबाद संयंत्र में अपने ट्रैक्शन मोटर के उत्पादन और असेंबली को स्थानीय बनाया जा सके। इस वर्ष की शुरुआत में घोषित एईएम और एसजीईएम के बीच प्रौद्योगिकी लाइसेंसिंग समझौते से एईएम के स्वामित्व वाले हाई डेंसिटी रीलक्टेंस मोटर्स (एचडीआरएम) के निर्माण की सुविधा मिलेगी, जो ट्रैक्शन मोटर्स की एक नई श्रेणी है।

Also Read: वर्टिस इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट BOT और HAM मॉडल की कई सड़क परियोजनाओं के अधिग्रहण की बना रहा है योजना

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक रूप से करीब 85 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहन पयार्वरण संबंधित और आपूर्ति श्रृंखला संबंधित चिंताओं के बावजूद अपनी मोटरों में नियोडाइमियम और डाइसप्रोसियम जैसी दुर्लभ मैग्नेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। एईएम का एचडीआरएम प्लेटफॉर्म इन एलीमेंट की जरूरत दूर करता है और इसके बजाय एल्युमीनियम वाइंडिंग का इस्तेमाल करता है जिसमें कंडक्टर भार 60 फीसदी तक घट जाता है, मैटेरियल लागत में 90 प्रतिशत तक की कटौती होती है और रीसाइक्लिंग प्रक्रिया आसान हो जाती है। ये मोटरें ऊंचे पावर-टु-वेट अनुपात और सभी ड्राइव साइकल में बेहतर ऊर्जा दक्षता भी प्रदर्शित करती हैं, जिससे कुछ मामलों में ईवी रेंज में 12-15 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है। एईएम के मुख्य कार्याधिकारी जेम्स विडमर ने कहा, ‘दुर्लभ मैग्नेट और कॉपर पर निर्भरता न तो आर्थिक रूप से और न ही पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ है।’

Also Read: ट्रेडिंग वॉल्यूम घटने से NSE और BSE के शेयर फिसले, टर्नओवर में 20% तक गिरावट

उन्होंने कहा, ‘एचडीआरएम के साथ, हम आईपीएम मोटरों का एक डायरेक्ट, ड्रॉप-इन विकल्प पेश कर रहे हैं जिसमें दक्षता या प्रदर्शन से कोई समझौता नहीं करने की जरूरत होगी।’ एईएम की मोटरों का पूरे यूरोप और एशिया में पहले से ही वाणिज्यिक रूप से इस्तेमाल हो रहा है। इन्हें ई-बसों, ट्रकों और ट्रेनों में इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी को एसएएफ-हॉलैंड जैसे वैश्विक टियर 1 आपूर्तिकर्ताओं से मान्यता मिल गई है और अब वह वाणिज्यिक और यात्री वाहन खंडों में भारतीय ओईएम से बात कर रही है।

First Published - July 11, 2025 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट